लोकसभा में आज वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने पर विशेष चर्चा हो रही है। इस मौके पर स्वतंत्रता आंदोलन में इस देशभक्ति गीत की भूमिका और भारत की सांस्कृतिक विरासत पर चर्चा की जाएगी। चर्चा की शुरुआत दोपहर 12 बजे पीएम मोदी ने की। लोकसभा में वंदे मातरम पर चर्चा के लिए 10 घंटे का वक्त तय किया गया है। इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अनुराग ठाकुर सरकार की तरफ से वंदे मातरम पर पक्ष रखेंगे। वहीं, विपक्ष की ओर से गौरव गोगोई, प्रियंका वाड्रा, दीपेंद्र हुड्डा, विमल अकोइजम, प्रणिती शिंदे, प्रशांत पडोले, चमाला रेड्डी और ज्योत्सना महंत पक्ष रखेंगे। चर्चा के दौरान पीएम मोदी के उस बयान पर हंगामा होने के आसार हैं जिसमें पीएम मोदी ने कांग्रेस पर 1937 में इस गीत से प्रमुख छंदों को हटाने और विभाजन के बीज बोने का आरोप लगाया था। यही वजह है कि चर्चा से पहले ही कांग्रेस और बीजेपी वंदे मातरम् के मुद्दे पर आमने-सामने आ गई है।
केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने तिरुवनंतपुरम स्थित पोलिंग बूथ पर केरल स्थानीय निकाय चुनावों के लिए अपना वोट डाला। सुरेश गोपी सुबह-सुबह अपनी पत्नी राधिका नायर के साथ वोट डालने के लिए पहुंचे थे। वे वोटरों के बीच कतार में अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।
केरल स्थानीय निकाय चुनावों के लिए पहले फेज की हो रही वोटिंग के दौरान केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता वी.डी. सतीशन कोच्चि में वोट डालने एक पोलिंग बूथ पर पहुंचे। स्थानीय निकाय चुनाव दो चरणों में हो रहे हैं। पहले चरण का चुनाव आज हो रहा है।
AAP दिल्ली के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने 'वंदे मातरम' पर कहा, "वंदे मातरम' के 150 साल पूरे होने पर जो सबसे बड़ा उपहार पीएम मोदी देश को दे सकते हैं वो Pok को वापस लाया जाए और चीन ने जो जमीन हथियाई है उसे वापस लिया जाए वरना बाकि सब बाते हैं। आप कुछ बोल दे और विपक्ष कुछ बोल दे, थोड़े देर टीवी पर बहस हो जाए उससे क्या होता है,वंदे मातरम तभी असली तरीके से होगा जब ये जमीन वापस लाया जाएगा।
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर लोकसभा में संबोधन पर कहा, "यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि हमारे राष्टीय गीत वंदे मातरम् को विवादित करने की कोशिश की जा रही है। यह चर्चा कभी नहीं होनी चाहिए थी…"
वंदे मातरम' के 150 साल पूरे होने पर लोकसभा में बहस के दौरान, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, "वंदे मातरम सिर्फ़ बंगाल तक ही सीमित नहीं था। यह पूरे भारत में, उत्तर से दक्षिण, पूरब से पश्चिम तक फैल गया। पंजाब, तमिलनाडु और बॉम्बे प्रेसीडेंसी में भी लोगों ने वंदे मातरम का नारा लगाना शुरू कर दिया। यह सिर्फ़ भारत में ही नहीं था; देश के बाहर भी, वंदे मातरम विदेश में रहने वाले भारतीयों के लिए एक मंत्र की तरह था। भारतीय जहां भी थे, लंदन, पेरिस, जिनेवा, कनाडा, वे वंदे मातरम का नारा लगाते रहे..."
