लोकसभा में गुरुवार को महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर सत्ता पक्ष और विपक्षी दलों के बीच जमकर बहस हुई। विपक्षी दलों ने सरकार महिला आरक्षण के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। वहीं, पीएम मोदी समेत सत्ता पक्ष के कई नेताओं ने विपक्ष से अपील की है कि इस बिल को सर्वसम्मति से पास करवाएं। बिल पर बहस के दौरान समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने परिसीमन से पहले जनगणना कराने की बात कही। अपने संबोधन के दौरान अखिलेश ने पूर्व सांसद और भाजपा नेता स्मृति ईरानी पर भी इशारों में निशाना साधा है। तो वहीं,अब स्मृति ईरानी ने भी सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव को जवाब दिया है।
क्या बोले थे अखिलेश यादव?
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने महिलाओं के लिए लोकसभा या विधानसभा सीट सुरक्षित नहीं रखने की अपील की। अखिलेश ने कहा कि ऐसा कर के भाजपा महिलाओं के बीच ही कंपीटीशन करवा देगी। अखिलेश यादव ने पार्टी आधार पर महिला आरक्षण का प्रावधान करने की मांग की। उन्होंने इस दौरान कहा "सास-बहू वाली तो हार गई हैं आपकी। पार्टी को तो मौका मिलेगा।" माना जा रहा है कि उन्होंने ये बयान पूर्व सांसद स्मृति ईरानी को लेकर दिया है।
स्मृति ईरानी ने क्या कहा?
अखिलेश यादव के बयान पर स्मृति ईरानी ने जवाब देते हुए कहा- "सुना है आज अखिलेश जी ने संसद में मुझे याद किया। अच्छा है, जिनको राजनीति धरोहर में मिली, वे उनको भी याद करते हैं जो अपने दम पर आसमान में सुराख़ करते हैं। कामकाजी औरत पर वे टिप्पणी करते हैं जिन्होंने ज़िंदगी में कभी कोई नौकरी नहीं की। सीरियल से हटाकर संसद पर ध्यान लगाएं, महिलाओं के संबल हेतु अहम बिल पास कराएं।"
कोई साजिश और षड्यंत्र तो नहीं- अखिलेश
महिला आरक्षण के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने कहा- "जब आरक्षण और डीलिमिटेशन होगा और जब संख्या बढ़ेगी उत्तर प्रदेश की संख्या विधानसभा में 500 से ऊपर होने जा रही है तो उस पर सरकार क्या विचार कर रही है? 120 सीटें तो लोकसभा की होने जा रही हैं और विधानसभा की अगर 600 हो रही हैं तो उसमें भी कहीं ऐसा तो नहीं कोई साजिश और षड्यंत्र हो। अगर षड्यंत्र रहेगा जैसे आप अयोध्या हारे एक बार फिर उत्तर प्रदेश आप हार जाएंगे।"
हम चाहते हैं पहले जनगणना हो- अखिलेश
अखिलेश यादव ने कहा- "हम चाहते हैं पहले जनगणना हो, जनगणना के आंकड़े जब सही आ जाएंगे तब जाकर डीलिमिटेशन ठीक होगा और अगर आंकड़े ठीक नहीं हैं तो आरक्षण कैसे होगा? हमारी मांग है कि आधी आबादी में पिछड़े और मुस्लिम महिलाओं को भी जोड़कर इस आरक्षण को पूरा किया जाए। महिला आरक्षण के नाम पर जल्दबाजी किस बात की है? सच तो यह है भाजपा जातीय जनगणना को टालना चाहते हैं क्योंकि उसके बाद आरक्षण देना होगा जो भाजपा के संघी साथी देना नहीं चाहते हैं।"
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