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भारतीय मूल के ड्राइवर ने कनाडा में 2 लोगों को कैब में बिठाया, 3 को अस्पताल पहुंचाया; जानें ये हुआ कैसे

कनाडा में भारतीय मूल के कैब ड्राइवर हरदीप सिंह तूर ने कहा कि 4 साल से कैब चला रहा हूं। यह पहली बार हुआ है जब 2 लोग अंदर आए और 3 लोग बाहर निकले। चलिए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है।

Edited By: Amit Mishra @AmitMishra64927
Published : Jan 02, 2026 02:37 pm IST, Updated : Jan 02, 2026 02:38 pm IST
Cab Driver Picks Two Passengers Delivers Three To Hospital (Representational Image)- India TV Hindi
Image Source : FREEPIK Cab Driver Picks Two Passengers Delivers Three To Hospital (Representational Image)

टोरंटो: कनाडा में भारतीय मूल के ड्राइवर ने कैब में 2 लोगों को बिठाया लेकिन अस्पताल 3 लोगों को पहुंचाया। भारतीय मूल के इस ड्राइवर की चर्चा पूरे कनाडा में हो रही है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय मूल के कैब ड्राइवर ने एक गर्भवती महिला और उसके साथी को यात्री के तौर पर लिया और ठंड भरी रात में 3 लोगों को सुरक्षित रूप से अस्पताल पहुंचाया। रिपोर्ट के अनुसार महिला ने कैब में ही बच्चे को जन्म दिया थि जिसकी वजह से यह संख्या 3 हुई थी।

मौके पर पहुंचे कैब चालक ने क्या देखा?

ग्लोबल न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार कैलगरी के टैक्सी ड्राइवर हरदीप सिंह तूर ने पिछले शनिवार को देर रात एक डिस्पैच कॉल का जवाब दिया, जिसमें उन्हें बताया गया था कि यह अस्पताल के लिए एक अर्जेंट राइड है। तूर मौके पर पहुंचे तो बाद में एक ऐसा जोड़ा निकला जो अपने बच्चे के जन्म को लेकर समय से मुकाबला कर रहा था।

कैब चालक को हुआ स्थिति की गंभीरता का एहसास

CTV ने गुरुवार को तूर के हवाले से कहा, "वह एक गर्भवती महिला थी, और उसका साथी उसे (कैब में) चढ़ने में मदद कर रहा था। वह दर्द में थी।" जैसे ही तूर ने जोड़े को परेशानी में देखा, उन्हें स्थिति की गंभीरता का एहसास हो गया। उन्होंने CTV को बताया, "मेरा विचार था कि मुझे एम्बुलेंस बुलानी चाहिए लेकिन मौसम को देखते हुए, मुझे लगा कि शायद यह सही फैसला नहीं है।" उन्होंने आगे कहा, "उनकी बॉडी लैंग्वेज मुझे बता रही थी कि उनके पास समय नहीं है,जिसके बाद मैने गाड़ी चलाने का फैसला किया।"

मौसम ने मुश्किल बना दिए हालात

तूर को अस्पताल तक की ड्राइव सबसे लंबे 30 मिनट याद हैं, जिसमें पिछली सीट पर लात मारने और चिल्लाने की आवाजें आ रही थीं, और लाल बत्तियां नियमित अंतराल पर उनके सब्र का इम्तिहान ले रही थीं। ग्लोबल न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग –23°C तापमान, तूफानी मौसम और फिसलन भरी सड़कों के बीच, तूर ने कहा कि उनका एकमात्र ध्यान उन्हें जितनी जल्दी हो सके और सुरक्षित रूप से अस्पताल पहुंचाना था।

कैब में हुआ बच्चे का जन्म

अस्पताल पहुंचने से कुछ देर पहले तूर ने देखा कि पिछली सीट पर लात मारना और चिल्लाना बंद हो गया था। अस्पताल दिखाई देने से पहले ही पिछली सीट पर बच्चे का जन्म हो गया था। तूर ने कहा, "मैं रुका नहीं। मैं सोच रहा था कि मुझे जितनी जल्दी हो सके वहां पहुंचना चाहिए ताकि उन्हें (मेडिकल सहायता) मिल सके।" जैसे ही वो अस्पताल पहुंचे, स्टाफ महिला और नवजात शिशु की मदद के लिए दौड़ा।

'2 लोग अंदर आए और 3 लोग बाहर निकले'

तूर ने आगे कहा, "जब मैं वहां पहुंचा और स्टाफ को कार की ओर दौड़ते देखा, तो मैं बाहर निकल गया - मैंने उन्हें वह सब करने दिया जो उन्हें करना था।" उन्होंने कहा कि स्टाफ ने उन्हें बताया कि मां और बच्चा दोनों ठीक हैं। 4 साल से कैब चला रहे तूर ने कहा, "यह मेरा पहला अनुभव है जब 2 लोग अंदर आए और 3 लोग बाहर निकले।" उन्होंने इसे गर्व का पल बताया।

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