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No more 'Droughts': अनाज उत्पादन 2015-16 में बढ़कर 25.31 करोड़ टन रहने का अनुमान, दालों की भी बढ़ेगी पैदावार

 Written By: Dharmender Chaudhary
 Published : Feb 15, 2016 07:57 am IST,  Updated : Feb 15, 2016 07:57 am IST

देश में लगातार दो साल से सूखे के बावजूद सरकारी अनुमान के मुताबिक देश में 2015-16 (फसल वर्ष) के दौरान अनाज उत्पादन बढ़कर 25.31 करोड़ टन पहुंच सकता है।

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No more ‘Droughts’: अनाज उत्पादन 2015-16 में बढ़कर 25.31 करोड़ टन रहने का अनुमान, दालों की भी बढ़ेगी पैदावार

नई दिल्ली। लगातार दो साल से सूखे के बावजूद गेहूं और दलहन के उत्पादन में सुधार की उम्मीद है। सरकारी अनुमान के मुताबिक देश में 2015-16 (फसल वर्ष) के दौरान अनाज उत्पादन बढ़कर 25.31 करोड़ टन पहुंच सकता है। हालांकि, यह अनुमान फसल वर्ष (जुलाई-जून) 2013-14 के रिकार्ड 26.50 करोड़ टन उत्पादन के मुकाबले कम है, लेकिन पिछले साल से अधिक है। गेहूं, चावल, मोटा अनाज और दलहन अनाज माने जाते हैं।

कम बारिश के बावजूद बढ़ेगा उत्पादन

कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा, कुल मिलाकर लगातार दो साल से मानसूनी बारिश कम होने के बावजूद अनाज उत्पादन पिछले साल के मुकाबले बेहतर रह सकता है। फरवरी-मार्च की अवधि गेहूं उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण होती है और हमें उम्मीद है कि ओलावृष्टि जैसी स्थिति नहीं होगी जैसा कि हमने पिछले साल देखा था। उन्होंने कहा कि इस साल 14 फीसदी बारिश कम हुई। समय-समय पर की गई आपात पहलों और फसलों की बेहतर किस्मों के कारण उत्पादन में नुकसान घटा। साथ ही कहा कि गेहूं के अलावा अन्य फसलों की भी खेती की ओर ध्यान दिया गया।

मोटे अनाज, तिलहन, कपास का घटेगा उत्पादन

कृषि मंत्रालय के इसी सप्ताह जारी दूसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार, गेहूं और दलहन को छोड़कर मोटे अनाज, तिलहन, कपास, जून और गन्ने का उत्पादन 2015-16 में उम्मीद से कम रहने की संभावना है। गेहूं उत्पादन 2015-16 के दौरान 8.42 फीसदी बढ़कर 9.38 करोड़ टन हो जाने का अनुमान है, जो पिछले साल 8.65 करोड़ टन था। दलहन उत्पादन भी इस साल आंशिक रूप से बढ़कर 1.73 करोड़ टन हो जाने की उम्मीद है जो पिछले साल 1.71 करोड़ टन था। हालांकि, यह घरेलू मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त नहीं है। प्रमुख खरीफ फसल चावल का उत्पादन 2015-16 के दौरान हालांकि दो प्रतिशत गिरकर 10.36 करोड़ टन रहने का अनुमान है जो पिछले वर्ष के दौरान 10.54 करोड़ टन था। अनुमान के मुताबिक मोटे अनाज का उत्पादन इस साल 44.6 लाख टन घटकर 3.84 करोड़ टन रह सकता है जबकि तिलहन उत्पादन घटकर 2.63 करोड़ टन रहने का अनुमान है जो पिछले साल 2.75 करोड़ टन था।

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