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Delhi blast case: हर आतंकी की अलग कहानी, लेकिन मकसद एक.., जानिए कैसे काम करता था आतंक का डॉक्टर मॉड्यूल?

दिल्ली ब्लास्ट मामले की जांच में जिस डॉक्टर मॉड्यूल का खुलासा हुआ है उससे जुड़े हर आतंकी की अपनी एक अलग कहानी है लेकिन उनका मकसद एक था। इस मॉड्यूल से जुड़ा हर आतंकी दिए गए काम को शिद्दत से अंजाम देने में जुटा था।

Reported By : Atul Bhatia Edited By : Niraj Kumar Published : Nov 18, 2025 05:49 pm IST, Updated : Nov 18, 2025 05:50 pm IST
Doctor Module terrorist- India TV Hindi
Image Source : PTI/REPORTER INPUT डॉक्टर मॉड्यूल से जुड़े आतंकी

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में लाल किले के पास कार ब्लास्ट के बाद तहकीकात में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है आतंक के डॉक्टर मॉड्यूल को लेकर चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ रही है। इस मॉड्यूल से जुड़े हर आतंकी की अपनी एक अलग कहानी है लेकिन उनका मकसद एक था। इस मॉड्यूल से जुड़ा हर आतंकी दिए गए काम को शिद्दत से अंजाम देने में जुटा था। आइए आपको बताते हैं कि ये मॉड्यूल कैसे काम करता था और किस को क्या जिम्मेदारी दी गई थी?

उमर बिन खत्ताब ऊर्फ हलजुल्लाह : सबसे पहले बात करते हैं उमर बिन खत्ताब ऊर्फ हलजुल्लाह की।यह पाकिस्तानी ऑपरेटिव है। इसका मकसद था भारत में धमाकों के जरिए दहशत फैलाना। उमर बिन खत्ताब ऊर्फ हलजुल्लाह के संपर्क में मौलवी इरफान था जो लोगों को रेडिक्लाइज़्ड करता था। 

मौलवी इरफान अहमद:जम्मू-कश्मीर के शोपियां में एक मस्जिद में मौलवी था और इसका काम था पढ़े-लिखे नौजवानों को रेडिक्लाइज़्ड करना और जैश से जोड़ना। इसके सीधे संबंध जैश के कई कमांडर से थे। जांच में सामने आया है कि इस मॉड्यूल से डॉक्टर्स को मौलवी इरफान ने ही जोड़ा था। पहले इसने मुजम्मिल को जोड़ा और फिर मुजम्मिल ने अल फलाह यूनिवर्सिटी में अपने जैसे विचार धारा के लोगों से संपर्क किया। मुजम्मिल ने ही डॉक्टर आदिल, डॉक्टर उमर और डॉक्टर शाहीन को इस मॉड्यूल में शामिल किया। बाद में शाहीन ने अपने भाई डॉक्टर परवेज अंसारी को पूरी साजिश का हिस्सा बनाया। 

Delhi blast

Image Source : PTI
दिल्ली में लाल किले के पास 10 नवंबर को कार बम ब्लास्ट में 15 लोगों की मौत हो गई

डॉक्टर शाहीन: लखनऊ की रहने वाली डॉक्टर शाहीन अल फलाह यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर थी लेकिन काम था मॉड्यूल के लिए फंड इक्कठा करना और ग़रीब महिलाओं-लड़कियों को जैश के संगठन जमात-उल-मुमीनात से जोड़ना। जांच में सामने आया कि शाहीन ने मॉड्यूल  को क़रीब 20 लाख रुपये की फंडिंग की थी और लगातार फंड रेज करने में जुटी हुई थी। 

आमिर: कश्मीर का रहने वाला और यह सीधे डॉक्टर उमर के संपर्क में था। आमिर की ज़िम्मेदारी थी मॉड्यूल के लिए लॉजिस्टिक मुहैया  करवाना। मॉड्यूल के लिए i20 कार का इंतज़ाम इसी ने किया था। कार ख़रीदने के लिए इसे पैसे डॉक्टर उमर ने दिए थे जो कि टेरर फंडिंग का हिस्सा था। दिल्ली ब्लास्ट केस में ये NIA द्वारा पहली गिरफ्तारी थी। आमिर को NIA ने दस दिन की रिमांड पर लिया है।

डॉक्टर मुजम्मिल: ये मॉड्यूल का सबसे अहम किरदार हैं जिसने मौलवी इरफ़ान के कहने पर बाक़ी डॉक्टर को इस मॉड्यूल से जोड़ा। डॉक्टर मुजम्मिल का काम रेडिकलाइज़ेशन का था। जिसके टारगेट पर अल फलाह यूनिवर्सिटी के कई स्टूडेंट थे। साथ ही डॉक्टर मुजम्मिल की ज़िम्मेदारी थी ब्लास्ट के लिए विस्फोटक का ट्रांसपोर्टेशन करना। 

डॉक्टर आदिल: यही वो शख़्स है जिसकी गिरफ़्तारी के बाद इस मॉड्यूल का पर्दाफाश हुआ था। इसे जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सहारनपुर से गिरफ़्तार किया था और इसी की निशानदेही पर डॉक्टर मुजम्मिल और शाहीन की गिरफ़्तारी हुई थी। बाद में फरीदाबाद से बड़ी संख्या में हथियार और 2900 किलो विस्फोटक बरामद हुआ था। इसमॉड्यूल  में डॉक्टर आदिल का काम था हथियारों का इंतज़ाम करना। 

Delhi blast

Image Source : PTI
दिल्ली पर हुए आतंकी हमले में गिरफ्तार आतंकी को पेशी के लिए लाया गया

डॉक्टर उमर नबी मोहम्मद- आतंकियों के डॉक्टर मॉड्यूल का आत्मघाती जिसने लालकिले पर कार ब्लास्ट को अंजाम दिया। इस मॉड्यूल में यही डॉक्टर था जिसे केमिकल की सबसे ज़्यादा जानकारी थी और अमोनिया नाइट्रेट से बम बनाने की ट्रेनिंग इसी ने ली थी। आज सामने आए डॉक्टर उमर के वीडियो से ज़ाहिर है कि वह किस कदर हाइली रेडिक्लाइज़्ड था। 

जसीर बिलाल वानी ऊर्फ दानिश- मोड्यूल का techie. बम बांधने में ट्रेंड। जसीर बिलाल वानी इस मॉड्यूल की सबसे अहम कड़ी और किरदार है। इसे डॉक्टर उमर ने आतंकियों के इस मॉड्यूल से जोड़ा था। जसीर बिलाल वानी को इस मॉड्यूल ने ड्रोन में विस्फोटक बांधकर कर रिमोट से ब्लास्ट करने की अगली जिम्मेदारी दी थी  बिलाल वानी फिलहाल ड्रोन बम बनाने में जुटा था और इसके बाद इसे मॉड्यूल के लिए रॉकेट तैयार करने थे। जसीर की गिरफ्तारी NIA ने सोमवार को कश्मीर से की है जिसे आज दिल्ली में पटियाला हाउस कोर्ट में पेश कर दस दिन का NIA रिमांड मिला है। जसीर डॉक्टर उमर और मुजम्मिल के संपर्क में रहता था।

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