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आयुर्वेद कर सकता है बढ़ती उम्र को कंट्रोल, जानें एजिंग स्लो करने की प्रक्रिया में यह कैसे करता है काम?

 Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
 Published : Apr 07, 2025 12:14 pm IST,  Updated : Apr 07, 2025 06:43 pm IST

आयुर्वेद के अनुसार, एक संतुलित जीवनशैली, अच्छी डाइट के साथ हर्बल और कुछ देसी चीज़ों का इस्तेमाल आपकी युवावस्था को बनाए रखने में मदद कर सकता है।

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आयुर्वेदा Image Source : SOCIAL

उम्र बढ़ना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, लेकिन प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद, इसे धीमा करने और दीर्घायु को बढ़ावा देने के तरीके प्रदान करती है। आयुर्वेद के अनुसार, एक संतुलित जीवनशैली, अच्छी डाइट के साथ हर्बल और कुछ देसी चीज़ों का इस्तेमाल युवावस्था को बनाए रखने में मदद कर सकता है। लंबे समय तक आपकी स्किन जवां रहे इसलिए आप इन कुछ देसी नुस्खों को आज़माएं। 

जवां स्किन के इन देसी नुस्खों को आज़माएं। 

  • सात्विक डाइट करें फॉलो: सात्विक डाइट आपकी स्किन को जवां बनाएं रखने में मदद करती है। आप अपनी डाइट में ताजे फल, सब्जियां, साबुत अनाज, मेवे और हर्बल चाय को शामिल कर सकते हैं। ये चीज़ें युवावस्था को बनाए रखने के लिए आवश्यक माने जाते जाहैं। आंवला और हल्दी जैसे एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर खाद्य पदार्थ ऑक्सीडेटिव तनाव को कम कर, कोशिका को फिर से रिजनरेट करने में मदद करते हैं। अच्छी स्किन के लिए प्रोसेस्ड फ़ूड, शुगरी फूड्स और तली हुई चीजों से परहेज करें।

  • अभ्यंग उपचार करें: अभ्यंग आयुर्वेद की एक प्रमुख मालिश पद्धति है। इसमें गर्म तेल से शरीर की मालिश की जाती है। अभ्यंग से शरीर की ऊर्जा संतुलित होती है और रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है। यह मसाज शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करती है। तिल, नारियल या ब्राह्मी तेल जैसे गर्म हर्बल तेलों से मालिश करने से त्वचा को पोषण मिलता है और रक्त संचार भी बेहतर होता है। अभ्यंग पद्धति तनाव को कम करने के लिए जाना जाता है, जो समय से पहले बुढ़ापे का एक प्रमुख कारक है। 

  • रसायन फ़ॉर्मूले: आयुर्वेद के रसायन फ़ॉर्मूले में जड़ी-बूटियों, खनिजों और धातुओं का इस्तेमाल होता है। इन फ़ॉर्मूले को कायाकल्प चिकित्सा भी कहा जाता है। इस फार्मूला में आमला, गिलॉय, हरिताकी, अदरक, दालचीनी, बहदा, इलायची, और शुद्धा गांधाक जैसे पदार्थ का खूब इस्तेमाल किया जाता है। अश्वगंधा, ब्राह्मी और शतावरी प्रसिद्ध एडाप्टोजेन हैं जो तनाव को कम करते हैं।  च्यवनप्राश, विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर एक हर्बल जैम, ऊतकों को पुनर्जीवित करने और उम्र बढ़ने को धीमा करने में मदद करता है। 

  • पंचकर्म: पंचकर्म, आयुर्वेद की एक प्रमुख शाखा है। इसमें पांच चिकित्सीय उपचारों की मदद से शरीर को शुद्ध किया जाता है। यह एक पारंपरिक आयुर्वेदिक डिटॉक्सफाईंग चिकित्सा है, जो तेल मालिश, हर्बल भाप स्नान और आहार समायोजन जैसे विशेष उपचारों के माध्यम से शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालती है। विशेषज्ञ की देखरेख में डिटॉक्स, युवा जीवन शक्ति को बनाए रखने और उम्र से संबंधित बीमारियों को रोकने में मदद करता है।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

 

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