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महावीर जयंती 2020: इन कोट्स और तस्वीरों से भेजें दोस्तों और करीबियों को शुभकामनाएं संदेश

 Written By: India TV Lifestyle Desk
 Published : Apr 06, 2020 07:57 am IST,  Updated : Apr 06, 2020 12:49 pm IST

भगवान महावीर समाज कल्याण के लिए काफी काम किया। उन्होंने अपने अनमोल विचारों से जनमानस को प्रेरणा दी। आज उनकी जयंती में जानें कुछ अनमोल विचार।

महावीर जयंती 2020- India TV Hindi
महावीर जयंती 2020 Image Source : TWITTER/GUIDEFORALL

महावीर जयंती 2020: हर साल चैत्र मास की शुक्ल पक्ष को जैन धर्म के 24वें तीर्थकर महावीर की जयंती मनाई जाती हैं। इस दिन को लेकर जैन धर्म में मान्यता है कि महावीर का जन्म ईसा से 599 साल पहले बिहार के कुंडग्राम में हुआ था। भगवान महावीर ने 12 सालों तक कठोर तप किया था जिससे उन्हें इन्द्रियों पर विजय प्राप्त हुई थी। दीक्षा लेने के बाद भगवान महावीर ने दिगंबर स्वीकार कर लिया। दिगंबर लोग आकाश को ही अपना वस्त्र मानते हैं इसलिए वस्त्र धारण नहीं करते हैं।  उन्होंने समाज कल्याण के लिए काफी काम किया। उन्होंने अपने अनमोल विचारों से जनमानस को प्रेरणा दी। आज उनकी जयंती में जानें कुछ अनमोल विचार। 

महावीर के अनमोल वचन

भगवान महावीर ने कहा कि हर एक जीवित प्राणी के प्रति दया रखो। घृणा से विनाश होता है।

हर व्यक्ति अपने स्वयं के दोष की वजह से दुखी होते हैं और वे खुद अपनी गलती सुधार कर प्रसन्न हो सकते हैं।

स्वयं से लड़ो , बाहरी दुश्मन से क्या लड़ना ? वह जो स्वयम पर विजय कर लेगा उसे आनंद की प्राप्ति होगी।

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Image Source : TWITTER/I_SHRADDHA24mahavir jayanti

आत्मा अकेले आती है अकेले चली जाती है, न कोई उसका साथ देता है न कोई उसका मित्र बनता है।

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खुद पर विजय प्राप्त करना लाखों शत्रुओं पर विजय पाने से बेहतर है।

आपात स्थिति में मन को डगमगाना नहीं चाहिये।

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Image Source : TWITTER/IKSHATRIYA7/Mahavir jayanti

महावीर के 3 सूत्र

  • हमें स्वयं से लड़ने की प्रेरणा देते हैं। वे कहते हैं- स्वयं से लड़ो, बाहरी दुश्मन से क्या लड़ना? जो प्राणी स्वयं पर विजय प्राप्त कर लेगा उसे सभी सुखों की प्राप्ति होगी।अपने आप पर विजय प्राप्त करना अनेकों शत्रुओं पर विजय पाने से बेहतर है।
  • आपकी आत्मा से परे कोई भी शत्रु नहीं है। असली शत्रु अपने भीतर रहते हैं वे शत्रु हैं- लालच, द्वेष, क्रोध, घमंड ,आसक्ति और नफरत इनसे मनुष्य को सदैव बचना चाहिए।

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Image Source : TWITTER//PPRITAM009mahavir jayanti

  • मनुष्य के दुखी होने की वजह खुद की गलतियां ही है, जो मनुष्य अपनी गलतियों पर काबू पा सकता है वहीं मनुष्य सच्चे सुख की प्राप्ति भी कर सकता है। कठिन परिस्थितियों में भी मन को विचलित नहीं करना  चाहिये। 
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