हेल्थ डेस्क: पहले विचार पर ध्यान देना। फिर सांस प्रक्रिया को जानना। और आखिर में अपनी भावनाओं को समझना। तनाव मुक्ति के लिए ध्यान की ये तकनीक बहुत कारगर है। हर दिन 6 से 8 घंटे की नींद चाहिए। रोजाना की डाइट में ताजी सब्जियां और फल शामिल हों। एक्सरसाइज के साथ-साथ कम-से-कम एक घंटे का ध्यान भी जरूरी है।
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मानसिक और शारीरिक सेहत के लिए इतने सारे टर्म एंड कंडीशंस। इसी को कहते हैं आदर्श जीवनशैली। मगर ऐसा करना क्या हर किसी के लिए संभव है? खासकर आज की पीढ़ी के लिए, जिसका पूरा समय भागदौड़ में ही बीत जाता है। अगर समय मिलता भी है, तो वह अपना वक्त सोशल मीडिया पर जाया करती है।
आपकी जिंदगी में चाहे जितनी भी व्यस्तता हो, सेहत तो हर किसी के लिए जरूरी है। स्वस्थ जीवनशैली की शुरुआत पहले ध्यान से करें। ध्यान को कहीं भी, किसी भी समय किया जा सकता है। ध्यान के दौरान आपको कुछ मिनट किसी एक वस्तु पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत होगी। भले ही पांच मिनट का ध्यान करें, मगर इसे नियमित करें।
ध्यान करने की यह माइक्रो तकनीक आपको लंबे समय तक बैठने की आदत बना देती है। यह तनाव या परेशानी के दौरान आपको मानसिक रूप से आराम देती है। ध्यान में जाने के लिए आगे की योग स्टूडियो की संस्थापक सीमा सोंधी कहती हैं, 'अपने विचारों पर नजर रखें, लेकिन खुद को उन विचारों से उठने वाली भावनाओं से न जोड़ें। यह जानने की कोशिश करें कि आप क्यों और क्या सोच रहे हैं। अपने आपको अच्छी तरह से जानने का यह सबसे अच्छा तरीका है।
ज्यादातर लोग इस प्रकार की अपनी आंतरिक प्रक्रिया से अनजान रहते हैं। अपने विचारों पर ध्यान देने से आप अपने डर और असुरक्षा के साथ जुड़ पाते हैं। किसी समस्या का आधा समाधान तो उस समस्या के बारे में पता लगाने या कम-से-कम इसको देखने और दिमाग से बाहर निकाल देने से भी हो जाता है। और यहां ध्यान का अभ्यास करना मददगार होता है।
याद रखें, हमारे ज्यादातर विचार भविष्य या पिछली बातों को लेकर होने वाली चिंताओं से संबंधित होते हैं। आपका वर्तमान आपके दिमाग में बहुत ही कम रहता है।'