Saturday, February 07, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. भारत
  3. राजनीति
  4. हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास के फिर बिगड़े बोल-सिद्धारमैया के नाम में तो राम है और उनके कारनामे...

हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास के फिर बिगड़े बोल-सिद्धारमैया के नाम में तो राम है और उनके कारनामे...

हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने एक बार फिर से विवादित बयान दिया है। राजू दास ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बारे में कहा है कि उनके नाम में ही राम है लेकिन उनके काम कालनेमि राक्षस के जैसे हैं।

Edited By: Kajal Kumari @lallkajal
Published : Jan 14, 2024 04:26 pm IST, Updated : Jan 14, 2024 04:26 pm IST
hanumangadhi mahant raju das- India TV Hindi
Image Source : ANI हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास का विवादित बयान

अयोध्या के हनुमानगढ़ी मंदिर के पुजारी महंत राजू दास ने एक बार फिर से विवादित बयान दिया है। इस बार उन्होंने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के नाम को लेकर उन पर तंज कसा है और उनकी तुलना कालनेमि से कर दी है। महंत राजू दास ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, 'सिद्धारमैया के बस नाम में ही राम है, लेकिन उनके काम कालनेमि वाले हैं।' महंत राजू दास ने आगे कहा, "मुख्यमंत्री का कालनेमियों वाला रूप है. जिसको बाबर, बाबरी प्रेम, जिसको आक्रांतों की चिंता और चिंतन, जो हिंदुस्तान के बहुसंख्यक की आस्था से खिलवाड़ करता हो उसके लिए सीटी रवि ने कुछ गलत नहीं कहा है। 

सिद्धारमैया की मानसिकता राजनीति का रहा है. जितना हो सकता है ये लोग हिंदू की भावना को आहत करते हैं।.बता दें कि कालनेमि एक राक्षस है। महंत राजू दास का यह बयान बीजेपी नेता सीटी रवि के बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कांग्रेस और कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया पर निशाना साधा था। 

देखें वीडियो

हनुमानगढ़ी मंदिर के पुजारी महंत राजू दास ने कहा, "...सिद्धारमैया इतना अच्छा नाम है, जो भगवान राम से जुड़ा है, लेकिन उनकी हरकतें कालनेमी (एक असुर) की तरह हैं...उनकी चिंता बाबर, हमलावरों और सेना के बारे में है।" जिस तरह से वे बहुसंख्यक आबादी की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं - सीटी रवि ने जो कहा वह गलत नहीं है..."

https://x.com/ANI/status/1746450546272399784?s=20

सीटी रवि का बयान

:कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया के बयान पर बीजेपी नेता सीटी रवि ने कहा, ''उनकी पार्टी ने कहा है कि वे (प्राणप्रतिष्ठा में) नहीं जाएंगे, उन्होंने बहिष्कार किया है... वे बाबर को नहीं छोड़ सकते और राम को नहीं पकड़ सकते... यह आसान होगा।अगर वे बाबर को छोड़ देंगे तो राम को पकड़ लेंगे... अगर वे बाबर को छोड़ देंगे तो उन्हें थोक वोट नहीं मिलेंगे... राम सबके हैं। प्राणप्रतिष्ठा को एक उत्सव की तरह मनाया जाना चाहिए..."

 

Latest India News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Politics से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत

Advertisement
Advertisement
Advertisement