प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में एक डेयरी कंपनी और उसके प्रवर्तकों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के तहत छापेमारी की। यह छापेमारी भोपाल, सीहोर और मुरैना जिलों में स्थित 9 ठिकानों पर की गई। ED अधिकारियों ने बताया कि इस कंपनी और इसके प्रमुख प्रवर्तकों पर आरोप है कि वे मिलावटी दूध उत्पादों की आपूर्ति करने में शामिल थे, न केवल घरेलू बाजार में, बल्कि विदेशों में भी।
कंपनी और प्रवर्तकों पर आरोप
ED के अधिकारियों के अनुसार, इस डेयरी कंपनी और उसके प्रवर्तक किशन मोदी, राजेंद्र प्रसाद मोदी समेत अन्य व्यक्तियों पर आरोप है कि वे मिलावटी दूध तैयार कर उसे बाजार में वितरित कर रहे थे। इसके अलावा कंपनी पर यह भी आरोप है कि वह निर्यात के लिए फर्जी प्रयोगशाला प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल कर रही थी, जिनके जरिए मिलावटी उत्पादों को विदेशों में भेजा जा रहा था। इन उत्पादों का निर्यात बहरीन, सिंगापुर, ओमान, कतर और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों में किया गया था।
फर्जी प्रमाणपत्रों का खुलासा
जांच के दौरान यह पता चला कि कंपनी ने कुल 63 फर्जी प्रयोगशाला प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल किया, जिनके आधार पर मिलावटी दूध उत्पादों को विभिन्न देशों में भेजा गया। यह घोटाला देश की खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ता विश्वास के लिए एक बड़ा खतरा है, क्योंकि इस तरह के उत्पादों का सेवन उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हो सकता है। वहीं, इस मामले में कंपनी या उसके प्रवर्तकों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
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