TRAI ने टेलीकॉम कंपनियों को नया आदेश दिया है। दूरसंचार नियामक ने फ्रॉड वाले कॉल और मैसेज पर लगाम लगाने के लिए टेलीकॉम कंपनियों को और सख्ती अपनाने के लिए कहा है। टेलीकॉम रेगुलेटर ने ऑपरेटर्स को निर्देश दिया कि एआई बेस्ड स्पैम डेटा कुछ घंटे में शेयर किया जाना चाहिए। दूरसंचार नियामक ने सभी टेलीकॉम ऑपरेटर्स को निर्देश दिया है कि AI बेस्ड एंटी-स्पैम सॉल्यूशन का डेटा कुछ घंटे में शेयर करें।
TRAI ने अपने आदेश में टेलीकॉम ऑपरेटर्स को निर्देश दिया है कि वो कॉमन ब्लॉकचेन बेस्ड प्लेटफॉर्म पर अपने एआई बेस्ड एंटी स्पैम सॉल्यूशन का डेटा 2 घंटों में शेयर करें चाहे कोई शिकायत मिले या न मिले। ट्राई ने 27 फरवरी को दूरसंचार कंपनियों को यह निर्देश जारी किया है। साथ ही, ऑपरेटर्स को 30 दिनों के अंदर स्कैम रिपोर्ट को कम्प्लाई करने के लिए कहा है।
यूजर्स को मिल रहे स्कैम कॉल्स को लेकर नियामक ने सख्ती दिखाते हुए कहा है कि स्कैम कॉल ओरिजिनेट होने वाले ऑपरेटर्स और रिसीव करने वाले ऑपरेटर्स दोनों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए ताकि फर्जी कॉल और मैसेज ओरिजिनेट और टर्मिनेट दोनों को ट्रैक किया जा सके। ऐसे मामलो में ऑपरेटर्स को को-ओर्डिनेट करके एक्शन लेने के लिए निर्देश जारी किया गया है।
आसान भाषा में कहा जाए कि जिस टेलीकॉम ऑपरेटर द्वारा जारी किए गए नंबर से फर्जी कॉल किया जाता है और जिस टेलीकॉम ऑपरेटर द्वारा जारी किए गए नंबर पर फर्जी कॉल रिसीव होता है, दोनों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। TRAI ने अपने निर्देश में टेलीकॉम ऑपरेटर्स को कहा है कि AI/ML (मशीन लर्निंग) बेस्ड स्कैम डिटेक्शन सिस्टम को CLI को सेंडर के मोबाइल नंबर को फ्लैग करना चाहिए। AI द्वारा फ्लैग किए जाने वाले नंबर को दो घंटे के अंदर टर्मिनेटिंग ऑपरेटर के साथ शेयर करना चाहिए। इसके लिए वो ब्लॉकचेन बेस्ड डिस्ट्रिब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजी (DLT) का इस्तेमाल करें।
अगर, किसी नंबर पर 10 दिनों के अंदर ऐसे 5 या इससे ज्यादा स्पैम रिपोर्ट किए जाते हैं तो कॉल या मैसेज किए जाने वाले नंबर पर कार्रवाई की जाएगी। यह फर्जी कॉल्स और मैसेज के मामले में कमी ला सकते हैं और सुरक्षित मोबाइल सर्विस यूजर्स को मुहैया कराई जा सकती है।
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