भारतीय रिजर्व बैंक ने 10 मार्च तक हितधारकों से सुझाव आमंत्रित किए हैं। जारी ड्राफ्ट में विदेशी मुद्रा में उधार लेने और देने की अनुमति देने का प्रावधान भी किया गया है।
डिजिटल पेमेंट्स ने भारत में लेन-देन को तेज, सस्ता और सुलभ बनाया है, लेकिन सुरक्षा आपकी जिम्मेदारी है। सही जानकारी, जोखिम और समय पर शिकायत से आप न केवल फ्रॉड से बच सकते हैं, बल्कि किसी भी परेशानी का तेजी से समाधान भी पा सकते हैं। सुरक्षित रहें, स्मार्ट पेमेंट करें!
सरकार ने मंगलवार को संसद में जानकारी देते हुए बताया कि UPI अब भारत से बाहर करेंसी कन्वर्ज़न के साथ आठ देशों में इस्तेमाल किया जा रहा है। भारत के बाहर इसके विस्तार में काफी तेजी देखी जा रही है।
BHIM (भारत इंटरफेस फॉर मनी) एक मोबाइल ऐप है, जिसे NPCI ने खुद विकसित किया है। यूपीआई को IMPS (इमीडिएट पेमेंट सर्विस) फ्रेमवर्क पर तैयार किया गया है, लेकिन यह उससे कहीं ज्यादा सरल है।
यह नई प्रणाली उपकरणों के ईकोसिस्टम को पूरी तरह बदल देगी। वर्तमान में, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के लिए विशिष्ट उपकरणों की जरूरत होती है। लेकिन, फेस ऑथेन्टिकेशन के साथ, यह सीमा खत्म हो जाएगी।
रिकॉर्ड तोड़ने वाला यूपीआई लेनदेन, पिछले साल की तुलना में मूल्य में 25 प्रतिशत की वृद्धि और मात्रा में 36 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि को दर्शाता है, जो भारत की डिजिटल भुगतान क्रांति की अजेय गति को दर्शाता है।
कार्डधारक के बैंक का एटीएम उन्हें नई चेकबुक का अनुरोध करने की अनुमति देता है। नई चेकबुक का अनुरोध करते समय एक बात का ध्यान रखना चाहिए कि बैंक को दिया गया पता वर्तमान हो।
एनपीसीआई ने कहा कि लेनदेन का मूल्य नवंबर में 21.55 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले दिसंबर 2024 में 23.25 लाख करोड़ रुपये रहा। मूल्य के संदर्भ में, दिसंबर में औसत दैनिक लेनदेन 74,990 करोड़ रुपये रहा। इसकी तुलना नवंबर में 71,840 करोड़ रुपये से की गई।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) द्वारा निर्धारित गाइडलाइन के मुताबिक, पैन आईटी विभाग द्वारा प्रत्येक करदाता को अलॉटेड 10 अंकों का अल्फ़ान्यूमेरिक यूनिक कोड है। दो टैक्सपेयर्स का पैन कभी भी एक जैसा नहीं हो सकता।
सर्वेक्षण में 364 से ज्यादा जिलों के 34,000 से अधिक लोगों ने अपनी राय दी। इनमें 67 प्रतिशत पुरुष और 33 प्रतिशत महिलाएं थीं।
यूपीआई भुगतान के मामले में सबसे तेज, सुरक्षित तरीका माना जाता है, वहीं डिजिटल क्रांति के बाद यूपीआई का प्रयोग तेजी से बढ़ा है। वहीं अभी तक उपभोक्ता इसके जरिये मनचाहे पेमेंट कर सकते थे, लेकिन अब इसकी लिमिट तय कर दी गयी है।
अगर आप कम ट्रांजैक्शन लिमिट से परेशान हैं तो अब आपके लिए एक अच्छी खबर आई है। इस बैंक ने डेली ट्रांजैक्शन लिमिट को बढ़ा दिया है। साथ ही ATM से कैश निकालने की सीमा भी बढ़ाकर 75,000 कर दी है।
UPI payment system: अगर आप एक स्मार्टफोन यूजर हैं और UPI Payment करना प्रीफर करते हैं। एक दिन जब अचानक से आपको फोन खो जाता है तो आप ऐसी स्थिति में अपने यूपीआई पेमेंट सिस्टम को कैसे डी- एक्टिवेट कर सकते हैं आज की खबर हमें हम स्टेप बाय स्टेप जानने की कोशिश करेंगे।
टाइप करते वक्त गलती या फिर गलत जानकारी की वजह से लोग अनजाने लोगों को पैसा भेज देते हैं या फिर ज्यादा भुगतान कर देते हैं।
आरटीजीएस का परिचालन 26 मार्च, 2004 में चार बैंकों के साथ शुरू हुआ था। फिलहाल इसमें रोजाना 237 भागीदारों बैंकों के बीच 4.17 लाख करोड़ रुपये के 6.35 लाख लेनदेन होते हैं।
यूपीआई के जरिए फंड ट्रांसफर करने की फिलहाल अधिकतम सीमा 1 लाख रुपये है। बैंक और वित्तीय संस्थान अपने हिसाब से पेमेंट की लिमिट और हर दिन की पेमेंट की सीमा तय करते हैं।
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के ग्राहकों के लिए 1 जनवरी 2020 से इन तीन नियमों में बदलाव हो रहा है।
आपके पैसे को लेकर कई तरह के नियम नए साल यानी 1 जनवरी 2020 से बदल जाएंगे। जानिए कहां-कहां होने वाला है आपका फायदा।
भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को कहा कि आरटीजीएस के जरिये बड़ी राशि के अंतरण की सुविधा 26 अगस्त से सुबह 8 बजे के बजाय 7 बजे से उपलब्ध होगी। फिलहाल ग्राहकों के लेन-देन के लिये रीयल टाइम ग्रास सेटलमेंट (आरटीजीएस) प्रणाली सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक उपलब्ध होती है।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकों से एटीएम पर तकनीकी कारणों से असफल होने वाले लेन-देन और खाते की शेष राशि की जानकारी को हर माह मिलने 'मुफ्त एटीएम लेनदेन' में नहीं गिनने के निर्देश दिए हैं।
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