ओडिशा विजिलेंस ने रविवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य सरकार के मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर यानी MVI गोलाप चंद्र हंसदाह के घर और अन्य ठिकानों पर छापेमारी कर करोड़ों की संपत्ति का खुलासा किया। जांच के दौरान विजिलेंस को हंसदाह और उनके परिवार के नाम पर जो संपत्तियां मिलीं, उससे विजिलेंस की आंखें फटी रह गईं। गोलाप चंद्र हंसदाह मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर के छह ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली गई, जिसमें 44 प्लॉट, एक किलो सोना, 2.126 किलो चांदी, 1.34 करोड़ रुपये के बैंक व बीमा डिपॉजिट, 2.38 लाख रुपये नकद और कई कीमती सामान बरामद किए गए।
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विजिलेंस टीम ने हंसदाह के बौद्ध स्थित किराए के घर, मयूरभंज जिले के बारिपदा स्थित उनके मकान, भुवनेश्वर के पांडरा में उनकी बेटी के किराए के फ्लैट, खूंटा थाना क्षेत्र के गुडिडीहा स्थित पैतृक घर, बारिपदा के बाघदिहा इलाके में उनके करीबी सहयोगी के घर और बौद्ध आरटीओ ऑफिस में उनके ऑफिस चैंबर पर एक साथ छापेमारी हुई। इस ऑपरेशन में 6 टीमें शामिल थीं, जिनमें 4 डीएसपी, 7 इंस्पेक्टर और अन्य स्टाफ थे। तलाशी सर्च वारंट स्पेशल जज, विजिलेंस कोर्ट, बारिपदा के आदेश पर की गई थी।
मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर के घर में मिला खजाना
गोलाप चंद्र हंसदाह को 2003 में जूनियर मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर बनाया गया। इसके बाद उन्होंने सुंदरगढ़ के तपरिया चेक गेट, संबलपुर के लक्ष्मीदुंगुरी चेक गेट और मयूरभंज व बरगढ़ के RTO दफ्तरों में काम किया। साल 2020 में वह प्रमोट होकर मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर बने और बौद्ध RTO में तैनात किए गए। वर्तमान में उनकी मासिक सैलरी 1.08 लाख रुपये है।
(ओडिशा से शुभम कुमार की रिपोर्ट)
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