Parilament Winter Session: संसद के मौजूदा शीतकालीन सत्र का बुधवार को आठवां दिन था। लोकसभा में बुधवार को लगातार दूसरे दिन चुनाव सुधारों पर चर्चा हुई। इस चर्चा का जवाब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिया। अमित शाह ने राहुल गांधी के उन सभी सवालों का जवाब भी दिया जो उन्होंने चुनाव आयोग और वोटर लिस्ट को लेकर उठाए थे। उधर, राज्यसभा में आज दूसरे दिन भी वंदेमातरम् पर चर्चा हुई। देखें बुधवार को संसद में किस नेता ने क्या कहा?
इन्होंने (विपक्ष ने) कहा कि हम वोट चोरी से जीतते हैं, हम बताते हैं कि हम क्यों जीतते हैं। आपने सर्जिकल स्ट्राइक का विरोध किया, इसलिए हम जीते। आपने एयर स्ट्राइक का विरोध किया, इसलिए हम जीते। आपने 370 हटाने का विरोध किया, इसलिए हम जीते। आपने राम मंदिर का विरोध किया, इसलिए हम जीते। आपने घुसपैठियों को हटाने का विरोध किया, इसलिए हम जीते। आपने CAA का विरोध किया, इसलिए हम जीते। आपने ट्रिपल तलाक हटाने का विरोध किया, इसलिए हम जीते। अब वन नेशन, वन इलेक्शन का विरोध कर रहे हो, इसलिए हम जीतेंगे: अमित शाह
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा, ''चुनाव में आपकी हार का मुख्य कारण आपका नेतृत्व है-मतदाता सूची या ईवीएम नहीं। एक दिन, कांग्रेस कार्यकर्ता इस हार के कारणों पर सवाल उठाएंगे।'' उन्होंने आगे कहा कि चुनाव आयोग तटस्थता से चुनाव कराने वाली संस्था है। बेबुनियाद आरोप लगाकर चुनाव आयोग की छवि धूमिल करने की कोशिश की जा रही है।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, ''2014 में नरेंद्र मोदी इस देश के प्रधानमंत्री बने, तब से इन्हें आपत्ति है। हम 2014 से 2025 तक, लोकसभा और विधानसभा मिलकर कुल 44 चुनाव जीते हैं। लेकिन वो भी अलग-अलग विधानसभा मिलाकर कुल 30 चुनाव जीते हैं। अगर मतदाता सूची भ्रष्ट है, तो क्यों शपथ ली? हम भी विपक्ष में बैठे हैं, हम जितना चुनाव जीते हैं, उससे ज्यादा हारे हैं। हम लोगों की पौना जिंदगी विपक्ष में चली गई। लेकिन हमने चुनाव आयोग या चुनाव आयुक्त पर कभी आरोप नहीं लगाया है।''
अमित शाह ने कहा, ''दूसरी वोट चोरी इंदिरा गांधी के समय हुई। वह रायबरेली से चुनी गई थीं। राज नारायण, इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचे और कहा कि यह चुनाव नियमों के अनुसार नहीं हुआ है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निर्णय दिया कि यह चुनाव सही तरीके से नहीं जीता गया है, इसलिए इसे रद्द किया जाता है। उसके बाद इस वोट चोरी को ढकने के लिए संसद में कानून लाया गया कि प्रधानमंत्री के खिलाफ कोई केस ही नहीं हो सकता।''
इतिहास में वोट चोरी का Classic Example है। स्वतंत्रता के बाद, देश के प्रधानमंत्री का चुनाव राज्य प्रमुखों के वोटों के आधार पर होना था। सरदार पटेल को 28 वोट मिले, जबकि नेहरू को केवल दो। फिर भी, आश्चर्यजनक रूप से, नेहरू प्रधानमंत्री बन गए। शाह ने इसके साथ ये भी कहा कि जब आप नए कपड़े पहनकर शपथ ले लेते हैं, उस वक्त मतदाता सूची का विरोध नहीं करते। लेकिन जब बिहार की तरह पटखनी खाते हैं, तब मतदाता सूची को गलत बोलने लगते हैं।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, ''बिहार में एक मतदाता की उम्र 34 साल की है, इसको 124 साल बताया गया। सच था इसमें उम्र 124 साल छपी थी। बाद में मिंता देवी ने खुद बताया कि उन्होंने ऑनलाइन आवेदन किया था और ऑनलाइन आवेदन करने में गलती हो गई, इसलिए उम्र 124 साल छपी थी।''
अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस का दावा है कि मतदाता सूची में कुछ व्यक्तियों के नाम दो अलग-अलग जगहों पर दर्ज हैं। दो बार नाम दर्ज होने वाले लोगों को दोष देना अनुचित है, क्योंकि यह अक्सर प्रणालीगत समस्याओं का परिणाम होता है। 2010 से, रिटर्निंग ऑफिसर का डुप्लिकेट प्रविष्टियों को हटाने का अधिकार खत्म कर दिया गया है, जिसके कारण इस तरह की विसंगतियां उत्पन्न हुई हैं। वास्तव में, कई ऐसे नेता हैं जिनके नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज हैं। ये नियमों के कारण होने वाली आम गलतियां हैं। एसआईआर का उद्देश्य ऐसी घटनाओं को रोकना है, फिर भी हम पर वोट चोरी का आरोप लगाया जा रहा है।''
