मॉस्को के एक हॉस्टल में आग लगने का वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि कई लोगों को चौथी मंजिल की खिड़कियों से कूदकर अपनी जान बचानी पड़ी।
मॉस्को में एक रूसी महिला पर शेर अली खान ने घर में घुसकर अचानक हमला कर दिया। महिला के चिल्लाने पर पड़ोसियों ने आकर उसकी जान बचा ली। इस बीच आरोपी भागा तो 7वें मंजिल की खिड़की से गिरकर उसकी मौत हो गई।
जयशंकर का यह दौरा न केवल एससीओ जैसे क्षेत्रीय मंचों को मजबूत करेगा, बल्कि पुतिन की यात्रा के लिए जमीन तैयार करेगा। विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, जयशंकर रूस के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से भी भेंट करेंगे और रूस-भारत मंच 2025 जैसे कार्यक्रमों पर चर्चा करेंगे।
मॉस्को के एक शॉपिंग सेंटर में बड़ा धमाका हुआ है। इसमें कम से कम 1 व्यक्ति की मौत हो गई है। जबकि 3 अन्य लोग घायल हुए हैं। धमाके के बाद इलाके में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है। राहत और बचाव दलों के साथ सुरक्षा एजेंसियां मौके पर हैं।
मॉस्को के कोलोम्ना जिले में एक याक-18टी ट्रेनर विमान क्रैश हो गया, जिसमें सवार सभी 4 लोगों की मौत हो गई। हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ। विमान को उड़ान की अनुमति न होने की भी जांच हो रही है।
मॉस्को एयरपोर्ट पर बेलारूस के नागरिक व्लादिमीर विटकोव ने 18 महीने के ईरानी बच्चे को जोर से फर्श पर पटक दिया। बच्चा गंभीर रूप से घायल होकर कोमा में है। आरोपी को हिरासत में लेकर जांच जारी है।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय सांसदों का एक डेलिगेशन रूस पहुंचा है। यहां फ्लाइट की लैंडिंग से ठीक पहले एक बड़ा हादसा होते-होते रह गया। लैंडिग से पहले यूक्रेन की ओर से ड्रोन हमले किए गए। हालांकि इस दौरान काफी देर तक विमान को हवा में ही चक्कर लगाना पड़ा।
भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के दौरान पाकिस्तान ने रूस से मध्यस्थता कराने में मदद मांगी है। पाकिस्तान के राजदूत ने रूस के विदेश मंत्री से इस मामले में दखल देने का आग्रह किया है।
रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने आतंकी संगठन तालिबान पर से 20 साल से अधिक पुराना प्रतिबंध हटाकर भले ही काबुल का करीबी होने का प्रयास किया है, लेकिन इससे भारत यूएन समेत कई देश नाराज हैं। लिहाजा अब मॉस्को भी इस पर सफाई देने को विवश है।
नाटो ने रूस को बड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर मॉस्को ने पोलैंड पर हमला किया तो इसके परिणाम बहुत घातक होंगे। नाटो महासचिव मार्क रूट ने कहा कि ऐसी स्थिति में हम विनाशकारी प्रतिक्रिया देंगे।
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच मॉस्को में रूसी परमाणु वैज्ञानिक की बम ब्लास्ट में मौत हो गई है। इस खबर ने यूरोप से लेकर पश्चिम तक खलबली मचा दी है। क्रेमलिन मामले की जांच में जुट गया है।
भारत क्या रूस-यूक्रेन युद्ध में शांति लाने के कगार पर पहुंच गया है, क्या भारत दुनिया को अपनी विदेश नीति से चौंकाने जा रहा है। पीएम मोदी के प्रयासों से तो फिलहाल कुछ ऐसा ही लगता है। यूक्रेन शांति योजना के तहत इस वक्त एनएसए अजीत डोभाल मॉस्को में तो जयशंकर जर्मनी में हैं।
अमेरिका ने रूस पर राष्ट्रपति चुनावों में गड़बड़ी फैलाने का गंभीर आरोप लगाते हुए अभियोग पंजीकृत किया है। साथ ही रूस पर कई बैन लगा दिए हैं। आरोप है कि रूस ट्रंप को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहा था और डेमोक्रिटक पार्टी के उम्मीदवार को नुकसान पहुंचाना चाहता था।
रूस-यूक्रेन युद्ध में सबसे बड़े उलटफेर की खबर सामने आ रही है। कुछ दिनों पहले रूस के कुर्स्क क्षेत्र पर यूक्रेनी सेना ने कब्जा हासिल करने के बाद इसी इलाके की एक अन्य बड़ी बस्ती को अपने नियंत्रण में लेने का दावा किया है। साथ ही रूसी सैनिकों को बंदी बनाने का ऐलान किया है। इस बीच राष्ट्रपति जेलेंस्की बॉर्डर दौरे पर हैं।
रूस और यूक्रेन के बीच जंग लगातार भीषण होती जा रही है। यूक्रेन ने जोरदार हमले करते हुए रूस की राजधानी मॉस्को को निशाना बनाया है। इससे पहले यूक्रेन की सेना ने सेयम नदी पर बने तीनों पुलों को नष्ट कर दिया था।
रूस की धरती पर यूक्रेन के कब्जे के बाद राष्ट्रपति पुतिन के सलाहकार ने भारतीय राजदूत से मॉस्को में अहम मुलाकात की है। दोनों नेताओं के बीच वैश्विक मंच पर सहयोग को लेकर अहम चर्चा हुई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन की 22वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन में बेहद अहम मुलाकात होने जा रही है। इसे लेकर रूस के राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। पीएम मोदी के स्वागत में मॉस्को को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। पुतिन भी अपने दोस्त मोदी से मिलने को बेताब हैं।
रूस में एक भीषण आतंकी हमला हो गया है। इस हमले में करीबन 15 रूसी लोगों की जान चली गई है, इसमें एक पादरी और कुछ पुलिसवाले भी शामिल हैं।
रूसी सुरक्षाबलों ने मॉस्को में कर्मचारियों को बंधक बनाने वाले आईएसआईएस के आतंकियों मार गिराया है। बताया जा रहा है कि ये सभी कैदी के रूप में जेल में बंद थे, लेकिन उन्होंने कर्मचारियों को बंधक बना लिया था।
रूस और उसके युद्ध आपूर्तिकर्ताओं के बीच 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर से अधिक के व्यापार को निशाना बनाया गया है। इन 300 से अधिक नए प्रतिबंधों का मुख्य उद्देश्य चीन, संयुक्त अरब अमीरात और तुर्की समेत विभिन्न देशों के व्यक्तियों व कंपनियों को रूस की सहायता करने से रोकना है।
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