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‘वक्फ का इतिहास कुछ हदीसों से जुड़ा हुआ मिलता है’, लोकसभा में अमित शाह ने कही बड़ी बात

Edited By: Vineet Kumar Singh @VickyOnX Published : Apr 02, 2025 08:54 pm IST, Updated : Apr 02, 2025 08:54 pm IST

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में विपक्ष पर वक्फ विधेयक का विरोध करने का आरोप लगाते हुए वक्फ के इतिहास और इसके धार्मिक अर्थ पर भी प्रकाश डाला और कहा कि यह संपत्ति का दान पवित्र उद्देश्यों के लिए है।

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Image Source : PTI लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह।

नई दिल्ली: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह वक्फ पर प्रस्तावित कानून नहीं मानने की धमकी दे रहा, लेकिन यह संसद द्वारा पारित किया गया कानून होगा और इसे सभी को स्वीकार करना पड़ेगा। शाह ने लोकसभा में अपने भाषण के दौरान ‘वक्फ’ शब्द के अर्थ और इसके इतिहास पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वक्फ का इतिहास कुछ हदीसों से जुड़ा हुआ मिलता है और इसका अर्थ है ‘अल्लाह के नाम पर संपत्ति का दान, पवित्र धार्मिक उद्देश्यों के लिए संपत्ति का दान।’

‘इसका अर्थ है अल्लाह के नाम पर संपत्ति का दान’

अमित शाह ने कहा, ‘वक्फ एक अरबी शब्द है। वक्फ का इतिहास कुछ हदीसों से जुड़ा हुआ मिलता है और आज कल जिस अर्थ में वक्फ का प्रयोग किया जाता है, इसका अर्थ है अल्लाह के नाम पर संपत्ति का दान, पवित्र धार्मिक उद्देश्यों के लिए संपत्ति का दान। वक्फ का समकालीन अर्थ, इस्लाम के दूसरे खलीफा उमर के समय अस्तित्व में आया। एक प्रकार से आज की भाषा में व्याख्या करें तो वक्फ एक प्रकार का चैरिटेबल एनरोलमेंट है। जहां एक व्यक्ति संपत्ति, भूमि धार्मिक और सामाजिक भलाई के लिए दान करता है, बिना उसको वापिस लेने के उद्देश्य से।’

‘दान उस चीज का ही किया जा सकता है जो हमारा है’

शाह ने कहा, ‘इसमें जो दान देता है उसका बहुत महत्व है। दान उस चीज का ही किया जा सकता है जो हमारा है, सरकारी संपत्ति का दान मैं नहीं कर सकता, किसी और की संपत्ति का दान मैं नहीं कर सकता।’  उन्होंने कहा कि वक्फ अधिनियम में 2013 में जो संशाधन लाये गये थे, यदि यह नहीं किया गया होता तो इस संशोधन विधेयक को लाने की जरूरत नहीं पड़ती। मोदी सरकार पर आरोप लगाये जा रहे हैं कि यह लोगों को डरा रही है, जबकि सच्चाई यह है कि कांग्रेस और इसके सहयोगी दल वोट बैंक के लिए लोगों को डरा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘किसी समुदाय के लोगों को डरने की जरूरत नहीं।’

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