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, ''विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 5 नवंबर 2025 को एक प्रेस वार्ता में एक 'परमाणु बम' फोड़ा। उस ‘परमाणु बम’ में उन्होंने दावा किया कि हरियाणा में एक ही घर में 501 वोट पड़े हुए हैं। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि हाउस नंबर 265 कोई छोटा मकान नहीं है, बल्कि एक एकड़ के पुश्तैनी प्लॉट पर बने कई परिवारों का संयुक्त आवास है। लेकिन हर परिवार को अलग-अलग घर नंबर नहीं दिए गए हैं, इसलिए उनका हाउस नंबर 265 ही लिखा है। और उनमें से एक परिवार की तो तीन पीढ़ियां साथ रह रही हैं। जब हरियाणा में कांग्रेस की सरकार चुनी गई तब से ये नंबर ऐसा ही चल रहा है। ये न तो फर्जी घर है और न ही फर्जी वोट है।''
अमित शाह ने कहा कि एक मतदाता का एक से ज्यादा जगह वोट नहीं होना चाहिए। जिन लोगों की मृत्यु हो चुकी है, उनका नाम मतदाता सूची में नहीं होना चाहिए। ये SIR, मतदाता सूची का शुद्धिकरण है। सबसे पहला SIR, 1952 में हुआ। उस समय कांग्रेस पार्टी से प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू थे। दूसरा SIR, 1957 में हुआ। उस समय भी कांग्रेस पार्टी से प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू थे। तीसरा SIR, 1961 में हुआ। उस समय भी कांग्रेस पार्टी से प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू थे। 1965–66 में SIR हुआ, उस समय भी कांग्रेस से लाल बहादुर शास्त्री प्रधानमंत्री थे। 1983–84 में SIR हुआ, उस समय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी थीं। 1987–89 में SIR हुआ, उस समय प्रधानमंत्री राजीव गांधी थे। 1992–95 में SIR हुआ, उस समय प्रधानमंत्री पी. वी. नरसिम्हा राव थे। 2002–03 में SIR हुआ, उस समय प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी थे। 2004 में SIR समाप्त हुआ, उस समय प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह थे।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, ''संविधान के आर्टिकल 324 के तहत चुनाव आयोग का गठन, चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति, लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति, इन सभी चुनावों का संपूर्ण नियंत्रण चुनाव आयोग को दिया गया है। और चुनाव आयुक्त एक से अधिक हों तो यह नियंत्रण Election Commissioner को दिया है। संविधान के अनुच्छेद 326 में मतदाता की पात्रता, योग्यता, और मतदाता होने की शर्तें तय की गई है। सबसे पहली शर्त है, मतदाता भारत का नागरिक होना चाहिए, विदेशी नहीं होना चाहिए। ये कह रहे हैं कि चुनाव आयोग SIR क्यों कर रहा है? अरे उसका (चुनाव आयोग) दायित्व है, इसलिए कर रहा है।
अमित शाह ने कहा कि एसआईआर, वोटर लिस्ट को शुद्ध करने के अलावा और कुछ नहीं है। मेरा मानना है कि इससे कुछ सियासी पार्टियों के राजनीतिक लक्ष्यों को नुकसान पहुंचता है। मुझे उन पार्टियों के प्रति सहानुभूति है, देश के वोटर उन्हें वोट नहीं देते, कुछ घुसपैठिए ही उन्हें अपना मत देते थे और अब तो वे भी वोटर लिस्ट से गायब हो जाएंगे।
वोट चोरी पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि हाल में कोर्ट में एक वाद पहुंचा है कि सोनिया गांधी इस देश का नागरिक बनने से पहले मतदाता बन गई थीं। यह केस अदालत में चल रहा है। ऐसा कैसे हुआ था, इसका जवाब सोनिया गांधी को कोर्ट में देना है। ये बात सुनते ही कांग्रेस के सांसदों ने विरोध किया। वे लोकसभा में हंगामा करने लगे।
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, ‘‘मैं सदन और देश की जनता को कहना चाहता हूं कि क्या घुसपैठिए तय करेंगे कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री कौन होगा। एसआईआर वोटर लिस्ट के शुद्धिकरण की प्रक्रिया है। विदेशी नागरिकों को भारत में वोट करने का अधिकार नहीं दिया जा सकता।''
