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MonkeyPox News: आंध्र प्रदेश में मंकीपॉक्स का पता लगाने के लिए पहला स्वदेशी किट पेश किया

 Edited By: Pankaj Yadav
 Published : Aug 19, 2022 08:51 pm IST,  Updated : Aug 19, 2022 08:51 pm IST

MonkeyPox News: मंकीपॉक्स की टेस्टिंग के लिए पहला स्वदेशी किट पेश किया गया है। ट्रांस एशिया एरबा मंकीपॉक्स RT-PCR किट बेहद संवेदनशील किंतु इस्तेमाल में आसान है।

Monkeypox Testing Kit- India TV Hindi
Monkeypox Testing Kit

Highlights

  • मंकीपॉक्स की टेस्टिंग के लिए बनाया गया RT-PCR किट
  • ट्रांस एशिया बायो मेडिकल्स ने बनाया है यह किट
  • किट के जरिए जल्द ही संक्रमण का पता लगाया जा सकेगा

MonkeyPox News: मंकीपॉक्स की टेस्टिंग के लिए पहला स्वदेशी निर्मित RT-PCR किट आंध्र प्रदेश के मेडटेक जोन में शुक्रवार को पेश किया गया। ट्रांस एशिया बायो मेडिकल्स द्वारा विकसित इस किट का अनावरण, केंद्र सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार अजय कुमार सूद ने किया। ट्रांस एशिया एरबा मंकीपॉक्स RT-PCR किट बेहद संवेदनशील किंतु इस्तेमाल में आसान है। ट्रांस एशिया के संस्थापक अध्यक्ष सुरेश वजीरानी ने कहा कि इस किट की सहायता से संक्रमण का जल्दी पता लगया जा सकेगा। 

मंकीपॉक्स के उपचार में इस कारण आ रही बाधा

शोधकर्ताओं की एक अंतर्राष्ट्रीय टीम के नेतृत्व में एक समीक्षा के अनुसार, मंकीपॉक्स पर हाई क्वालिटी, अप टू डेट क्लिनिकल Guidance की कमी दुनियाभर में संक्रमण के प्रभावी और सुरक्षित उपचार में बाधा उत्पन्न कर रही है। ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड, ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी और लिवरपूल स्कूल ऑफ ट्रॉपिकल मेडिसिन के शोधकर्ताओं ने कहा कि मौजूदा मार्गदर्शन में पर्याप्त विवरण का अभाव है, यह विभिन्न समूहों को शामिल करने में विफल है और विरोधाभासी है। उन्होंने कहा कि गाइडलाइन्स स्पष्ट न होने से मंकीपॉक्स के रोगियों का इलाज करने वाले चिकित्सकों के बीच अनिश्चितता है, जो रोगी की देखभाल को प्रभावित कर सकती है। टीम ने अक्टूबर 2021 के मध्य से मई 2022 के बीच कई भाषाओं में प्रकाशित प्रासंगिक सामग्री के लिए छह प्रमुख शोध डेटाबेस की खोज की। 

'मंकीपॉक्स' नाम कैसे पड़ा?

1958 में पहली बार 'मंकीपॉक्स' वायरस नाम दिया गया था। प्रमुख प्रकारों की पहचान उन भौगोलिक क्षेत्रों द्वारा की गई थी। जहां इसका प्रकोप हुआ था। डब्ल्यूएचओ ने जुलाई के अंत में आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि बहु-देशीय मंकीपॉक्स का प्रकोप इस समय अंतरराष्ट्रीय चिंता का एक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल बन गया है। बुधवार को प्रकाशित मंकीपॉक्स के प्रकोप पर डब्ल्यूएचओ की स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर के 89 देशों और क्षेत्रों में अब तक 27,814 प्रयोगशाला-पुष्टि के मामले सामने आए हैं। इस बीमारी से 11 मौतें हुई हैं, जिनमें यूरोप और अमेरिका सबसे अधिक प्रभावित हुआ है।

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