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बीबीएल : 'बैश बूस्ट' नियम से स्पॉट फिक्सिंग के खतरों से क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया सतर्क

 Reported By: IANS
 Published : Dec 08, 2020 09:42 pm IST,  Updated : Dec 08, 2020 09:42 pm IST

सीए ने पिछले महीने ही पावरसर्ज, एक्सफैक्टर और बैश बूस्ट के रूप में तीन नए नियम को पेश किया है, जोकि बीबीएल के 10वें संस्करण में लागू होगा।

BBL: Cricket Australia wary of spot-fixing danger from 'Bash Boost' rule- India TV Hindi
BBL: Cricket Australia wary of spot-fixing danger from 'Bash Boost' rule Image Source : GETTY IMAGES

सिडनी। क्रिकेट आस्ट्रेलिया (सीए) 10 दिसंबर से शुरू हो रही बिग बैश लीग (बीबीएल) के 10वें संस्करण में बैश बूस्ट नियम लागू करने जा रही है और उससे पहले ही वह कमेंटेटर और खिलाड़ियों को मैदान पर बातचीत नहीं करने की चेतावनी देगा। सीए ने पिछले महीने ही पावरसर्ज, एक्सफैक्टर और बैश बूस्ट के रूप में तीन नए नियम को पेश किया है, जोकि बीबीएल के 10वें संस्करण में लागू होगा।

बैश बूस्ट बोनस अंक है जो दूसरी पारी के बीच में दिए जाएंगे। दूसरी पारी खेलने वाली टीम अगर 10 ओवर के बाद पहली पारी खेल चुकी टीम के 10 ओवर के स्कोर से ज्यादा बना लेगी तो उसे यह बोनस अंक दिया जाएगा, लेकिन नहीं बना पाती है तो फील्डिंग टीम को यह अंक दिया जाएगा।

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द ऐज की रिपोर्ट के अनुसार, सीए प्रसारणकर्ता सेवन वेस्ट मीडिया और फॉक्स क्रिकेट के कमेंटेटरों के साथ काम करेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे 10वें ओवर दौरान और सट्टे बाजारों को दूर रख सके।

हालांकि आईसीसी के पूर्व मुख्य कार्यकारी और भ्रष्टाचार विरोधी विशेषज्ञ मैल्कम स्पीड का मानना है कि बीबीएल के इस कदम से स्पॉट फिक्सिंग को बढ़ावा मिलेगा।

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स्पीड ने कहा, " यह खेल के कई पहलुओं में से एक है जिस पर सटटा लगाया जा सकता है लेकिन यह थोड़ा अलग होगा। अगर कोई फिक्सर कुछ करना चाहता है तो इसे इसके माध्यम से करने का यह आसान तरीका है।"

उन्होंने कहा, " मैं इसे लेकर ज्यादा चिंतित नहीं हूं। अगर आप एक अनोखा फिल्ड रखना चाहते हैं, तो आप आठवां, 10 वां और 12वां ओवर चुन सकते हैं। अगर आपको इसमें फिक्स मिलताा है, तो यह एक अच्छा मौका है। मुझे नहीं लगता कि यह पहले से जो कुछ अलग है।"

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पावर सर्ज नियम में, फील्डिंग टीम सर्कल के बाहर सिर्फ दो खिलाड़ी ही रख सकेगी। बल्लेबाजी करने वाली टीम 11वें ओवर से अपनी पारी में कभी भी इस नियम का इस्तेमाल कर सकेगी। वहीं शुरू में छह ओवर के पावरप्ले को घटाकर चार ओवरों का कर दिया गया है।

एक्स फैक्टर प्लेयर, 12वें या 13वें नंबर का खिलाड़ी होगा जो पहली पारी के 10वें ओवर में किसी भी ऐसे खिलाड़ी का स्थान ले सकता है जिसने तब तक बल्लेबाजी और गेंदबाजी नहीं की हो।

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