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "मैं बहुत साफतौर कहता हूं कि इस सदन में SIR पर चर्चा नहीं हो सकती। SIR चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। भारत का EC और CEC सरकार के तहत काम नहीं करते हैं। अगर चर्चा होती है और सवाल उठते हैं, तो इसका जवाब कौन देगा? जब उन्होंने कहा कि वे चुनाव सुधारों पर चर्चा के लिए तैयार हैं, तो हम तुरंत मान गए। इस मामले पर चर्चा को लेकर पहले दो दिन तक अड़चन रही। इससे लोगों में गलत मैसेज गया कि हम इस पर चर्चा नहीं करना चाहते। मैं यह साफ करना चाहता हूं कि संसद इस देश में चर्चा के लिए सबसे बड़ी पंचायत है। BJP-NDA कभी चर्चा से नहीं भागता। विषय चाहे जो भी हो।"
अमित शाह ने कहा कि वोटर लिस्ट पुरानी हो या नई, आपका हारना तय है। ये लोग बोलते हैं कि बीजेपी को एंटी-इंकम्बेंसी का सामना नहीं करना पड़ता। मैं बताना चाहता हूं कि 2014 के बाद भी हम कई चुनाव हारे हैं। 2018 में हम राजस्थान हारे, मध्य प्रदेश में हारे, तेलंगाना में हम जीत नहीं पाए और पश्चिम बंगाल में हमारी हार हुई। जब इन लोगों की जीत हुई तो वोटर लिस्ट अच्छी थी। और जब ये हारे तो वोटर लिस्ट खराब हो गई। ये कैसा दोहरा मापदंड है।
लोकसभा में गृहमंत्री अमित शाह ने चुनाव में सुधारों पर चर्चा के वक्त कहा कि BJP और NDA वाले चर्चा से नहीं भागते। हम संसद के नियमों के मुताबिक, किसी भी मुद्दे पर चर्चा के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। एसआईआर को लेकर देश की जनता के बीच झूठ फैलाया गया और उनको गुमराह करने की कोशिश की गई। अनुच्छेद 327 चुनाव आयोग को वोटर लिस्ट बनाने का पूरा अधिकार देता है।
अमित शाह ने कहा कि इंदिरा और राजीव गांधी की सरकार के समय भी SIR हुआ था। नरसिम्हा राव के वक्त भी SIR हुआ था। 2003 के बाद अब 2025 में SIR हो रहा है। समय-समय पर SIR करना जरूरी है। SIR कुछ और नहीं है यह मतदाता सूची का शुद्धिकरण है। देश में प्रधानमंत्री कौन होगा ये क्या घुसपैठिए तय करेंगे।
लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने साफ किया कि SIR पर चर्चा से हम नहीं भागते हैं। लेकिन SIR का काम चुनाव आयोग करवा रहा है और चुनाव आयोग, सरकार के अंडर में नहीं आता है। मतदाता सूची में सुधार का चुनाव आयोग को हक है। SIR पर कांग्रेस भ्रम फैलाने का काम कर रही है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता को लेकर आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा, "हम सभी ने देखा है कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता 800 के पार पहुंच गई है। कोई भी इसके स्थायी समाधान की बात नहीं करता। पंजाब में पराली जलाने की घटनाएं कम हुई हैं। हमें पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार के बीच समन्वय की आवश्यकता है। राष्ट्रीय राजधानी जहां प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, सांसद और सभी महत्वपूर्ण लोग रहते हैं, दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बन गया है।"
ग्रेटर नोएडा में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, "पूरे देश के लोग चाहते हैं कि चुनाव बैलेट से हों। अगर लोकतंत्र बचाने के लिए कुछ हो सकता है, तो बैलेट से वोटिंग होनी चाहिए। दुनिया के सभी विकसित देश - अमेरिका, जापान, जर्मनी - बैलेट अपना रहे हैं क्योंकि उनके देशों में भी ईवीएम पर सवाल उठे थे। जर्मनी कोर्ट ने आदेश दिया है कि अगर ईवीएम से वोटिंग हुई तो उसे असंवैधानिक माना जाएगा। तो उन्हें (बीजेपी) ईवीएम हटाने में क्या दिक्कत है? ... कुंदरकी (उपचुनाव) और मीरापुर चुनाव में पुलिस ने साधारण कपड़े पहनकर वोट डाले। अगर मैं जो कह रहा हूं वह गलत है, तो सीसीटीवी फुटेज जनता को दिखा दें।"