वंदे मातरम् पर चर्चा के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में कहा कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का बराबर सम्मान है। जन-गण-मन और वंदे मातरम् भारत माता की दो आंखें हैं। वंदे मातरम् राजनीतिक नहीं है।
राजनाथ सिंह ने लोकसभा में कहा कि वंदे मातरम् पर पुरानी गलतियों का सुधारना होगा। वंदे मातरम् किसी धर्म से नहीं जुड़ा हुआ है। कट्टरपंथियों ने इसे सांप्रदायिक रंग दिया।
राजनाथ सिंह ने कहा कि वंदे मातरम् स्वराज का मंत्र है। इसे सम्मान दिलाना हमारा प्रण है। जो संस्कृति नहीं समझते वो वंदे मातरम् को क्या समझेंगे।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी लोकसभा में वंदे मातरम् पर चर्चा में हिस्सा लिया। राजनाथ सिंह ने कहा कि वंदे मातरम् इतिहास और वर्तमान से जुड़ा हुआ है। वंदे मातरम् ने देश को जगाया है। ये सिर्फ बंगाल से नहीं जुड़ा है। वंदे मातरम् ने ब्रिटिश साम्राज्य को झुकाया है।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा- "आप (भाजपा) चुनाव के लिए हैं, हम देश के लिए हैं। हम चाहे कितने भी चुनाव हार जाएं, हम यहीं बैठेंगे और आपसे और आपकी विचारधारा से लड़ते रहेंगे। हम अपने देश के लिए लड़ते रहेंगे। आप हमें नहीं रोक सकते।"
लोकसभा में वंदे मातरम् पर चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी ने कहा कि देश का युवा परेशान है। देश में महंगाई, बेरोजगारी पर चर्चा होनी चाहिए।
लोकसभा में वंदे मातरम् पर प्रियंका गांधी के भाषण दौरान हंगामा देखने को मिला। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रियंका गांधी को वंदे मातरम् पर बात करने को कहा।
प्रियंका गांधी ने लोकसभा में कहा कि एक दिन नेहरू जी पर भी बहस होनी चाहिए। अगर उन्होंने ISRO न बनवाया होता तो आज हमारा मंगलयान न होता। कांग्रेस ने ही वंदे मातरम् को राष्ट्रीय गीत घोषित किया।
प्रियंका गांधी ने सरकार पर पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। प्रियंका ने कहा कि नेहरू जी ने देश के लिए अपना जीवन दिया। वह देश की आजादी के लिए 12 साल तक जेल में रहे। उन्होंने ISRO, DRDO, एम्स, आईआईटी आदि का निर्माण कराया।
प्रियंका गांधी ने कहा- जिन्होंने स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी, देश के लिए कुर्बानियां दीं, ये सरकार उन पर नए आरोप लादने का मौका चाहती है। ऐसा कर मोदी सरकार देश का ध्यान जनता के जरूरी मुद्दों से भटकाना चाहती है।
प्रियंका गांधी ने सदन में भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि हम चाहे कितने भी चुनाव हार जाए लेकिन यहीं बैठे रहेंगे और आपकी विचारधारा से लड़ते रहेंगे।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने लोकसभा में कहा कि वंदे मातरम् पर बहस की क्या जरूरत है। सरकार जनता का ध्यान भटकाना चाहती है। बंगाल चुनाव के कारण वंदे मातरम् पर बहस हो रही है।
लोकसभा में वंदे मातरम् पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि वंदे मातरम् से साहस की याद आती है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् देश की आत्मा का हिस्सा है।
भाजपा सांसद संजय जयसवाल ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने वंदे मातरम् और उसको लेकर इतिहास में जो घटनाएं घटीं और देश की आजादी में जिनका योगदान रहा उन सबको श्रद्धांजलि दी। उन्होंने अपनी बातों को अच्छे से रखा...संसद के इतिहास में उनका यह भाषण हमेशा याद रखा जाएगा..."
