हेल्थ इंश्योरेंस पोर्टेबिलिटी एक अच्छा विकल्प हो सकता है, खासकर जब आप बेहतर कवरेज या सेवा की तलाश में हैं। लेकिन इसे अपनाने से पहले इसके नियम, संभावित बढ़ी हुई लागत और नई शर्तों को समझ लेना जरूरी है।
अदानी परिवार पूरे भारत में समाज के सभी वर्गों के लोगों के लिए सस्ती, विश्व स्तरीय चिकित्सा देखभाल और चिकित्सा शिक्षा लाने की लागत को पूरी तरह से वहन करेगा।
देश के प्राइवेट अस्पताल जीएसटी से राहत चाहते हैं, ताकि उनकी कमाई में बढ़ोतरी होने के साथ-साथ इलाज की लागत में कम खर्च आए। गाजियाबाद के यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के सीएमडी डॉ. पीएन अरोड़ा ने कहा कि भारत में स्वास्थ्य सेवाओं पर इनपुट जीएसटी को कम किया जाना चाहिए।
सरकार के बड़े ऐलान से कई सेक्टर्स को बड़ा बूस्ट मिलेगा। इन क्षेत्रों की कंपनियों के स्टॉक्स में भी आने वाले समय में उछाल देखने को मिल सकता है। बजट आवंटन से इंडस्ट्रीज को फायदा मिलेगा।
बीमा नियामक आईआरडीएआई ने ने कहा है कि सभी तरह के अस्पतालों में बीमा कवरेज उपलब्ध होना चाहिए, जिसमें किफायती अस्पताल भी शामिल हैं। कवरेज में आपातकालीन स्थितियों में कवरेज से इनकार नहीं किया जाना चाहिए।
आपको ऐसी हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम में निवेश करने की ज़रूरत है जो आपकी जीवनशैली के अनुसार बदलती हो। यह आपकी बदलती वित्तीय ज़रूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त लचीला होना चाहिए।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार प्रति 1,000 व्यक्ति पर तीन नर्सें होनी चाहिए। इसी तरह, भारत में 1,500 मरीजों पर एक डॉक्टर है।
उजाला सिग्नस ने 2018 के बाद पांच राज्यों के 17 शहरों में अपने अस्पताल नेटवर्क को नौ से बढ़ाकर 21 किया है और बिस्तरों की क्षमता 1,000 से बढ़कर 2,500 से अधिक हो गई है।
टेमासेक होल्डिंग्स के हिस्सेदारी अधिग्रहण का सौदा संपन्न होने पर भारतीय चिकित्सा जगत का सबसे बड़ा सौदा साबित होगा। पिछले साल मैक्स हेल्थकेयर में 27 प्रतिशत हिस्सेदारी को केकेआर ने खुले बाजार में करीब 9,100 करोड़ रुपये में बेचा था।
कोरोना की महामारी के चलते देश के हेल्थ सिस्टम पर पड़े दबाव ने हेल्थकेयर इंडस्ट्री की कमजोरी को उजागर किया है। ऐसे में हेल्थकेयर सेक्टर के लिए साल 2023-24 का बजट बहुत खास माना जा रहा है।
कंपनी की योजना 10 मिलियन अमरीकी डॉलर का निवेश करने की है और अगले तीन वर्षों में 200 प्रत्यक्ष नौकरियां दी जाएंगी। आकाश हेल्थकेयर विदेश में पूरी तरह से प्रबंधित अस्पताल खोलने वाला पहला भारतीय अस्पताल बन गया है।
जाइडस ग्रुप की सूचीबद्ध इकाई कैडिला हेल्थकेयर की 2020-21 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार नया दशक प्रौद्योगिकी और वैश्विक कनेक्टिविटी से प्रेरित होगा और कंपनी को यह देखने की जरूरत है कि कैसे दोनों को अपना सकती है।
सरकार ने हेल्थकेयर सेक्टर के लिये 50 हजार करोड़ रुपये की योजना का ऐलान किया, जिसका उद्देश्य दूरदराज के क्षेत्रों में हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाना है।
कर्ज आधुनिकीकरण या फिर वर्किंग कैपिटल जरूरतों के लिये लिया जा सकता है। सुविधा के तहत 100 करोड़ रुपये तक का कर्ज लिया जा सकता है।
हरमिंदर सिंह मुल्तानी ने भारत में ओरल हेल्थ केयर मार्किट और कंपनी की भविष्य की रणनीति सहित कई सवालों के बारे में खुलकर अपनी राय दी।
भारत की अग्रणी आईटी-सक्षम स्वास्थ्य सेवा कंपनी MyDentalPlan ने रीटेल विस्तार रणनीति के तहत 4,000 से अधिक क्लीनिक को जोड़ने का ऐलान किया है।
वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को तीन लाख करोड़ रुपये की आपात रिण सुविधा गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) का दायरा बढ़ाते हुये उसमें स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को भी शामिल कर लिया।
2020 में साइबर हमलों की घटनाओं में 59 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। कोरोना महामारी क बीच हेल्थेकेयर सेक्टर की बढ़ती भूमिका के बीच सेक्टर पर साइबर हमले भी बढ़े हैं।
देश की अर्थव्यवस्था में स्वास्थ्य बड़े क्षेत्रों में से एक बन गया है और 2022 तक इसके 372 अरब डॉलर तक पहुंच जाने का अनुमान है। नीति आयोग की मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में यह कहा गया है।
वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए अनुमानित स्वास्थ्य बजट 2.23 लाख करोड़ रुपये से अधिक है, जिसमें 137 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बजट आवंटन केवल एक उत्प्रेरक है और इसके लिए सभी हितधारकों को एक साथ आने की आवश्यकता होगी।
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