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, "SIR बहुत अहम मुद्दा है। SIR के ज़रिए बिहार में कई लोगों के वोट के अधिकार छीने गए। जिस तरह की रिपोर्ट आ रही हैं, हमें लगता है कि कई लोगों के वोट काटे जा रहे हैं, जिसमें ज़्यादातर वोट दलितों और मुसलमानों के हैं।"
बीजेपी एमपी निशिकांत दुबे ने कहा, "कांग्रेस 'चोरों का सरदार' है इसलिए कोई भी राहुल गांधी को गंभीरता से नहीं लेता। अयोध्या में एक बड़ा और भव्य मंदिर बन गया है, लेकिन क्या कोई राहुल गांधी या सोनिया गांधी वहां गए हैं? उन्हें सिर्फ़ अपने मुस्लिम वोट बैंक से मतलब है। यही वजह है कि वे एसआईआर और ईवीएम का विरोध कर रहे हैं।"
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा, "लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कल संसद में तीखा भाषण दिया है। सरकार को प्वाइंट-टू-प्वाइंट जवाब देना चाहिए। कुछ खास प्वाइंट हैं जो नेता प्रतिपक्ष ने उठाए हैं, उन्हें इस तरह के सामान्य कथन कहने के बजाय प्वाइंट-टू-प्वाइंट जवाब देना चाहिए।"
भाजपा सांसद कंगना रनौत ने लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर कहा, "यह सबको बिल्कुल साफ नजर आ रहा है कि क्यों उनकी पार्टी सिंगल डिजिट पर आ गई है, इस तरह के किरदार पर मैं कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती क्योंकि उस व्यक्ति में कोई दम नहीं है, चरित्र में कोई ताकत नहीं है इसलिए मेरे पास कहने के लिए कुछ नहीं है।"
कांग्रेस एमपी प्रमोद तिवारी ने कहा, "भाजपा रंगे हाथ पकड़ी गई है, जो आंकड़े राहुल गांधी ने दिए हैं। जिस तरह का बिहार का इलेक्शन रिजल्ट आया, जिस तरह छीना गया महाराष्ट्र में 90% भाजपा के उम्मीदवार जीत रहे हैं। हरियाणा में 0.9% से कम से जीत को हार में बदला गया, यह वोट चोरी नहीं वोट डकैती है और राहुल गांधी ने इसे बेनकाब कर दिया है। मैं दावे से कहता हूं कि चुनाव आयोग और बीजेपी ने मिलीभगत करके लोकतंत्र पर डाका डाला है।"
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, "राहुल गांधी हमेशा जब संसद चलती है तो अपना अधिकांश समय विदेश में बिताते हैं और बाद में कहते हैं कि उन्हें बोलने का मौका नहीं मिलता। बिहार चुनाव के दौरान भी वह विदेश में थे। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि जब आप कर्नाटक में जीते तो आपने क्या कहा था? जब झारखंड में INDI गठबंधन जीता, जब आप तेलंगाना में जीते तो आपने क्या कहा था? लेकिन जब आप हारते हैं, तो आप EVM, चुनाव आयोग को दोष देते हैं। वे कहना चाहते हैं कि जब जीत होती है तो उनकी वजह से होती है, लेकिन जब वे हारते हैं, तो यह सिस्टम की वजह से होता है।"
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लोकसभा में राहुल गांधी के बयान पर कहा, "कांग्रेस पार्टी वोट चोर पार्टी है, आज़ादी से पहले सरदार पटेल का वोट चुराया, आज़ादी के बाद रायबरेली में राज नारायण का वोट चुराया और इमरजेंसी लगा दी। बीजेपी जनता के आशीर्वाद से देश और प्रदेशों में सेवा कर रही है। ये भ्रष्टाचारी, परिवारवादी, तुष्टीकरण करने वाले लोग हैं। ये लोग वंदे मातरम् के विरोधी और देश के दुश्मनों के समर्थक हैं।"
शिवसेना(UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने लोकसभा में राहुल गांधी के बयान पर कहा, "मुझे लगता है कि उन्होंने वही चिंताएं उठाई हैं जो भारत के लोग उठाते रहे हैं। जिस तरह के चुनाव नतीजे आ रहे हैं और जिस तरह से लोगों को मतदाता भूमिका से हटाया जा रहा है और नए नाम जोड़े जा रहे हैं, एक ही फोटो वाला व्यक्ति अलग-अलग चुनाव क्षेत्रों के अलग-अलग बूथों पर 20-30 बार दिख रहा है। यह बहुत चिंता की बात है कि हम चुनावी लोकतंत्र के बारे में कहते रहते हैं, लेकिन अगर चुनावी लोकतंत्र को बहुत ज़्यादा समझौता करने वाला चुनाव आयोग चला रहा है, तो हमारे यहां चुनावी लोकतंत्र नहीं होगा। हमारे पास जो है वह लोकतंत्र का दिखावा है।"
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