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा, "वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर सदन में हुई चर्चा में प्रधानमंत्री मोदी ने देश की जनता को वंदे मातरम् के इतिहास, वंदे मातरम् के सांस्कृतिक महत्व की जानकारी दी। उनका भाषण एक ऐतिहासिक दस्तावेज बना है जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा भी देगा और जानकारी भी देगा। वंदे मातरम् करोड़ों भारतवासियों के लिए एनर्जी है तो कुछ लोगों के लिए एलर्जी है। कुछ लोग आज सदन में नजर नहीं आए...राहुल गांधी और प्रियंका गांधी आज सदन में मौजूद नहीं थे…"
कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने संसद में वंदे मातरम पर बहस पर कहा, "150 साल बाद वंदे मातरम पर बहस की ज़रूरत पड़ी? देश को आज़ाद हुए 75 साल हो गए, तब न तो इन्होंने और न ही जनसंघ ने कभी यह मुद्दा उठाया, और फिर यह किसका प्रस्ताव था? रवींद्रनाथ टैगोर का। भाजपा रवींद्रनाथ टैगोर का अपमान करने की कोशिश कर रही है। वे जवाहरलाल नेहरू को गाली देते रहते हैं, लेकिन अब उन्होंने रवींद्रनाथ टैगोर का भी अपमान करना शुरू कर दिया है।"
मुंबई, महाराष्ट्र: शिवसेना(UBT) नेता आनंद दुबे ने कहा, "वंदे मातरम् को 150 वर्ष पूर्ण हुए हैं, हम इसके लिए सभी देशवासियों को शुभकामनाएं देते हैं... यह केवल गीत नहीं बल्कि इसका मतलब है कि हम अपनी मां की वंदना कर रहे हैं... संसद में इसकी चर्चा होनी चाहिए... हम सरकार से सवाल पूछते हैं कि इसे गाने के लिए राज्य सभा में रोक क्यों लगाई गई है? हम समझते हैं कि देश सबसे महान है... इसे राज्य सभा में भी गाया जाना चाहिए..."
भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर लोकसभा में संबोधन पर कहा, "आज भारत की संसद में एक बहुत ऐतिहासिक बहस हुई है। वंदे मातरम् की विरासत को प्रधानमंत्री मोदी ने बहुत विस्तार से बताया है... पूरे देश को यह सीखने और समझने का अवसर मिला है... प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि पावन राष्ट्रभक्ति के भाव के इस गीत को इसलिए तोड़ा गया क्योंकि मोहम्मद अली जिन्ना को इससे नफरत थी और पंडित नेहरू झुक गए थे। कांग्रेस का यह तुष्टीकरण आज तक चल रहा है..."
लोकसभा में गौरव गोगोई के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा, ''सत्ता पक्ष हर चीज पर कब्जा करना चाहता है। ये लोग हर बात का श्रेय लेना चाहते हैं। जो महापुरुष इनके नहीं हैं, ये उन्हें भी कब्जाने की कोशिश करते हैं। इनकी बातों से लगता है कि वंदे मातरम इन्हीं का बनवाया हुआ गीत है।''
पीएम मोदी के बाद कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने वंदे मातरम् पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा, ''प्रधानमंत्री के आज के भाषण से दो ही बातें समझ आईं। पहला- ऐसा लगा जैसे उनके राजनीतिक पूर्वज ही अंग्रेजों से लड़ रहे थे। दूसरा- पूरा वंदे मातरम को राजनीतिक रूप से विवादित करना चाहते हैं।''
गौरव गोगोई ने कहा, 'आप हर बार नेहरू जी और कांग्रेस पर निशाना साधते हैं लेकिन जितनी कोशिश कर लें, नेहरू जी पर दाग नहीं लगा पाएंगे।
कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने कहा, "क्या संसद में हम प्राचीन इतिहास पढ़ने आए हैं? अगर इस इतिहास से प्रदुषण कम होता है तो इतिहास पढ़ाइए... आज एयरपोर्ट पर जो लोगों को इंतजार करना पड़ रहा है, 4 गुना कीमत पर जाना पड़ रहा है, क्या इस भाषण से इन मुद्दों का समाधान हो रहा है? वंदे मातरम् हमने भी पढ़ा है लेकिन उसकी आड़ में आप सिर्फ एक पार्टी पर दोषारोपण कर रहे हैं और वर्तमान में जो हो रहा है जिस तरह प्रदुषण है, एयरपोर्ट पर समस्या है उसपर जवाब क्यों नहीं दे रहे?"
