मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी में 35% की भारी बढ़ोतरी की घोषणा की गई है। हरियाणा के श्रम मंत्री अनिल विज ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार ने अकुशल श्रमिकों के लिए न्यूनतम पारिश्रमिक 11,274.60 रुपये से बढ़ाकर 15,220 रुपये प्रति माह कर दिया है। अनिल विज ने कहा कि न्यूनतम पारिश्रमिक बढ़ाने का फैसला राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया और ये 1 अप्रैल से प्रभावी होगा। मंत्रिमंडल की बैठक मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई, जिन्होंने बाद में मीडिया से कहा कि इस फैसले से राज्य के लाखों अकुशल मजदूरों को सीधा फायदा होगा और उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा।
एक्सपर्ट कमेटी ने की थी अकुशल श्रमिकों के न्यूनतम पारिश्रमिक में बढ़ोतरी की सिफारिश
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान उन्होंने घोषणा की थी कि एक एक्सपर्ट कमेटी ने अकुशल श्रमिकों के न्यूनतम पारिश्रमिक में बढ़ोतरी की सिफारिश की है। मंत्रिमंडल के फैसले के बारे में विस्तृत विवरण देते हुए राज्य के श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि अकुशल श्रमिकों के पारिश्रमिक यानी मजदूरी में 11,274.60 रुपये से 15,220 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जो लगभग 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इसी तरह अर्ध-कुशल श्रमिकों की मजदूरी 12,430.18 रुपये से बढ़ाकर 16,780.74 रुपये प्रति माह कर दिया गया है, जिसमें लगभग 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
कुशल और अत्यधिक कुशल श्रमिकों के मेहनताना में भी 35% की बढ़ोतरी की घोषणा
श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि राज्य में अकुशल श्रमिकों के साथ ही कुशल श्रमिकों का पारिश्रमिक भी 13,704.31 रुपये से बढ़ाकर 18,500.81 रुपये कर दिया गया है, ये लगभग 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। इसी तरह, हरियाणा में अत्यधिक कुशल श्रमिकों का मेहनताना भी 14,389.52 रुपये से बढ़ाकर 19,425.85 रुपये कर दिया गया है, जो 5,036.33 रुपये या लगभग 35 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी है।