महाराष्ट्र की 29 नगरपालिकाओं में 68 पार्षद निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। चुनावों से पहले महायुति उम्मीदवारों की "निर्विरोध" जीत को लेकर विवाद सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंच गया। कांग्रेस ने भाजपा नेतृत्व वाली महायुति पर लोकतंत्र को कमजोर करने का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं, इस पर राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा ''अब तुझको मिर्ची लगी तो मैं क्या करूं।'' जानकारी के लिए बता दें कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने निर्विरोध चुनाव के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर की है।
धुले में जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम फडणवीस ने कहा, ''आपने तो कमाल कर दिया। शुरूआत में ही अपने चौका मार दिया, चार पार्षदों को आपने निर्विरोध चुना। हमारे पार्षद निर्विरोध चुनकर आए तो कुछ लोगों को मिर्ची लग रही है, अब तुझको मिर्ची लगी तो मैं क्या करूं।''
MNS नेता ने अदालत का रुख किया
MNS की ठाणे इकाई के प्रमुख अविनाश जाधव ने आरोप लगाया है कि विपक्षी उम्मीदवारों को भ्रष्ट तरीकों से अपने नामांकन पत्र वापस लेने के लिए मजबूर किया गया या उन्हें, डराया-धमकाया या लालच दिया गया, जो संविधान के अनुच्छेद 243-जेडए के तहत 'स्वतंत्र और निष्पक्ष' होने के प्रावधान का उल्लंघन करता है।
अविनाश जाधव ने वकील असीम सरोडे के माध्यम से दायर एक याचिका में "सामूहिक रूप से नाम वापस लेने" की अदालत की निगरानी में जांच और उन 68 सीटों पर नतीजों की घोषणा पर रोक लगाने की मांग की, जहां सत्तारूढ़ बीजेपी और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने निर्विरोध जीत का दावा किया है।
उद्धव ठाकरे ने क्या कहा?
महाराष्ट्र में 15 जनवरी को 29 नगर निकायों के लिए चुनाव होने हैं। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने राज्य निर्वाचन आयोग से 68 नगर निकाय वार्डों के नतीजे रद्द करने की अपील की, जहां निकाय चुनावों से पहले सत्तारूढ़ महायुति के उम्मीदवारों को निर्विरोध विजेता घोषित किया गया। उद्धव ठाकरे ने कहा कि निर्विरोध जीत Gen Z और पहली बार मतदान करने वाले वोटर्स को उनके मतदान के अधिकार से वंचित कर देती है।
उद्धव पर CM फडणवीस का पलटवार
मुंबई नगर निगम चुनावों के लिए अपने संयुक्त घोषणापत्र को जारी करने के लिए मनसे प्रमुख राज ठाकरे के साथ मंच साझा करते हुए, उद्धव ने चेतावनी दी कि लोकतंत्र को "भीड़तंत्र" द्वारा कुचला नहीं जाना चाहिए। उद्धव पर पलटवार करते हुए सीएम फडणवीस ने विपक्ष पर चुनाव में आसन्न हार को देखते हुए "बहाने ढूंढने" का आरोप लगाया। फड़नवीस ने कहा, "वे बेशक अदालत जा सकते हैं, लेकिन जनता की अदालत ने हमें चुना है। भले ही वे (विपक्षी दल) अदालत में जाएं, जनादेश अदालत में सर्वोपरि होगा।"
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