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वादे निभाने में असफल रही कांग्रेस, लोगों को ‘आप’ पर भरोसा नहीं: सुखबीर सिंह बादल

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Nov 28, 2021 05:45 pm IST,  Updated : Nov 28, 2021 05:45 pm IST

शिअद अध्यक्ष ने कहा कि पंजाब के लोग जानते हैं कि केवल उनका दल ही अपने वादों को निभाता है। उन्होंने दावा किया राज्य का विकास कांग्रेस के पिछले साढ़े चार साल के शासन में रुका हुआ है।

Sukhbir Singh Badal, Shiromani Akali Dal president - India TV Hindi
Sukhbir Singh Badal, Shiromani Akali Dal president  Image Source : PTI FILE PHOTO

Highlights

  • कांग्रेस के खिलाफ सत्ता विरोधी मजबूत लहर है, लोग इस सरकार से तंग आ चुके हैं- सुखबीर सिंह बादल
  • कांग्रेस किसानों का पूरा कर्ज माफ किए जाने समेत अपने चुनावी वादों से मुकर गई- बादल
  • बादल ने केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि क्या उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में किसी महिला को 100 रुपए भी दिए हैं?

चंडीगढ़: शिरोमणि अकाली दल (शिअद) प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने दावा किया है कि अपने चुनावी वादों से ‘‘मुकर जाने’’ के कारण सत्तारूढ़ कांग्रेस के खिलाफ पंजाब में सत्ता विरोधी मजबूत लहर है, और लोग आम आदमी पार्टी (आप) पर ‘‘भरोसा नहीं’’ करते तथा राज्य विधानसभा चुनाव में दोनों दलों का ‘‘सफाया’’ हो जाएगा। 59 वर्षीय नेता ने मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह पर स्वयं को आम आदमी दिखाने की कोशिश करके ‘‘नाटक करने’’ का आरोप लगाया। 

शिअद अध्यक्ष ने कहा कि पंजाब के लोग जानते हैं कि केवल उनका दल ही अपने वादों को निभाता है। उन्होंने दावा किया राज्य का विकास कांग्रेस के पिछले साढ़े चार साल के शासन में रुका हुआ है। बादल ने कई विधानसभा क्षेत्रों के अपने दौरों का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘कांग्रेस के खिलाफ सत्ता विरोधी मजबूत लहर है। लोग इस सरकार से तंग आ चुके हैं।’’ बादल ने कहा कि कांग्रेस किसानों का पूरा कर्ज माफ किए जाने समेत अपने चुनावी वादों से ‘‘मुकर गई’’। उन्होंने कहा, ‘‘करीब पांच साल से कोई मुख्यमंत्री नहीं है। कांग्रेस ने लोगों को धोखा दिया और उनकी भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया।’’ 

बादल ने कहा कि लोगों को यह नहीं लगा था कि उनके साथ ‘‘धोखा होगा’’, क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने 2017 के विधानसभा चुनावों से पहले ‘गुटका साहिब’ (एक धार्मिक पाठ) की ‘झूठी शपथ’ ली थी और बड़े-बड़े वादे किए थे। बादल ने ‘आप’ पर निशाना साधते हुए दावा किया कि पंजाब के लोगों को उस पर ‘‘भरोसा नहीं’’ है और उन्होंने ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल से कहा कि वह पंजाब में किए जा रहे वादों को पहले दिल्ली में पूरा करके दिखाएं। उन्होंने ‘आप’ के उस बैनर का जिक्र किया, जिसमें ‘‘इक मौका केजरीवाल नू’’ (एक मौका केजरीवाल को) लिखा है। उन्होंने कहा, ‘‘उनका (दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल का) एकमात्र सपना पंजाब का मुख्यमंत्री बनना है।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल अपने किए वादों से हमेशा ‘‘पीछे हटे’’ हैं। 

बादल ने राज्य की महिलाओं को एक हजार रुपए प्रति माह दिए जाने के केजरीवाल के वादे पर सवाल करते हुए कहा कि क्या उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में किसी महिला को 100 रुपए भी दिए हैं? उन्होंने कहा, ‘‘सबसे पहले, उन्हें दिल्ली में 300 इकाई बिजली नि:शुल्क मुहैया करानी चाहिए, जहां वह केवल 200 इकाई बिजली मुफ्त देते हैं।’’ केजरीवाल ने वादा किया है कि यदि वह पंजाब में सत्ता में आते हैं, तो वह 300 इकाई बिजली नि:शुल्क देंगे। 

शिअद प्रमुख ने दावा किया कि दिल्ली में अध्यापक संविदा पर काम कर रहे हैं और उन्होंने केजरीवाल से ऐसा एक व्यक्ति दिखाने को कहा, जिसे पिछले 10 साल में नियमित किया गया हो। केजरीवाल ने शनिवार को मोहाली में अस्थायी शिक्षकों से उनकी नौकरियों को नियमित करने का वादा किया था। बादल ने कहा कि वह चुनाव में कांग्रेस को अपनी पार्टी की मुख्य प्रतिद्वंद्वी के तौर पर देखते हैं, लेकिन कुछ सीटों पर शिअद और आप के बीच सीधा मुकाबला होगा। उन्होंने दावा किया कि चुनावों में कांग्रेस और आप का सफाया हो जाएगा। 

उन्होंने कांग्रेस की पंजाब इकाई के प्रमुख पर निशाना साधते हुए कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू कांग्रेस को स्वयं 'नुकसान' पहुंचाएंगे, क्योंकि वह हर रोज विभिन्न मुद्दों को लेकर चन्नी के नेतृत्व वाली सरकार को निशाना बनाते हैं। बादल ने आरोप लगाया कि सिद्धू ने राज्य सरकार को अकाली नेता बिक्रम मजीठिया के खिलाफ ‘‘झूठा मामला दर्ज करने का निर्देश देकर संविधान के परे जाकर कदम उठाया है।’’ उन्होंने कांग्रेस को मुख्यमंत्री पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित करने की चुनौती दी और चन्नी एवं सिद्धू को ‘‘अयोग्य’’ बताया। 

शिअद प्रमुख ने पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को ‘‘आलसी’’ करार देते हुए कहा कि वह पूरे कार्यकाल में अपने फार्म हाउस से बाहर नहीं निकले। यह पूछे जाने पर कि क्या उनके पिता एवं अकाली नेता प्रकाश सिंह बादल विधानसभा चुनाव लड़ेंगे, बादल ने कहा कि उनकी इच्छा है कि उनके पिता चुनाव लड़ें।

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