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पीयूष गोयल ने दिया रूसी स्टार्टअप मॉडल का प्रस्ताव, मिलेगा बड़ा फायदा, जान लेते हैं आखिर क्या बला है ये

 Published : Sep 25, 2024 11:29 am IST,  Updated : Sep 25, 2024 11:29 am IST

भारत उद्यमियों, इनोवेटर्स और निवेशकों को एक साथ लाने के लिए 500 एकड़ तक की टाउनशिप की योजना बना रहा है। इसका फायदा यह मिलेगा कि वह एक ही छत के नीचे अहम संसाधनों, सलाहकारों और सुविधाओं तक पहुंच सकते हैं।

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल।- India TV Hindi
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल। Image Source : FILE

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने हाल ही में रूस के स्टार्टअप मॉडल के तहत समर्पित टाउनशिप विकसित करने का प्रस्ताव दिया है। केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, यह रसियन मॉडल देश में स्टार्टअप ईको सिस्टम को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा दे सकते हैं। यह स्टार्टअप के लिए जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर और रिसोर्स उपलब्ध कर सकते हैं। रूस में समर्पित टाउनशिप ने स्टार्टअप की ग्रोथ में काफी मददगार साबित हुए हैं। भारत भी इस मॉडल को अपनाने की पहल की है। आइए जानते हैं आखिर रूसी स्टार्टअप मॉडल क्या बला है।

स्टार्टअप टाउनशिप

लाइवमिंट की खबर के मुताबिक, रूस में सरकार समर्पित टाउनशिप विकसित करती है। इनमें मॉस्को के पास स्कोल्कोवो इनोवेशन सेंटर, कज़ान (तातारस्तान में) के पास इनोपोलिस, समारा क्षेत्र में ज़िगुलेवस्क वैली टेक-नोपार्क और साइबेरिया में नोवोसिबिर्स्क के पास एकेडेमगोरोडोक शामिल हैं। रूस में, स्टार्टअप को सरकार के साथ रजिस्ट्रेशन कराना होता है। रजिस्ट्रेशन के बाद, उन्हें इन टाउनशिप के भीतर जगह अलॉट की जाती है। यह जगह किराए या खरीद के लिए दी जाती है। यह आइडिया सस्ते कार्यस्थल हासिल करने की चुनौती को कम करता है। इस मॉडल ने रूसी स्टार्टअप को फलने-फूलने का मौका दिया। रूस में ऐसे 21,500 से ज्यादा स्टार्टअप हैं।

भारत में क्या है प्लानिंग

भारत उद्यमियों, इनोवेटर्स और निवेशकों को एक साथ लाने के लिए 500 एकड़ तक की टाउनशिप की योजना बना रहा है। इसका फायदा यह मिलेगा कि वह एक ही छत के नीचे अहम संसाधनों, सलाहकारों और सुविधाओं तक पहुंच सकते हैं। टाउनशिप का निर्माण राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम (एनआईसीडीसी) द्वारा किया जाएगा। सरकार ने 10 राज्यों में 12 औद्योगिक स्मार्ट शहरों के विकास को भी मंजूरी दी है।

टाउनशिप कहां स्थित होंगी

स्टार्टअप टाउनशिप बेंगलुरु, दिल्ली और मुंबई जैसे मौजूदा केंद्रों के पास स्थापित किए जाने की संभावना है। ये तकनीकी और उद्यमशीलता गतिविधि के प्रमुख केंद्र हैं। सरकार को उम्मीद है कि अनुभवी उद्यमियों और उभरते स्टार्टअप के बीच सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) और तकनीकी संस्थानों (IIT मद्रास और बॉम्बे) और उद्योग निकायों जैसे हितधारकों के बीच परामर्श चल रहा है।

स्टार्टअप इंडिया कार्यक्रम की सफलता

खबर के मुताबिक, सरकार का दावा है कि 2016 में शुरू किए गए स्टार्टअप इंडिया कार्यक्रम ने 146,000 से ज़्यादा स्टार्टअप की सफलता में योगदान दिया है। केंद्र कई डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म संचालित करता है। इनमें से कुछ हैं स्टार्टअप इंडिया इन्वेस्टर कनेक्ट पोर्टल, नेशनल मेंटरशिप पोर्टल MAARG (मेंटरशिप, एडवाइजरी, असिस्टेंस, रेसिलिएंस, ग्रोथ), स्टार्टअप इंडिया शोकेस और स्टार्टअप इंडिया सीड फंड। स्टार्टअप की संख्या के मामले में अमेरिका और चीन के बाद भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है।

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