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने लोकसभा में वंदे मातरम पर बहस के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण पर कहा, "प्रधानमंत्री एक जवाब दे दें, जब देश की आज़ादी की लड़ाई पंडित जवाहरलाल नेहरू, महात्मा गांधी के नेतृत्व में लड़ी जा रही थी, अंग्रेजों भारत छोड़ो का नारा दिया गया था तब आपकी मातृ संस्था RSS अंग्रेजों की फौज में भर्ती होने, अंग्रेजों का साथ देने को क्यों कह रही थी?"
पिछली सदी में वंदे मातरम् के साथ विश्वासघात हुआ। इसे विवादों में घसीटा गया। मुस्लिम लीग ने इसका विरोध किया। जिन्ना ने 1937 में इसका विरोध किया लेकिन नेहरू ने मुस्लिम लीग की निंदा नहीं की। जिन्ना के विरोध के बाद नेहरू को कुर्सी का खतरा लगा। जिन्ना के विरोध के बाद नेहरू को डर लगा क्योंकि वंदे मातरम् के कुछ शब्दों पर मुस्लिमो को ऐतराज था। कांग्रेस ने इसकी समीक्षा की बात की। कांग्रेस ने वंदे मातरम् के टुकड़े कर दिए। कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के दबाव में फैसला लिया- पीएम मोदी
जो वंदे मातरम् 1905 में महात्मा गांधी को राष्ट्रगान के रूप में दिखता था। वंदे मातरम् इतना महान था, इसकी भावना इतनी महान थी तो फिर पिछली सदी में इसके साथ इतना बड़ा अन्याय क्यों हुआ? वंदे मातरम् के साथ विश्वासघात क्यों हुआ? वह कौनसी ताकत थी जिसकी इच्छा पूज्य बापू की भावना पर भारी पड़ गई जिसने वंदे मातरम् जैसी पवित्र भावना को विवादों में घसीट दिया- पीएम मोदी
बंगाल का विभाजन तो हुआ लेकिन बहुत बड़ा स्वदेशी आंदोलन हुआ और तब वंदे मातरम् हर जगह गूंज रहा था। अंग्रेज समझ गए थे कि बंगाल की धरती से निकला बंकिम बाबू का यह भाव सूत्र जो उन्होंने तैयार किया था उसने अंग्रेजों को हिला दिया था। इस गीत की ताकत इतनी थी कि अंग्रेजों को इस गाने पर प्रतिबंध लगाने पर मजबूर होना पड़ा था। गाने और छापने पर ही नहीं वंदे मातरम् शब्द बोलने पर भी सजा, इतने कठोर कानून लागू किए थे- पीएम मोदी
पीएम मोदी लोकसभा में वंदे मातरम पर बोल रहे हैं लेकिन विपक्ष के नेता राहुल गांधी सदन में अपनी सीट पर नहीं है। प्रियंका भी सीट पर नहीं हैं। बता दें कि वंदे मातरम् बहस से जुड़े शेड्यूल के मुताबिक, सत्ताधारी NDA सदस्यों को लोकसभा में इसके लिए तय कुल 10 घंटों में से 2 घंटे दिए गए हैं।
बंकिम चंद्र चटर्जी को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा, वंदे मातरम् की शुरुआत बंकिम चंद्र चटोपाध्याय ने 1875 में की थी, यह गीत उस समय लिखा गया था जब 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के बाद अंग्रेज सल्तनत बौखलाई हुई थी, भारत पर भांति-भांति के दबाव डाल रही थी, भांति-भांति के जुल्म कर रही थी। उस समय उनके राष्ट्र गीत को घर-घर तक पहुंचाने का षड्यंत्र चल रहा था, ऐसे समय में बंकिम चंद्र चटोपाध्याय ने ईंट का जवाब पत्थर से दिया और उसमें से वंदे मातरम् का जन्म हुआ।