चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-नवंबर के दौरान स्पेन को निर्यात में 56 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई और ये पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 3 अरब डॉलर से बढ़कर 4.7 अरब डॉलर हो गया।
क्रेडिट गारंटी योजना के विस्तार के तहत NCGTC सदस्य वित्तीय संस्थानों को पात्र निर्यातकों और एमएसएमई को 20,000 करोड़ रुपये तक की अतिरिक्त ऋण सुविधा देने पर 100 प्रतिशत ऋण गारंटी कवरेज प्रदान करेगी।
अनंत नागेश्वरन ने कहा कि टैरिफ लागू होने के बाद ''पिछले तीन-चार दिनों से कई एक्सपोर्ट और प्रतिनिधि निकायों, प्राइवेट सेक्टर की एक्सपोर्ट प्रोमोशन एजेंसियों और मंत्रालयों के साथ बातचीत चल रही है।''
प्रस्तावित मिशन का उद्देश्य अगले 6 सालों (वित्त वर्ष 2025-31) में व्यापक, समावेशी और टिकाऊ निर्यात वृद्धि को बढ़ावा देना है।
इस मिशन के 5 अलग-अलग घटक होंगे- जिनमें ट्रेड फाइनेंस, स्टैंडर्ड और मार्केट एक्सेस से संबंधित नॉन-फाइनेंस ट्रेड, ब्रांड इंडिया के लिए बेहतर ब्रांड रिकॉल, ई-कॉमर्स हब एवं वेयरहाउसिंग और व्यापार सुविधा होंगे।
अधिकारी ने बताया कि मछली पालन, इंजीनियरिंग, आईटी और फार्मा जैसे क्षेत्रों के एक्सपोर्टर भी इस विचार-विमर्श में हिस्सा लेंगे।
देश का माल और सेवाओं का निर्यात 2017-18 में 478 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2023-24 में 778 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया है। सभी एमएसएमई निर्माता निर्यातकों को 3 प्रतिशत की दर से ब्याज समतुल्यकरण लाभ प्रदान करती है।
नकद धन वापसी से समुद्री, चमड़ा, रत्न व आभूषण, कृषि और इलेक्ट्रिकल/इलेक्ट्रॉनिक, मोटर वाहन, मशीनरी और प्लास्टिक जैसे रोजगार-उन्मुख क्षेत्रों के हजारों निर्यातकों को मदद मिलेगी।
वैश्विक व्यापार अनुसंधान पहल (जीटीआरआई) ने कहा, “योजना का अभी तक कोई विस्तृत अध्ययन नहीं किया गया है। सरकार के लिए वास्तविक लाभार्थियों की पहचान करना महत्वपूर्ण है।
यह दावा एक जुलाई 2018 से 31 मार्च 2019 तक, एक अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2020 तक और एक अप्रैल 2020 से 31 दिसंबर 2020 तक किए गए निर्यात के लिए किया जा सकता है।
2020-21 में भारत-अफगानिस्तान के बीच द्विपक्षीय व्यापार 1.4 अरब डॉलर रहा, जो 2019-20 में 1.52 अरब डॉलर था। 2020-21 में भारत से निर्यात 82.6 करोड़ डॉलर और आयात 51.0 करोड़ डॉलर था।
सूत्रों के मुताबिक फर्जी तरीके से आईजीएसटी रिफंड लेने वालों में 7 स्टार एक्सपोर्टस दर्जा प्राप्त निर्यातक भी शामिल हैं, जिन्होंने ने 28.9 करोड़ रुपए का फर्जी आईसीएसटी रिफंड लिया है।
डीपीआईआईटी ने गृह मंत्रालय को सुरक्षा उपायों के साथ सीमित कारोबारी गतिविधियां शुरू करने का सुझाव दिया है।
निर्यात क्षेत्र के लिए आम बजट 2020-21 में निर्विक योजना और सामान की गुणवत्ता पर ध्यान देने जैसे सहायक कदमों से देश के निर्यात को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
गोयल ने यह भी कहा कि हालांकि, कुल निर्यात 2018-19 में 537 अरब डॉलर रहा, लेकिन भारत को अगले पांच साल में 1,000 डॉलर का निर्यात हासिल करना होगा।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने निर्यातकों को कर्ज में गिरावट पर चिंता जतायी है। उन्होंने गुरुवार को कहा कि सरकार निर्यातकों को सस्ती दर पर विदेशी मुद्रा में कर्ज देने के लिए जल्द ही दिशानिर्देश जारी करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगले पांच साल में देश का कुल निर्यात 1,000 अरब डॉलर को पार पहुंचाना होगा।
सीबीआईसी ने अपने सीमा शुल्क और जीएसटी अधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे पहले से निर्धारित जोखिम मानकों के आधार पर जोखिम वाले निर्यातकों के इनपुट कर क्रेडिट का सत्यापन करें।
सरकार ने वाणिज्यिक माल निर्यातकों को निर्यात ऋण पर तीन प्रतिशत ब्याज सहायता देने का निर्णय किया है।
वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु ने निर्यातकों को बैंक कर्ज में कमी का मुद्दा वित्त मंत्री अरुण जेटली के समक्ष उठाया है।
निर्यातक अब कुरियर सेवा या डाक के जरिये पांच लाख रुपए की वस्तुओं का निर्यात कर सकते हैं। पहले यह सीमा 25,000 रुपए प्रति खेप थी।
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