Highlights
- कोरोना वायरस के संक्रमण का इलाज करने वाली दवा मॉलन्यूपीरावियर (molnupiravir) भी मार्केट में आने वाली है।
- कोरोना के इलाज में असरदार मैनकाइंड फार्मा की दवा अगले सप्ताह तक Molulife ब्रैंड नेम से मार्केट में उतर सकती है।
- एक दिन की दवा की कीमत करीब 375 रुपये होगी और इसका 5 दिन का कोर्स होगा।
नई दिल्ली: कोरोना वायरस के डेल्टा वेरिएंट के बाद अब दुनिया ओमिक्रॉन वेरिएंट से खौफजदा है। वायरस का यह नया वेरिएंट काफी तेजी से फैल रहा है और वायरस भी इससे अछूता नहीं है। इस बीच एक अच्छी खबर यह है कि कोरोना वायरस के संक्रमण का इलाज करने वाली दवा मॉलन्यूपीरावियर (molnupiravir) भी मार्केट में आने वाली है। इस बात की संभावना जताई जा रही है कि कोरोना के इलाज में असरदार मैनकाइंड फार्मा की यह दवा अगले सप्ताह तक मार्केट में आ जाए। मैनकाइंड फार्मा इस दवा को Molulife ब्रैंड नेम से मार्केट में उतारेगी।
Related Stories
बहुत महंगी नहीं होगी कोरोना की दवा
मैनकाइंड फार्मा ने साफ-साफ कहा है कि अगले हफ्ते के शुरू में Molulife ब्रैंड नेम वाली यह दवा मार्केट में आ जाएगी। यह दवा बहुत मंहगी नहीं होगी और एक टैबलेट की कीमत 28 रुपये से 35 रुपये के बीच होगी। एक दिन की दवा की कीमत करीब 375 रुपये होगी और इसका 5 दिन का कोर्स होगा। ऐसे में कोरोना के इलाज में इस दवा का खर्च कुल 1400 रुपये होगा। कंपनी ने कहा है कि ये दवा पूरे देश में मिलेगी और इसकी कोई कमी नहीं होगी। चूंकि DCGI इस दवा के इमरजेंसी यूज को मंजूरी पहले ही दे चुकी है इसलिए अब इसको मार्केट में उतारने में कोई दिक्कत नहीं है।
ऐसा बढ़ाई जाएगी दवा की प्रॉडक्शन
कोरोना के खिलाफ काम करने वाली इस एंटी वायरल ड्रग की एक गोली 35 रुपये की हो सकती है और पांच दिन का कोर्स 1399 रुपये का हो सकता है। देश में तेजी से कदम बढ़ा रहे वायरस को मात देने के लिए इस दवा की मांग बहुत ज्यादा हो सकती है। ऐसे में दवा की कमी न हो, इसलिए मैनकाइंड फार्मा के साथ-साथ 13 अन्य कंपनियां भी इस ओरल ड्रग का प्रोडक्शन करेंगी। molnupiravir ड्रग का एक हजार मरीजों पर ट्रायल किया गया था और इसके काफी बेहतर नतीजें मिले थे।
इंफ्लुएंजा के इलाज के लिए हुई थी दवा की खोज
बता दें कि molnupiravir एक एंटी-वायरल ड्रग है जिसकी खोज इन्फ्लुएंजा के इलाज के लिए हुई थी, लेकिन जब कोरोना के मरीजों पर भी इसका टेस्ट किया गया तो इसके बेहतर नतीजे मिले। ऐसे में माना जा रहा है कि कोरोना की इस दवा के मार्केट में आ जाने से यह वायरस लाइलाज नहीं रहेगा और इससे लड़ाई आसान हो जाएगी।