दिल्ली में आत्मघाती हमले के बाद एनआईए की टीम आतंकियों की धरपकड़ में जुटी हुई है। इसमें बड़ी संख्या में सफेदपोश डॉक्टरी पेशा के आतंकी शामिल हैं। इस बीच जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला का बयान सामने आया है।
ED ने अल फलाह यूनिवर्सिटी और इसके ट्रस्टियों के ठिकानों पर फंडिंग अनियमितताओं और पुराने आपराधिक मामलों की जांच के तहत छापेमारी की है। इस कार्रवाई में संदिग्ध लेन-देन सहित कई दस्तावेजों की जांच हो रही है।
जांच एजेंसी ने 13 नवंबर को डॉ. जान निसार आलम के घर पर छापेमारी की थी। हालांकि, वह उस समय अपने रिश्तेदार के यहां पश्चिम बंगाल में था। ऐसे में पुलिस ने उसे वहीं से गिरफ्तार किया।
एनआईए ने उमर के एक और साथी जसीर बिलाल वानी उर्फ दानिश को गिरफ्तार किया है। दानिश की गिरफ्तारी श्रीनगर से हुई है। वह हमास की तर्ज पर हमले की प्लानिंग कर रहा था।
राजधानी दिल्ली में हाल ही में हुए ब्लास्ट के मामले में जांच जारी है। सूत्रों से पता लगा है कि आरोपी डॉक्टर शाहीन ने 3 बार पाकिस्तान का दौरा किया था और तुर्की भी गई। शाहीन से जुड़ी मैडम X और मैडम Z की तलाश शुरू कर दी गई है।
दिल्ली ब्लास्ट मामले में एनआईए को बड़ी सफलता मिली है। जांच में पता चला कि गिरफ्तार आरोपी ने आत्मघाती हमलावर उमर उन नबी के साथ मिलकर आतंकी हमला करने की साजिश रची थी।
एनआईए की राज्यों में आमिर राशिद अली की तलाश कर रही थी। अंत में उसे दिल्ली से ही गिरफ्तार किया गया। आमिर राशिद संबूरा का रहने वाला है। उसने आत्मघाती हमलावर के साथ दिल्ली ब्लास्ट की साजिश रची थी।
दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके में 13 लोगों की जान गई है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस पूरे सफेदपोश डॉक्टरों के गैंग वाले आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। इस बीच जेके पुलिस ने चौकाने वाला खुलासा भी किया है।
दिल्ली के धमाके से दहलाने वाला संदिग्ध मोहम्मद उमर 10-12 दिन तक कहां छिपा रहा था, जांच में इसपर बड़ा खुलासा हुआ है। इस खबर में पढ़ें उमर कैसे नजरों में आने से बचता रहा।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने लाल किला धमाका मामले पर बयान देते हुए कहा कि हमारी सुरक्षा एजेंसियों को ऐसे हमले रोकने के लिए हर बार सफल होना पड़ता है।
फरीदाबाद में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े सफेदपोश आतंकवादियों के एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया है। वहीं, से ये फोटो भी सामने आई है।
दिल्ली में बम ब्लास्ट करने वाले डॉ. उमर मोहम्मद का नया सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। वीडियो में उमर एक दुकान पर बैठा हुआ दिखाई दे रहा है और अपने दो मोबाइल फोन में से एक को दुकानदार को चार्ज करने के लिए दे रहा है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस इंटरपोल के जरिए ‘व्हाइट कॉलर’ टेरर मॉड्यूल के मुखिया डॉ. मुजफ्फर के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि दिल्ली लाल किला कार ब्लास्ट और फरीदाबाद डॉक्टर मॉड्यूल से जुड़े इस नेटवर्क का संचालन वह दुबई और अफगानिस्तान से करता था।
दिल्ली लाल किले के ब्लास्ट मामले में जांच एजेंसियां कई डॉक्टरों के मोबाइल फोन और CDR से जुड़े नेटवर्क का पता लगा रही हैं। नूंह और फरीदाबाद से कई डॉक्टरों को पकड़ा गया है। अल फलाह यूनिवर्सिटी की जमीन की भी प्रशासन ने गहन जांच शुरू कर दी है।
अरमान मलिक ने दिल्ली कार धमाके के बाद अपना कॉन्सर्ट आगे बढ़ाने का फैसला लिया है। ये कॉन्सर्ट 15 नवंबर को दिल्ली में आयोजित होना था।
भारत के जिगरी दोस्त ईरान ने दिल्ली में हुई आतंकवादी घटना की कड़ी निंदा की है। साथ ही आतंकवाद के सभी प्रारूपों के खिलाफ भारत के प्रति अपनी एकजुटता जाहिर की है।
अखिल भारतीय विश्वविद्यालय संघ (एआईयू) ने अल-फलाह विश्वविद्यालय की सदस्यता 'अच्छी स्थिति' न होने का हवाला देते हुए रद्द कर दी है।
राष्ट्रीय राजधानी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर सभी यात्रियों को रेलवे स्टेशनों, मेट्रो स्टेशनों और हवाई अड्डे पर समय से पहले पहुंचने की सलाह दी जाती है।
दिल्ली ब्लास्ट को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे भी हुए। जांच एजेंसियों का दावा है कि आतंकवादियों की साजिश बहुत ही खतरनाक थी। उनका मंसूबा सिर्फ दिल्ली नहीं, अयोध्या, वाराणसी, मुंबई, जयपुर, लखनऊ समेत देश के कई शहरों में एक साथ धमाके करने का था लेकिन सुरक्षा एजेंसियां ऐन वक्त से पहले दहशतगर्दों के नेटवर्क की तह तक पहुंच गई।
आतंकी कार को बम बनाकर हमला करने की फिराक में थे। पहले शाहीन की स्विफ्ट मिली थी, फिर उमर की i20 जो ब्लास्ट में इस्तेमाल हुई। इसके बाद लाल रंग की Eco sport और अब अल फ़लाह यूनिवर्सिटी में शाहीन की ब्रेजा कार मिली है।
संपादक की पसंद
लेटेस्ट न्यूज़