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "वंदे मातरम् 150 की यह यात्रा अनेक पड़ावों से गुजरी है लेकिन वंदे मातरम् को जब 50 वर्ष हुए तब देश गुलामी में जीने के लिए मजबूर था और वंदे मातरम् के जब 100 साल हुए तब देश आपातकाल की जंजीरों में जक़ड़ा हुआ था। जब वंदे मातरम् 100 साल का हुआ तब देशभक्ति के लिए जीने-मरने वाले लोगों को सलाखों के पीछे बंद कर दिया गया था। जिस वंदे मातरम् के गीत ने देश को आजादी की ऊर्जा दी थी उसके जब 100 साल हुए तो दुर्भाग्य से एक काला कालखंड हमारे इतिहास में उजागर हो गया...150 वर्ष उस महान अध्याय को, उस गौरव को पुनर्स्थापित करने का अवसर है।"
पीएम मोदी ने कांग्रेस पर बड़ा वार करते हुए कहा, ''जब वंदे मातरम् के 100 साल पूरे हुए थे, तब देश आपातकाल के जाल में जकड़ा हुआ था। उस समय संविधान का गला घोंट दिया गया था।''
यही वंदे मातरम् है जिसने 1947 में देश को आजादी दिलाई। स्वतंत्रता संग्राम का भावात्मक नेतृत्व इस वंदे मातरम् के जयघोष में था। यहां कोई पक्ष-प्रतिपक्ष नहीं है, हम सबके लिए यह रण स्वीकार करने का अवसर है, जिस वंदे मातरम् के कारण हमारे लोग आजादी का आंदोलन चला रहे थे उसी का परिणाम है कि आज हम सब यहां बैठे हैं- पीएम मोदी
मैं सभी का आभार करता हूं कि हमने इस महत्वपूर्ण अवसर पर एक सामूहिक चर्चा का रास्ता चुना है। जिस मंत्र, जिस जयघोष ने देश के आजादी के आंदोलन को ऊर्जा, प्रेरणा दी थी, त्याग और तपस्या का मार्ग दिखाया था उस वंदे मातरम् का स्मरण करना हम सबका सौभाग्य है। हमारे लिए गर्व की बात है कि वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के इस ऐतिहासिक अवसर के हम साक्षी बन रहे हैं- PM मोदी
राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने के मौके पर पीएम मोदी ने चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा, ''हमारे लिए गर्व की बात है कि इस ऐतिहासिक अवसर के हम साक्षी बन गए हैं। एक ऐसा कालखंड जो हमारे सामने इतिहास की अनगिनत घटनाओं को अपने सामने लेकर आता है। ये एक ऐसा अध्याय है जिससे इतिहास के कई पन्ने हमारे सामने उजागर हुए हैं।''
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में पहुंच गए हैं। सांसद वंदे मातरम के नारे लगा रहे हैं। राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने के मौके पर आज लोकसभा में चर्चा शुरू हुई, जिसके पहले वक्ता पीएम मोदी हैं।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने संसद में 'वंदे मातरम्' की 150वीं वर्षगांठ पर विशेष चर्चा पर कहा, "गाने से ज्यादा निभाना जरूरी है। सामाजिक न्याय में सरकार आज कहां खड़ी है? लोगों को लगभग 50000 रुपए की टिकट खरीदनी पड़ रही है, तो ये किस दिशा में देश को लेकर जा रहे हैं। हम सामाजिक न्याय की दिशा में कितना आगे बढ़े हैं?"
