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राजस्थान में कोरोना के 368 नए केस मिले, 16 मरीजों की मौत

Edited by: IndiaTV Hindi Desk Published : Jun 12, 2021 08:16 pm IST, Updated : Jun 12, 2021 08:16 pm IST

राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण के शनिवार को 368 नये मामले सामने आये वहीं इस घातक संक्रमण से 16 और लोगों की मौत हो गई।

राजस्थान में कोरोना के 368 नए केस मिले, 16 मरीजों की मौत- India TV Hindi
Image Source : PTI राजस्थान में कोरोना के 368 नए केस मिले, 16 मरीजों की मौत

जयपुर: राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण के शनिवार को 368 नये मामले सामने आये वहीं इस घातक संक्रमण से 16 और लोगों की मौत हो गई। चिकित्सा विभाग की ओर से शनिवार शाम जारी आंकडों के अनुसार, बीते 24 घंटों में राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण के 368 नये मामले सामने आये हैं। नये मामलों में जयपुर में 55, अलवर में 40, बीकानेर में 28, झुंझुनू में 22 व टोंक मे 22 नये मामले शामिल हैं। 

विभाग के एक अधिकारी के अनुसार इस दौरान इस घातक संक्रमण से 16 और लोगों की मौत हो गई। राज्य में अब तक इस संक्रमण से 8815 लोगों की मौत हो चुकी है। आंकडों के अनुसार इस दौरान राज्य में 975 लोग संक्रमण से ठीक हुए। अब तक राज्य में 8400 संक्रमित उपचाराधीन हैं।

मुख्यमंत्री कोरोना बाल कल्याण योजना शुरू

कोरोना वायरस संक्रमण महामारी के कारण अपने माता-पिता को खोने वाले बच्चों के लिए राजस्थान सरकार ने 'मुख्यमंत्री कोरोना बाल कल्याण योजना' शुरू की है। योजना के तहत सरकार ऐसे बच्चों को अभी एक लाख रुपये और फिर 18 साल के होने तक 2500 रुपये प्रति महीना देगी। इसके साथ ही, बच्चे के 18 साल का होने पर सरकार की ओर से 5 लाख रुपये दिए जाएंगे। राज्य सरकार ने शनिवार को इस संबंध में जानकारी दी। राजस्थान सरकार की ओर से कहा गया, "कोविड-19 महामारी से अपने माता-पिता को खो चुके अनाथ बच्चों का सहारा अब राज्य सरकार बनेगी।" 

राजस्थान सरकार ने कहा, "कोरोना के कारण माता-पिता दोनों को अथवा एकल जीवित माता या पिता को खोने वाले बेसहारा बच्चों को 'मुख्यमंत्री कोरोना बाल कल्याण योजना' के तहत तत्काल सहायता के रूप में एक लाख रूपये का एकमुश्त अनुदान तथा 18 वर्ष पूरे होने तक ढाई हजार रूपये की राशि प्रतिमाह दी जाएगी। अनाथ बालक-बालिका के 18 वर्ष की उम्र होने पर उसे 5 लाख रूपये एकमुश्त सहायता दी जाएगी। ऐसे बच्चों को12वीं कक्षा तक पढ़ाई की सुविधा आवासीय विद्यालय अथवा छात्रावास के माध्यम से निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।"

राज्य सरकार ने कहा, "कोविड-19 महामारी के कारण बेसहारा हुई कॉलेज में अध्ययनरत छात्राओं को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों में प्राथमिकता के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। कॉलेज में पढ़ने वाले बेसहारा छात्रों को अंबेडकर डीबीटी वाउचर योजना' का लाभ मिलेगा। कोविड महामारी से प्रभावित निराश्रित युवाओं को मुख्यमंत्री युवा संबल योजना के तहत बेरोजगारी भत्ता दिए जाने में प्राथमिकता दी जाएगी।"

सरकार ने कहा, "इस महामारी के कारण अपने पति को खो चुकी विधवा महिलाओं को भी राज्य सरकार द्वारा एकमुश्त एक लाख रूपये की सहायता अनुदान के रूप में दी जाएगी। साथ ही, ऐसी विधवाओं को प्रतिमाह डेढ़ हजार रूपये विधवा पेंशन दी जाएगी। इसके लिये आयु वर्ग एवं आय की कोई भी सीमा नहीं होगी। इन विधवाओं के बच्चों को निर्वाह के लिए एक हजार रुपये प्रतिमाह तथा स्कूल ड्रेस एवं किताबों के लिए दो हजार रूपये सालाना प्रति बच्चा दिया जाएगा।"

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