1. Hindi News
  2. तेलंगाना
  3. हैदराबाद लोकल बॉडी एमएलसी चुनाव में AIMIM को मिली बड़ी जीत, बीजेपी उम्मीदवार को मिले इतने वोट

हैदराबाद लोकल बॉडी एमएलसी चुनाव में AIMIM को मिली बड़ी जीत, बीजेपी उम्मीदवार को मिले इतने वोट

 Reported By: Surekha Abburi, Edited By: Mangal Yadav
 Published : Apr 25, 2025 12:13 pm IST,  Updated : Apr 25, 2025 02:44 pm IST

एआईएमआईएम उम्मीदवार मिर्जा रियाज उल हसन इफेंडी शुक्रवार को तेलंगाना के हैदराबाद स्थानीय प्राधिकरण (एचएलए) निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद के सदस्य चुने गए।

मिर्जा रियाज उल हसन इफेंडी- India TV Hindi
मिर्जा रियाज उल हसन इफेंडी Image Source : X@RIYAZEFFENDI

हैदराबाद: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने हैदराबाद स्थानीय निकाय एमएलसी (विधान परिषद सदस्य) चुनाव में बड़ी जीत हासिल की है। पार्टी उम्मीदवार मिर्जा रियाज उल हसन इफेंडी को 63 वोट मिले और उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार पर बड़ी जीत दर्ज की। उनके एकमात्र प्रतिद्वंद्वी भाजपा उम्मीदवार गौतम राव को 25 वोट मिले। चुनाव में एआईएमआईएम और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच सीधा मुकाबला था, जबकि कांग्रेस और बीआरएस जैसी अन्य प्रमुख पार्टियां मैदान से बाहर रहीं।

बीजेपी को 38 वोटों से हराया

 जानकारी के अनुसार, मिर्जा रियाज उल हसन इफेंडी शुक्रवार को तेलंगाना के हैदराबाद स्थानीय प्राधिकरण (एचएलए) निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद के सदस्य चुने गए। उन्होंने भाजपा के एन गौतम राव को 38 वोटों से हराया। 23 अप्रैल को हुए चुनाव में 78.5 प्रतिशत मतदान हुआ था। मुकाबला मुख्य रूप से एआईएमआईएम और भाजपा के बीच था। द्विवार्षिक चुनाव की आवश्यकता इसलिए पड़ी क्योंकि मौजूदा सदस्य एम एस प्रभाकर राव 1 मई को अपना कार्यकाल पूरा कर लेंगे।

एआईएमआईएम उम्मीदवार को 63 वोट मिले

एआईएमआईएम उम्मीदवार को 63 वोट मिले जबकि भाजपा उम्मीदवार को 25 वोट मिले। बुधवार को कुल 112 मतदाताओं ने मतदान किया था। आम तौर पर ये चुनाव टाले जाते हैं, क्योंकि पिछले कई सालों से उम्मीदवार सर्वसम्मति से चुने जाते रहे हैं। लेकिन इस बार कम वोट मिलने के बावजूद भाजपा ने चुनाव लड़ा। कांग्रेस और बीआरएस संख्याबल की कमी के कारण चुनाव से दूर रहे। इस बार 22 वर्षों के बाद हैदराबाद स्थानीय प्राधिकरण एमएलसी निर्वाचन क्षेत्र के लिए चुनाव आयोजित किए गए।

बीआरएस ने अपने 20 वोटों के साथ तटस्थ रुख अपनाया और अपने सदस्यों को मतदान से दूर रहने का निर्देश देते हुए व्हिप जारी किया। पार्टी के इस फैसले को भाजपा और एआईएमआईएम दोनों से खुद को दूर करने के प्रयास के रूप में देखा गया। एआईएमआईएम ने हाल ही में कांग्रेस के साथ मधुर संबंध बनाने के संकेत दिए हैं।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। तेलंगाना से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।