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सेंसेक्‍स 792 अंक और निफ्टी 246 अंक गिरकर हुए बंद, 2 दिन में निवेशकों को लगा 5 लाख करोड़ रुपए का चूना

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Jul 08, 2019 01:45 pm IST,  Updated : Jul 08, 2019 03:36 pm IST

सोमवार को दोपहर 1:40 पर बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1.72 प्रतिशत या 678.21 अंक की गिरावट के साथ 38,835.18 अंक पर कारोबार कर रहा था।

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नई दिल्‍ली। सोमवार को लगातार दूसरे दिन शेयर बाजारों में गिरावट रही। बंबई स्‍टॉक एक्‍सचेंज का 30 शेयरों वाला सूचकांक सेंसेक्‍स 792.82 अंक या 2.01 प्रतिशत टूटकर 38,720.57 अंक गिरकर बंद हुआ। वहीं दूसरी और नेशनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज का 50 शेयरों वाला सूचकांक निफ्टी 246.75 अंक या 2.09 प्रतिशत की गिरावट के साथ 11,564.40 अंक पर बंद हुआ।

शेयर बाजार को मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण कालिक बजट रास नहीं आया। मार्केट फ्रेंडली बजट न होने से पिछले दो सत्रों में शेयर बाजार के निवेशकों को 5 लाख करोड़ रुपए का चूना लग चुका है। शुक्रवार को बीएसई लि‍स्‍टेड सभी कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 153.58 लाख करोड़ रुपए था, जो सोमवार को सुबह 11:40 मिनट के आसपास घटकर 148.43 लाख करोड़ रुपए रह गया।

बीएसई सेंसेक्‍स सोमवार को दोपहर 2 बजे के आसपास भारी बिकवाली के चलते और 2.29 प्रतिशत या 900 से अधिक अंक टूट गया था। बाजार जानकारों का कहना है कि वृद्धि को आगे बढ़ाने में नाकाम रहे बजट की वजह से विदेशी निवेशक बिकवाली कर रहे हैं।

सोमवार को दोपहर 2:26 बजे बीएसई सेंसेक्‍स 904.29 अंक या 2.29 प्रतिशत गिरकर 38612.65 अंक पर कारोबार कर रहा था। वहीं एनएसई निफ्टी 285.10 अंक या 2.41 प्रतिशत गिरकर 11,526.05 अंक पर कारोबार कर रहा था।

सोमवार को दोपहर 1:40 पर बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्‍स 1.72 प्रतिशत या 678.21 अंक की गिरावट के साथ 38,835.18 अंक पर कारोबार कर रहा था। वहीं दूसरी ओर नेशनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज का 50 शेयरों वाला सूचकांक निफ्टी 1.81 प्रतिशत या 213.60 अंक कमजोर होकर 11,597.55 अंक पर कारोबार करते देखा गया।

आईडीबीआई कैपिटल मार्केट के रिसर्च हेड एके प्रभाकर का कहना है कि बजट में कुछ भी नया नहीं है और बाजार इससे संतुष्‍ट है। हालांकि एफपीआई के लिए लॉन्‍ग टर्म कैपिटल गेन टैक्‍स को बढ़ाया गया है, यही वह एक चीज है जो बाजार को पसंद नहीं आई है। बायबैक टैक्‍स और कुछ सालों बार पब्लिक शेयरहोल्डिंग्‍स को बढ़ाने वाले कुछ ऐसे फैसले हैं जिन्‍होंने बाजार को नुकसान पहुंचाया है।

अल्‍ट्रा-रिच पर इनकम टैक्‍स सरचार्ज बढ़ाने का प्रस्‍ताव भी 2,000 विदेशी फंड हाउस को प्रभावित कर सकता है, जो या तो ट्रस्‍ट, या व्‍यक्तियों के समूह या व्‍यक्तिगत या एओपी के तौर पर निवेश करते हैं।

 

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