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IndiGo अपने डोमेस्टिक-इंटरनेशनल डेस्टिनेशंस करेगी दोगुना, देश की है सबसे बड़ी एयरलाइन

 Published : Mar 27, 2024 01:08 pm IST,  Updated : Mar 27, 2024 01:12 pm IST

इंडिगो 60 प्रतिशत से कुछ अधिक की घरेलू बाजार हिस्सेदारी के साथ देश की सबसे बड़ी एयरलाइन है। यह ए321 एक्सएलआर विमान पर भी बड़ा दांव लगा रही है, जिसके साल 2025 में उसके बेड़े का हिस्सा बनने की उम्मीद है।

अप्रैल 2024 से शुरू होने वाले अगले वित्त वर्ष के लिए हर हफ्ते एक विमान आ रहा है। - India TV Hindi
अप्रैल 2024 से शुरू होने वाले अगले वित्त वर्ष के लिए हर हफ्ते एक विमान आ रहा है। Image Source : FILE

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो साल 2030 तक के लिए बड़ी प्लानिंग कर रही है। एयरलाइन का लक्ष्य अगले छह साल में अपने डोमेस्टिक-इंटरनेशनल डेस्टिनेशंस साइज को बढ़ाकर दोगुना करना है। इसमें कई नए रूट भी शामिल होंगे। इंडिगो के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पीटर एल्बर्स ने बुधवार को इस बात की जानकारी दी। भाषा की खबर के मुताबिक, इंडिगो 60 प्रतिशत से कुछ अधिक की घरेलू बाजार हिस्सेदारी के साथ देश की सबसे बड़ी एयरलाइन है। यह ए321 एक्सएलआर विमान पर भी बड़ा दांव लगा रही है, जिसके साल 2025 में उसके बेड़े का हिस्सा बनने की उम्मीद है।

विदेशी उपस्थिति को और बढ़ाना है मकसद

खबर के मुताबिक, एयरलाइन का मकसद विदेशी उपस्थिति को और बढ़ाना है। एयरलाइन के सीईओ ने कहा कि अप्रैल 2024 से शुरू होने वाले अगले वित्त वर्ष के लिए हर हफ्ते एक विमान आ रहा है। सप्लाई चेन के साथ-साथ प्रैट एंड व्हिटनी इंजन संकट के बीच एल्बर्स ने इस बात पर भी जोर दिया कि एयरलाइन कई राहत उपाय कर रही है जिनके नतीजे सामने आ रहे हैं और एयरक्राफ्ट ऑन ग्राउंड (एओजी) की स्थिति  स्टेबल है। फिलहाल एयरलाइन 88 घरेलू और 33 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों तक उड़ान भरता है। इसके बेड़े में 360 से ज्यादा विमान हैं।

इन एयरलाइन से है कोड शेयरिंग

एल्बर्स ने कहा कि वर्ष 2030 तक आज के आकार से दोगुना होना और ग्लोबल पहुंच वाली एक एयरलाइन बनना हमारा महत्वाकांक्षी लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि अधिक कोडशेयर साझेदारी की उम्मीद की जा सकती है। इंडिगो के पास वर्तमान में टर्किश एयरवेज, ब्रिटिश एयरवेज, कतर एयरवेज, अमेरिकन एयरलाइंस, केएलएम-एयर फ्रांस, क्वांटास, जेटस्टार और वर्जिन अटलांटिक के साथ कोडशेयर है। कोडशेयरिंग एक एयरलाइन को अपने यात्रियों को अपने साझेदार वाहक पर बुक करने और विभिन्न गंतव्यों के लिए निर्बाध यात्रा प्रदान करने की अनुमति देती है।

भारत में एक विमानन परिवेश तंत्र होना चाहिए

एल्बर्स के मुताबिक, भारत दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश है और भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है, तो भारत में एक विमानन परिवेश तंत्र होना चाहिए जो देश के आकार, क्षमता और महत्वाकांक्षा से मेल खाता हो। इसमें इंडिगो एक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। ए321 एक्सएलआर विमान से एयरलाइन को अपनी पहुंच का और विस्तार करने में मदद मिलेगी। ए321 एक्सएलआर विमान के 2025 में बेड़े में शामिल होने की उम्मीद है।

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