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वेनेजुएला से लौटे भारतीय नाविक के शव से गायब मिले दिमाग, दिल और अन्य अंग, परिवार ने जताई साजिश की आशंका

 Published : Jul 01, 2026 03:56 pm IST,  Updated : Jul 01, 2026 04:02 pm IST

मृतक के परिवार ने कंपनी पर महत्वपूर्ण जानकारी छिपाने का आरोप लगाया है। साथ ही राकेश की मौत से जुड़े हालातों की विस्तृत जांच की मांग की है।

मृतक भारतीय नाविक राकेश चौहान- India TV Hindi
मृतक भारतीय नाविक राकेश चौहान Image Source : X/FSUIINDIA

वेनेजुएला में ड्यूटी के दौरान मौत का शिकार हुए भारतीय मर्चेंट नेवी के नाविक राकेश चौहान के शव से कथित तौर पर दिमाग, दिल, फेफड़े, लीवर समेत कई आंतरिक अंग गायब मिलने का मामला सामने आया है। शव भारत पहुंचने के बाद दोबारा पोस्टमार्टम में यह खुलासा होने पर परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, फेडरेशन ऑफ सीफेयरर्स यूनियंस ऑफ इंडिया (FSUI) ने भी इस मामले में गंभीर सवाल उठाते हुए वेनेजुएला प्रशासन और भारतीय दूतावास से तत्काल जांच की मांग की है।

2025 में ज्वॉइन की थी मर्चेंट नवी

33 वर्षीय राकेश चौहान मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले थे और परिवार के साथ मुंबई में रहते थे। उन्होंने नवंबर 2025 में मर्चेंट नेवी ज्वॉइन की थी और वेनेजुएला में मरीन फिटर के तौर पर कार्यरत थे।

मई में दिल का दौरा पड़ने से बताई गई मौत

परिजनों के अनुसार, 7 मई को कंपनी की ओर से सूचना दी गई कि राकेश जहाज पर चक्कर आने के कारण गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। अगले दिन उनकी हालत बेहद नाजुक बताई गई और बाद में कंपनी ने उनकी मौत की जानकारी दी। कंपनी का दावा था कि गिरने के बाद इलाज के दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ा, जिससे उनकी मौत हो गई।

एक महीने बाद भारत पहुंचा शव

हालांकि, करीब एक महीने बाद जब शव भारत पहुंचा और दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया, तो परिवार का आरोप है कि शव से दिमाग, दिल, फेफड़े, लीवर समेत कई महत्वपूर्ण आंतरिक अंग गायब थे। इसके बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया है।

क्यों नहीं सौंपी गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट

FSUI ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में कई सवाल उठाए हैं। यूनियन ने पूछा है कि परिवार की अनुमति के बिना शव से महत्वपूर्ण अंग क्यों निकाले गए? पोस्टमार्टम रिपोर्ट परिवार को क्यों नहीं सौंपी गई? भारत भेजे जाने से पहले पूरी जानकारी क्यों नहीं दी गई? यूनियन ने यह भी आरोप लगाया कि शव प्राप्ति रसीद पर नाम में कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर किए गए और रोजगार अनुबंध में दर्ज जहाज का नाम उस जहाज से अलग है, जिस पर राकेश वास्तव में तैनात थे।

निष्पक्ष जांच की मांग

यूनिय और परिवार का कहना है कि इन सभी कारणों से मामले में गड़बड़ी और संभावित साजिश की आशंका पैदा होती है। FSUI ने वेनेजुएला स्थित भारतीय दूतावास और संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

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