Sankashti Chaturthi 2026 Live: फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। मान्यता है इस संकष्टी का व्रत रखने से श्रद्धालुओं को बुद्धि और ज्ञान की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। इस साल द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी 5 फरवरी 2026 को मनाई जा रही है। इस दिन लोग व्रत रखते हैं और शुभ मुहूर्त में भगवान गणेश की विधि विधान पूजा करते हैं। फिर चंद्रोदय के समय चंद्रमा को अर्घ्य देकर अपना व्रत पूरा करते हैं। यहां आप जानेंगे द्विजप्रिय संकष्टी की पूजा विधि, मुहूर्त, मंत्र, कथा, आरती, उपाय, चंद्रोदय समय समेत हर एक जानकारी।
द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी शुभ मुहूर्त 2026
- पहला मुहूर्त - 07:07 ए एम से 08:29 ए एम
- दूसरा मुहूर्त - 12:35 पी एम से 01:57 पी एम
- तीसरा मुहूर्त - 04:41 पी एम से 06:03 पी एम
- चौथा मुहूर्त - 06:03 पी एम से 07:41 पी एम
द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी 2026 चंद्रोदय समय
संकष्टी चतुर्थी के दिन चन्द्रोदय समय रात 9 बजकर 35 मिनट का है।
- मुंबई - 09:50 PM
- लखनऊ - 09:19 PM
- पटना - 09:01 PM
- जयपुर - 09:40 PM
- भोपाल - 09:33 PM
- कोलकाता - 08:42 PM