मध्य प्रदेश में चार महीने बाद चुनाव है। साधु-संत कथावाचक और हिंदुत्व हाई डिमांड में है। बीजेपी की हिंदुत्व वाली पिच पर कांग्रेस के कमलनाथ खुलकर खेलते हुए छिंदवाड़ा में 3 दिनों तक बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री की रामकथा की यजमानी करेंगे। अब तक बाबा बागेश्वर बीजेपी नेताओं के कार्यक्रम में जा रहे थे। हालांकि, अब बाबा बागेश्वर को कांग्रेस भी अपने साथ दिखाने की कोशिश कर रही है।
छिंदवाड़ा में बाबा बागेश्वर का दरबार 5 से 7 अगस्त तक लगने जा रहा है। आज कलश यात्रा निकाली गई। कमलनाथ ने बाबा के भव्य दरबार की व्यवस्था की है। इसके लिए 25 एकड़ की जमीन रेंट पर ली गई है। यहां 3 वाटरप्रूफ डोम खड़े किए गए हैं। इसमें एक बार में एक लाख से ज्यादा लोग रामकथा सुन पाएंगे। इससे पहले सिमरिया में ही कमलनाथ ने 108 फीट ऊंची हनुमान मूर्ति और मंदिर बनवाया है। इसी मंदिर के पास बाबा बागेश्वर अपनी दरबार लगाने जा रहे हैं। ऐसा पहली बार होगा कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के लिए कोई कांग्रेसी नेता कथा का आयोजन करवा रहे हैं।
कमलनाथ ने बाबा की सभा के लिए छिंदवाड़ा ही क्यों चुना?
छिंदवाड़ा कमलनाथ का गढ़ है। कमलनाथ 7 बार छिंदवाड़ा से सांसद रह चुके हैं। अभी उनके बेटे नकुलनाथ सांसद हैं। छिंदवाड़ा जिले में 7 विधानसभा सीटें हैं। सभी सीटों पर कांग्रेस के ही विधायक हैं। 2018 में छिंदवाड़ा में एक भी सीट बीजेपी को नहीं मिली। शिवराज सिंह चौहान पिछले पांच महीने में करीब 4 बार छिंदवाड़ा आ चुके हैं। मार्च में शिवराज ने कहा था कि छिंदवाड़ा से ही कांग्रेस और कमलनाथ का अंत करेंगे।शिवराज सरकार के सारे मंत्री ने बाबा के दरबार में लगाई हाजिरी
बाबा बागेश्वर का कब-कब कौन सा हुआ कार्यक्रम
मध्य प्रदेश में 90 फीसदी हिंदू आबादी
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश की आबादी 11 करोड़ है जिसमें 5.40 करोड़ मतदाता हैं। इन मतदाताओं में साढ़े चार करोड़ हिंदू हैं, जबकि मुसलमान मतदाताओं की तादाद 50 लाख है। यानी की राज्य में 90 फीसदी हिंदू जबकि मुसलमानों की तादाद करीब 7 फीसदी है। यानी जिसके खाते में हिंदू वोट जाएंगे वही सत्ता पर राज करेगा। ये बात शिवराज सिंह और कमलनाथ जानते हैं, इसीलिए बाबा के सहारे, हिंदू और हिंदुत्व के सहारे आगे बढ़ रहे हैं। उन्हें पता है कि अगर बाबा का आशीर्वाद नहीं मिला, तो चुनाव जीतने की राह मुश्किल हो जाएगी।
हिंदुत्व के मुद्दे पर चुनाव लड़ेगी कांग्रेस
कांग्रेस साफ कर चुकी है कि वो भी हिंदुत्व के मुद्दे पर इस बार का चुनाव लड़ेगी, तभी कांग्रेस ने जबलपुर में नर्मदा पूजा अर्चना के साथ आगाज किया था। इसमें खुद प्रियंका गांधी भी आईं थीं। अब कमलनाथ अपने गढ़ में दिव्य कथा करवा रहे हैं, वो भी हिंदुत्व और हिंदू राष्ट्र का झंडा संभालने वाले धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से। जाहिर है उनकी लोकप्रियता को अब कांग्रेस दिव्य कथा के रूप में भुनाने की कोशिश कर रही है।
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