इंपोर्ट पर भारी-भरकम टैरिफ लगाने के ट्रंप के फैसले के बाद चीन ने भी जवाबी कदम उठाए, जिसके बाद दोनों देशों के बीच ट्रेड वॉर जैसी स्थिति बन गई।
31 मार्च, 2025 तक, पाकिस्तान पर IMF का कुल 6.23 बिलियन डॉलर का कर्ज है। इसमें लोन और आउटस्टैंडिंग क्रेडिट दोनों शामिल हैं।
RFA रिपोर्ट के अनुसार, मजदूरों ने दावा किया कि फ्लैक्सिबल सर्किट बोर्ड बनाने वाली सिचुआन स्थित कंपनी ने साल की शुरुआत से ही उनके वेतन का मुआवजा नहीं दिया।
बीते कुछ सालों की तुलना में पिछले साल भारत को पूरे साल अपना टॉप स्पॉट बनाए रखने में काफी संघर्ष करना पड़ा।
अमेरिका ने चीनी उत्पादों पर टैरिफ को बढ़ाकर 245% कर दिया है। वहीं, ट्रम्प के टैरिफ के जवाब में चीन ने अमेरिका पर 125% टैरिफ लगाया हुआ है।
ट्रेजरी विभाग के मुताबिक, इन लेनदेन से होने वाली कमाई का इस्तेमाल ईरान के सरकारी संचालन और आतंकवादी संगठनों को समर्थन के लिए किया जाता है।
मौजूदा समय में, भारत में 159 ऑपरेशनल एयरपोर्ट हैं और अगले पांच सालों में 50 और एयरपोर्ट डेवलप परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। घरेलू एयरलाइनों के पास 1,700 से अधिक विमानों का ऑर्डर है।
चीन से अमेरिका जाने वाले सामान पर अब 245% तक टैक्स देना होगा। व्हाइट हाउस के फैक्ट शीट से यह जानकारी मिली है।
वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का चीन के साथ व्यापार घाटा लगभग 17% बढ़कर 99.2 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष 2023-24 में 85.07 अरब डॉलर था।
जानकार कहते हैं कि बोइंग की डिलीवरी को रोकने से चीनी विमानन क्षेत्र और अमेरिकी एयरोस्पेस उद्योग की दिग्गज कंपनी दोनों के लिए महत्वपूर्ण निहितार्थ हो सकते हैं।
चीन का अमेरिका के साथ व्यापार सरप्लस बढ़ने से यूएस को भारी घाटा हो रहा है। इसके चलते अमेरिका ने चीन पर भारी टैक्स लगाया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को छोड़कर अन्य अधिकांश देशों पर 90 दिनों के लिए 'जवाबी शुल्क' पर रोक लगा दी है।चीन ने अमेरिकी आयातित सामान पर 125% का शुल्क लगाने का फैसला कर लिया है।
ट्रंप ने चीन पर पहले 34 प्रतिशत का टैरिफ लगाने का ऐलान किया था, जिसके बाद चीन ने भी अमेरिका पर 34 प्रतिशत का जवाबी टैरिफ लगा दिया था। यहां से दोनों देशों के बीच टैरिफ वॉर शुरू हो गया।
ट्रम्प ने सोमवार को धमकी दी थी कि अगर बीजिंग मंगलवार तक अमेरिकी वस्तुओं पर अपने प्रतिशोधात्मक शुल्क नहीं हटाता है तो वह बुधवार को चीन पर मौजूदा शुल्क 50% तक बढ़ा देंगे।
पड़ोसी देश चीन की ग्रोथ स्टोरी को लेकर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चीन के विकास की नींव अनुचित व्यापार प्रथाओं से बनी हुई है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार का ध्यान फेयर प्ले को वापस लाने, वस्तुओं और सेवाओं की प्राइसिंग को एक उचित मूल्य पर लाने पर है।
चीन की तरफ से लगाए गए जवाबी सीमा शुल्क को वापस न लेने की स्थिति में उस पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की सोमवार को धमकी दी थी।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में चीन पर करीब 15 प्रतिशत टैरिफ लगाया था। इसके बाद राष्ट्रपति बने जो बाइडन ने इस टैरिफ को बरकरार रखा था। अमेरिका, चीन का तीसरा सबसे बड़ा बाजार है।
ट्रम्प ने कहा कि अगर चीन 8 अप्रैल, 2025 तक 34% की वृद्धि को वापस नहीं लेता है, तो संयुक्त राज्य अमेरिका चीन पर 50% का अतिरिक्त टैरिफ लगाएगा, जो 9 अप्रैल से प्रभावी होगा।
डोनाल्ड ट्रम्प ने बाकी देशों द्वारा अमेरिकी उत्पादों पर लगाए जाने वाले शुल्क की आधी दर पर ही पारस्परिक शुल्क लगाया है। आने वाले समय में अमेरिका सहित कई देशों पर इसका असर देखने को मिल सकता है।
एंटी-डंपिंग जांच विभिन्न देशों द्वारा यह पता लगाने के लिए की जाती है कि सस्ते आयात में वृद्धि के कारण घरेलू उद्योगों को नुकसान तो नहीं पहुंचा है।
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