Tuesday, January 27, 2026
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IT & Tech Budget: अंतरिक्ष उद्योगों की बजट में उत्पादों, सर्विसेज की खरीद के लिए ज्यादा पूंजी की मांग

आम बजट को फाइनल रूप मिलने से पहले इंडस्ट्री और जानकार अपनी पूर्ण सिफारिशों और मांगों को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के सामने रख रहे हैं और इसी कड़ी में अंतरिक्ष उद्योग भी आगे आया है।

Edited By: Meenakshi Prakash @meenakshiprakas
Published : Jan 26, 2026 05:33 pm IST, Updated : Jan 26, 2026 05:33 pm IST
IT And Tech Budget 2026- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV आईटी एंड टेक बजट 2026

IT & Tech Budget 2026: आम बजट पेश होने में 5 दिन बाकी हैं और इससे पहले भारत के उभरते निजी अंतरिक्ष उद्योग ने सरकार से अंतरिक्ष संपत्तियों को 'महत्वपूर्ण अवसंरचना' के रूप में वर्गीकृत करने और घरेलू कंपनियों द्वारा पेश किए जाने वाले उत्पादों व सेवाओं की खरीद के लिए धन आवंटित करने की मांग की है। जानिए इस अंतरिक्ष उद्योग की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से क्या-क्या मांगें हैं।

पिक्सेल स्पेस की है ये मांगें

पिक्सेल स्पेस के संस्थापक और सीईओ ओवैस अहमद ने कहा, "एक बड़े मुख्य ग्राहक के रूप में मुझे लगता है कि सरकार का समर्थन मिलना जरूरी है।" उन्होंने कहा कि सरकार ने अनुसंधान, विकास और नवाचार कोष तथा डीप-टेक फंड शुरू करके अच्छे कदम उठाए हैं। अब वह चाहते हैं कि पूंजी-प्रधान व्यवसायों में धन का प्रवाह शुरू हो, जिनमें भारत को अंतरिक्ष और एआई क्षेत्रों में एक महाशक्ति बनाने की क्षमता है। 

डेलॉयट ने की ये सिफारिश

इंडियन स्पेस एसोसिएशन (आईएसपीए) और परामर्श फर्म डेलॉयट ने सिफारिश की है कि सरकार अंतरिक्ष संपत्तियों को महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के रूप में मान्यता दे ताकि इस क्षेत्र के लिए कम लागत वाला दीर्घकालिक वित्त पोषण मिल सके। 

ISPA की है ये जरूरत

अंतरिक्ष क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन आईएसपीए ने कहा, "अंतरिक्ष बुनियादी ढांचे को एक अलग बुनियादी ढांचा उप-क्षेत्र के रूप में मान्यता देना इसके विस्तार, निजी निवेश और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता के लिए आवश्यक है।" संगठन ने कहा कि भारतीय निजी कंपनियों के पास अब उपग्रहों, प्रक्षेपण प्रणालियों और जमीनी अवसरंचना में प्रमाणित क्षमताएं हैं, लेकिन सरकार की ओर से मांग के आश्वासन की कमी के कारण वे अपना विस्तार नहीं कर पा रही हैं। अंतरिक्ष उद्योग निकाय ने कहा, "खरीद का एक औपचारिक आदेश उद्योग के विकास को गति देगा और इससे इसरो को रणनीतिक व खोजी मिशनों पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी।" आईएसपीए ने ध्यान दिलाया कि नासा अपनी 80 फीसदी प्रणालियां निजी उद्योग से खरीदता है, जबकि यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) भी 90 प्रतिशत उद्योग-आधारित खरीद मॉडल का पालन करती है। 

अग्निकुल कॉसमॉस की ये है जरूरत

अग्निकुल कॉसमॉस के संस्थापक और सीईओ श्रीनाथ रविचंद्रन ने बताया कि "अंतरिक्ष अवसंरचना को महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा मानने से कम लागत वाली फंडिंग मिल सकती है, जबकि डीप टेक के लिए टैक्स और शुल्कों को तर्कसंगत बनाने से लागत का दबाव काफी कम हो जाएगा।" रविचंद्रन ने कहा कि इसरो और इन-स्पेस के साथ परिणाम-आधारित सहयोग और दीर्घकालिक खरीद स्पष्टता भी उतनी ही महत्वपूर्ण होगी। उनकी कंपनी जल्द ही अपने रॉकेट 'अग्निबाण' की पहली कक्षीय उड़ान की योजना बना रही है। 

गैलेक्सीआई की है ये मांग

गैलेक्सीआई के सह-संस्थापक और सीईओ सुयश सिंह ने कहा, "स्वदेशी उपग्रह निर्माण के लिए लक्षित वित्तीय प्रोत्साहन और सरकार समर्थित फंडिंग शुरुआती तैनाती के जोखिम को कम कर सकती है।" सुयश सिंह ने कहा कि खासतौर से रक्षा और रणनीतिक भू-स्थानिक अनुप्रयोगों के लिए दीर्घकालिक खरीद नीतियों पर स्पष्टता स्टार्टअप्स को विश्वास के साथ मिशन की योजना बनाने में सक्षम बनाएगी। 

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