बिहार में आज चुनाव परिणाम का इंतजार सिर्फ राजनीतिक हलचल नहीं बढ़ा रहा, बल्कि राज्य की औद्योगिक धड़कन भी इसी घड़ी पर टिकी है। लंबे समय से “बीमारू” टैग झेल रहा बिहार अब नई औद्योगिक स्कीमों और बड़े निवेश की तैयारी में है।
बिहार में गंगा नदी के किनारे अब जल्द ही एक नया ‘गंगापथ’ बनकर तैयार होगा, जो राज्य की अर्थव्यवस्था और पर्यटन दोनों के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। 17 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इन सड़क परियोजनाओं से न सिर्फ सफर का समय घटेगा बल्कि गंगा किनारे का मनोरम दृश्य भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनेगा।
अनुपूरक बजट, सामान्य बजट से अलग होता है। जब किसी राज्य में बजट पेश किए जाने के बाद कोई नया काम या नई जरूरत पड़ती है तो उसे पूरा करने के लिए अनुपूरक बजट पेश किया जाता है।
बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के 30 शेयरों पर आधारित प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स बीते सत्र से 361.82 अंकों की बढ़त के साथ 42,959.25 पर खुला और जोरदार लिवाली आने से 43,118.11 तक चढ़ा।
जीएसडीपी के मामले में तेजी से ग्रोथ करने वाले राज्यों में बिहार सबसे आगे है। वित्त वर्ष 2014-15 में बिहार की जीएसडीपी ग्रोथ रेट 17.06 फीसदी दर्ज की गई है।
नीतीश कुमार ने लगातार पांचवीं बार मुख्यमंत्री का पद संभाल लिया है। शुक्रवार को नीतीश कुमार ने बिहार के 34वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहन किया है।
नीतीश कुमार के सामने अब अगली चुनौती स्थायी सरकार का गठन और बिहार की अर्थव्यवस्था में तेज विकास लाना है।
अरुण जेटली ने कहा कि बिहार में एनडीए की हार का आर्थिक रफ्तार पर कोई असर नहीं होगा। "मैं बिहार की हार को अर्थव्यवस्था के लिए झटका नहीं मानता”।
बिहार विधानसभा चुनावों में नीतीश कुमार की अगुवाई वाले महागठबंधन की जीत के बाद, उद्योग जगत ने कहा कि मोदी सरकार को अब आर्थिक सुधारों पर जोर देना चाहिए।
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