यह अच्छी बात है कि पीएम मोदी वंदे मातरम् पर चर्चा करेंगे। ‘वंदे मातरम’ और ‘जय हिंद’ देश की संस्कृति और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े नारे हैं। लेकिन वही सरकार जिसने राज्यसभा में इन नारों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध संबंधी अधिसूचना जारी की थी, जब इन्हीं पर चर्चा करती है तो यह कुछ हास्यास्पद लगता है। उम्मीद है कि वंदे मातरम् पर व्यापक और सार्थक चर्चा होगी- शिवसेना (UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी
वंदे मातरम् पर संसद में नहीं तो कहां होगी चर्चा होगी। कुछ लोग वंदे मातरम् को नहीं बाबरी को मानते हैं। वंदे मातरम् भारत की विरासत है और इस पर चर्चा जरूरी है- केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह
कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल, मनीष तिवारी, वर्षा गायकवाड़,मोहम्मद जावेद,उज्ज्वल रमन सिंह, ईसा खान, रवि मल्लू, इमरान मसूद, गोवाल पदवी, ज्योतिमणि वंदेमातरम् में चर्चा पर सदन में बोलेंगे।
संसद में वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने पर होने वाली चर्चा पर DMK सांसद कथिर आनंद ने कहा, "हम चर्चा करने जा रहे हैं, और DMK तर्कों के साथ अपनी बात रखेगी; हम देखेंगे कि बाद में क्या होता है।"
राज्यसभा सांसद सुधा मूर्ति ने कहा, "मैं संसद में 'वंदे मातरम्' की 150 वीं वर्षगांठ पर विशेष चर्चा पर में हिस्सा लूंगी और मैं बहुत खुश हूं क्योंकि यह सिर्फ एक गीत नहीं है, यह राष्ट्रवाद की भावना जगाता है और यह 150 साल पहले हुआ था जब हमारा देश आज़ाद नहीं था, इस गीत ने सभी को एकजुट किया था।"
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने संसद में 'वंदे मातरम्' की विशेष चर्चा पर कहा, "अगर भारत के सबसे बड़े लोकतंत्र के मंदिर में वंदे मातरम् पर चर्चा नहीं होगी, तो कहां होगी? वंदे मातरम् अपनी 150वीं वर्षगांठ मना रहा है। आज़ादी का यह गीत बंगाल की धरती से था; इस पर चर्चा होनी चाहिए। यह भारत की विरासत है"
जानकारी के मुताबिक वंदेमातरम् को लेकर चर्चा की शुरुआत पीएम मोदी करेंगे। वहीं बीजेपी की ओर से अनुराग ठाकुर, बिप्लब देव,बांसुरी स्वराज, डॉ. संबित पात्रा,तेजस्वी सूर्या, संतोष पांडे, सौमित्र खान और राजनाथ सिंह इस चर्चा में पार्टी का पक्ष रखेंगे।
भाजपा के लोकसभा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने पूर्व पीएम जवाहरलाल नेहरू पर पर हमला बोला है। उन्होंने कहा, ''नेहरू ने वंदे मातरम से कई लाइन हटवाई। उन्होंने कहा था कि मुस्लिम समाज 'इरिटेट' होगा। वंदे मातरम समझने के लिए शब्दकोश की मदद लेनी पड़ी थी।''
विपक्ष की ओर से गौरव गोगोई, प्रियंका वाड्रा, दीपेंद्र हुड्डा, विमल अकोइजम, प्रणिती शिंदे, प्रशांत पडोले, चमाला रेड्डी और ज्योत्सना महंत पक्ष रखेंगे। चर्चा के दौरान पीएम मोदी के उस बयान पर हंगामा होने के आसार हैं जिसमें पीएम मोदी ने कांग्रेस पर 1937 में इस गीत से प्रमुख छंदों को हटाने और विभाजन के बीज बोने का आरोप लगाया था। यही वजह है कि चर्चा से पहले ही कांग्रेस और बीजेपी वंदे मातरम के मुद्दे पर आमने-सामने आ गई है।
वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने पर करीब 10 घंटे लोकसभा में चर्चा की जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी दोपहर 12 बजे चर्चा की शुरुआत करेंगे। इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस चर्चा में दूसरे वक्ता होंगे। अनुराग ठाकुर भी सरकार की तरफ से वंदे मातरम पर पक्ष रखेंगे। वंदे मातरम को लेकर मोदी सरकार लोकसभा में कांग्रेस पर करारा वार करने के लिए तैयार है। बीजेपी के निशाने पर नेहरू होंगे।
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