अन्ना हजारे केन्द्र में लोकपाल और राज्यों में लोकायुक्तों की नियुक्ति सहित अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 23 मार्च से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं...
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने केंद्र सरकार द्वारा उनकी मांगों को लेकर भेजे गए मसौदे को निर्थक बताते हुए अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल को जारी रखने का फैसला किया है।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "मुझे बताया गया है कि सरकार एक मसौदा भेजने जा रही है। मैं इस पर कोर कमेटी में चर्चा करूंगा।"
आज से अन्ना हजारे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। आपको बता दें कि अन्ना किसानों की सात मांगों को लेकर दोबारा आदोंलन कर रहे हैं।
जब अन्ना हजारे से मजीठिया से केजरीवाल के माफीनामें पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि ऐसी गलती करनी ही क्यों जिस पर माफी मांगने की जरूरत पड़ जाए?
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने 23 मार्च से दिल्ली की जेल में सत्याग्रह करने का ऐलान किया है, लेकिन प्रशासन ने उन्हें अब तक इसकी अनुमति नहीं दी है।
अन्ना ने कहा कि वो प्रधानमंत्री को अब तक 43 पत्र लिख कर लोकपाल और लोकायुक्त विधेयक लागू करने और कृषि संकट हल करने की मांग की है लेकिन उनके तरफ से इस पर किसी तरह का जवाब नहीं मिला।
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए बुधवार को कहा कि वह सिर्फ भ्रष्टाचार खत्म करने के वादे ही करते हैं, उनकी मंशा ही नहीं है भ्रष्टाचार खत्म करने की।
अन्ना हजारे ने कहा, इस बार ऐसा बड़ा आंदोलन होगा जो पहले कभी नहीं हुआ और यह सरकार के लिए चेतावनी होगी...
अन्ना ने कहा कि भारत को आजाद हुए 70 वर्ष हो गए हैं, लेकिन देश के हालात पहले जैसे हैं। अब तो गोरे देश छोड़ कर चले गए...
अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए शुक्रवार को कहा कि पिछल तीन साल के एनडीए शासन काल में भारत एशिया में सबसे ज्यादा भ्रष्ट देशों में शीर्ष स्थान पर आ गया है।
अन्ना हजारे 23 मार्च 2018 से वह एक और आंदोलन शुरू करने वाले हैं और उम्मीद करते हैं कि इससे कोई नया ‘केजरीवाल’ पैदा नहीं होगा...
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने मंगलवार को कहा कि केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार ने लोकपाल अधिनियम में संशोधन कर भ्रष्टाचार रोधी तंत्र को कमजोर किया है।
हजारे ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा, आप लोगों से कहते हैं कि आप भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाना चाहते हैं। लेकिन आपने...
अन्ना ने एक बयान में कहा कि 2011 में शुरू किए गए पहले आंदोलन के बाद तत्कालीन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार लोकपाल कानून पारित करने पर बाध्य हुई थी, लेकिन उसे इस सरकार ने कमजोर कर दिया है।
समाजसेवी अन्ना हजारे ने बुधवार को कहा कि भ्रष्टाचार मिटाना है तो जल्द ही किसी बड़े संगठन का निर्माण करना होगा। महज 50 लोगों के संगठन से देश व प्रदेश के भ्रष्टाचार को नहीं हटाया जा सकता।
अन्ना ने युवाओं को चरित्रवान बनने की सलाह दी और कहा कि वे देश के सबसे बड़े राजनेताओं से इसलिए मुकाबला कर पाते हैं, क्योंकि 80 साल की उम्र तक भी उन्होंने अपने चरित्र पर कोई दाग नहीं लगने दिया। उन्होंने कहा, "यदि ऐसा नहीं होता तो वे मुझे खत्म कर दिए हो
समाजासेवी अन्ना हजारे ने देश में भ्रष्टाचार से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयासों को नाकाफी बताते हुए गांधी जयंती के अवसर पर आज यहां राजघाट पर एक दिवसीय उपवास कर भ्रष्टाचार के खिलाफ सत्याग्रह की शुरुआत की
जाने माने सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर लोकपाल और लोकायुक्त की नियुक्ति की दिशा में कदम नहीं उठाने और किसानों की समस्याओं को दूर करने के लिए...
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने महाराष्ट्र के किसानों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का समर्थन किया है, जो शुक्रवार को दूसरे दिन में प्रवेश कर गई। लेकिन, हजारे ने हड़ताल के पहले दिन हुई हिंसा पर चिंता भी जताई।
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