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मिडिल-ईस्ट के मौजूदा हालातों की वजह से महंगाई बढ़ने की आशंका, धीमी पड़ी वैश्विक वृद्धि

 Edited By: Sunil Chaurasia
 Published : Apr 14, 2026 08:31 pm IST,  Updated : Apr 14, 2026 08:31 pm IST

खाड़ी देशों में मौजूदा हालातों को ध्यान में रखते हुए आईएमएफ ने इस साल वैश्विक महंगाई दर के अपने अनुमान को बढ़ाकर 4.4 प्रतिशत कर दिया है, जबकि जनवरी में इसके 3.8 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था।

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गंभीर परिदृश्य में 2 प्रतिशत तक गिर सकती है वैश्विक वृद्धि Image Source : AFP

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने मंगलवार को कहा कि खाड़ी देशों में तनाव ने इस साल पूरी दुनिया की आर्थिक गति को धीमा कर दिया है, जिससे 2025 की तुलना में वृद्धि दर में गिरावट आने की आशंका है। IMF ने वैश्विक वृद्धि के अपने अनुमान को घटाकर 2026 के लिए 3.1 प्रतिशत कर दिया है, जबकि जनवरी में इसके 3.3 प्रतिशत रहने की संभावना जताई गई थी। ये 2025 में अनुमानित 3.4 प्रतिशत वृद्धि से धीमी होगी। ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों, ईरान के होर्मुज स्ट्रेट बंद करने और पड़ोसी देशों में तेल रिफाइनरियों और अन्य ऊर्जा बुनियादी ढांचों पर जवाबी हमलों के कारण दुनिया भर में तेल और गैस की कीमतों में तेजी आई है।

वैश्विक महंगाई दर के अनुमान में बढ़ोतरी 

खाड़ी देशों में मौजूदा हालातों को ध्यान में रखते हुए आईएमएफ ने इस साल वैश्विक महंगाई दर के अपने अनुमान को बढ़ाकर 4.4 प्रतिशत कर दिया है, जबकि जनवरी में इसके 3.8 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था। वहीं 2025 के लिए ये 4.1 प्रतिशत था। युद्ध से पहले तक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संरक्षणवादी नीतियों के बावजूद विश्व अर्थव्यवस्था ने आश्चर्यजनक रूप से मजबूती दिखाई थी। इन नीतियों ने दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और कभी आयात के लिए लगभग पूरी तरह से खुला बाजार रहे अमेरिका के चारों ओर आयात कर की दीवार खड़ी कर दी थी। लेकिन इससे नुकसान कम हुआ। 

पश्चिम एशिया के युद्ध ने रोकी वृद्धि

डेटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में भारी निवेश के साथ प्रौद्योगिकी क्षेत्र में तेजी और बढ़ती उत्पादकता ने भी विश्व अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दिया। आईएमएफ के मुख्य अर्थशास्त्री पियरे-ओलिवियर गौरिंचास ने मुद्रा कोष के ताजा विश्व आर्थिक परिदृश्य के साथ ब्लॉग पोस्ट में लिखा, ''पश्चिम एशिया में युद्ध ने इस गति को रोक दिया है। आईएमएफ का ये मानना था कि फारस की खाड़ी में संघर्ष अल्पकालिक होगा और इस वर्ष ऊर्जा की कीमतों में 19 प्रतिशत की हल्की वृद्धि होगी। स्थिति इससे कहीं ज्यादा खराब हो सकती है। 

गंभीर परिदृश्य में 2 प्रतिशत तक गिर सकती है वैश्विक वृद्धि

एक 'गंभीर परिदृश्य' में, जिसमें ऊर्जा संकट अगले साल तक जारी रहता है और केंद्रीय बैंकों को मुद्रास्फीति से निपटने के लिए ब्याज दरें बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ता है, वैश्विक वृद्धि 2026 और 2027 में घटकर 2 प्रतिशत हो सकती है। उन्होंने कहा, ''अस्थायी युद्धविराम की हाल की खबरों के बावजूद, कुछ नुकसान पहले ही हो चुका है और आगे के जोखिम अभी भी बहुत ज्यादा हैं।'' आईएमएफ ने इस साल अमेरिका की वृद्धि दर के अपने अनुमान को थोड़ा घटाकर 2.3 प्रतिशत कर दिया है। आईएमएफ के अनुमान के अनुसार, यूरो मुद्रा साझा करने वाले 21 यूरोपीय देश इस साल सामूहिक रूप से 1.1 प्रतिशत की वृद्धि हासिल करेंगे, जो 2025 के 1.4 प्रतिशत से कम है। 

प्राकृतिक गैस की बढ़ती कीमतों से बुरी तरह प्रभावित हो रहा है यूरोप 

यूरोप प्राकृतिक गैस की बढ़ती कीमतों से बुरी तरह प्रभावित है। सबसे ज्यादा प्रभावित होने की संभावना उन कर्ज में डूबे गरीब देशों की है जो ऊर्जा आयात करते हैं और सरकारी खर्च और टैक्स राहत बढ़ाकर अपनी अर्थव्यवस्थाओं को सहारा देने में असमर्थ हैं। इस संघर्ष से उभरने वाला एक प्रमुख देश रूस है, जो ऊर्जा निर्यातक होने के नाते उच्च कीमतों से लाभान्वित होगा। 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण के बाद प्रतिबंधों से बुरी तरह प्रभावित रूसी अर्थव्यवस्था के लिए आईएमएफ ने अपने अनुमान को बढ़ाकर 1.1 प्रतिशत कर दिया है, जो अभी भी मामूली है। 

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