जमशेदपुर: जमशेदपुर ट्रैफिक पुलिस को मजदूरों से पंगा लेना भारी पड़ गया है। बुधवार को रोजगार पर निकले मजदूरों से भरे पिकअप वाहन को परडीह चेक पोस्ट पर ट्रैफिक पुलिस ने रोक दिया और कागजात की मांग की। नहीं दिखाने पर चालक के साथ मारपीट भी की जिससे मजदूर आक्रोशित हो उठे और सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। मजदूरों का आरोप है कि कागजात को लेकर आए दिन ट्रैफिक पुलिस परेशान करती है।
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ट्रैफिक पुलिस पर लगाया गंभीर आरोप
मजदूरों का कहना है कि किसी भी वाहन से जब वह रोजगार के लिए शहर की ओर आते हैं तो ओवरलोड का हवाला देकर ट्रैफिक पुलिस द्वारा वाहन चालक को पकड़ लिया जाता है और उनसे जुर्माना वसूला जाता है। इससे हर दिन उनका काम छूट जाता है। सभी मजदूर चांडिल से जमशेदपुर के बावनगोड़ा जा रहे थे।
मजदूरों ने साफ कर दिया कि जब तक उनकी हाजिरी नहीं मिलेगी तब तक जाम नहीं हटाया जाएगा। उधर जब पुलिस से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो कैमरे के सामने आने से बचते रहे। समाचार लिखे जाने तक मजदूरों का सड़क पर प्रदर्शन जारी है।
सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
वहीं, झारखंड के रांची जिले में 18 वर्षीय एक युवती से बलात्कार के आरोप में सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पीड़िता ने तमाड़ थाने में मंगलवार को घटना की सूचना दी। उसने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि उसके रिश्ते के भाई ने उसे जानबूझकर फंसाया, जिसके कारण यह घटना हुई। तमाड़ थाने के प्रभारी प्रवीण कुमार मोदी ने बताया कि पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार यह घटना 30 सितंबर को हुई। उन्होंने शिकायत के हवाले से कहा कि उसके रिश्ते के भाई ने उसे मर्दन मोड़ स्थित दशहरा मेले में बुलाया था जहां दो लोग आए और उनमें से एक ने उसके साथ बलात्कार किया।
रिपोर्ट- गंगाधर पांडे