मॉस्को: रूस की राजधानी मॉस्को के उपनगर में एक ऐसी भयानक घटना घटित हुई, जिसने पूरे इलाके को हिला दिया। यहां एक संदिग्ध प्रवासी अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स में घूम-घूमकर 'मरीना' नाम की महिला की तलाश की और गलत फ्लैट में घुसकर एक निर्दोष महिला पर जानलेवा हमला कर दिया। महिला के शोर मचाने पर पड़ोसी दौड़े तो आरोपी की सातवें मंजिल से गिरकर मौत हो गई।
पड़ोसियों ने महिला को बचाया
बताया जा रहा है कि हमलावर ने महिला को गला दबाया और हत्या की धमकी दी, लेकिन 15 मिनट तक चीखने-चिल्लाने पर दौड़कर आए पड़ोसियों ने महिला को बचा लिया। इसके बाद हमलावर भागते हुए सातवीं मंजिल की बालकनी से फिसल गया और मौत के मुंह में समा गया। घटना मॉस्को के दक्षिणी उपनगर लेनिन्स्की जिले के एक पुराने अपार्टमेंट भवन में शुक्रवार रात करीब 11 बजे हुई।
सामने आया घटना का वीडियो
इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपी को 7वीं मंजिल से नीचे गिरते देखा जा रहा है। स्थानीय पुलिस के अनुसार हमलावर की पहचान 32 वर्षीय उज्बेकिस्तान मूल के अलीशेर खान के रूप में हुई है, जो रूस में अवैध रूप से रह रहा था। गवाहों के बयानों से पता चला कि खान शाम से ही भवन के गलियारों में भटक रहा था। वह दरवाजे-दरवाजे पर दस्तक देकर 'मरीना' नाम की किसी महिला को बुला रहा था, जो शायद उसकी पुरानी परिचित या कल्पित प्रेमिका हो सकती थी। रात के अंधेरे में, छठे फ्लोर पर रहने वाली 45 वर्षीय ओल्गा इवानोवा ने दरवाजा खोला। जैसे ही दरवाजा खुला, खान ने अंदर धावा बोल दिया। उसने ओल्गा को दीवार से सटा दिया, गला दबाकर धमकी दी, 'तुम मरीना हो, मैं तुम्हें मार डालूंगा!'
15 मिनट तक चीखने-चिल्लाने के बाद बची ओल्गा की जान
ओल्गा ने बताया, 'मैं चीखती रही, लेकिन उसकी पकड़ इतनी मजबूत थी कि सांस लेना मुश्किल हो गया। मैंने सोचा, आज मेरा अंत हो जाएगा।' लगभग 15 मिनट तक चली जद्दोजहद के दौरान ओल्गा की चीखें पूरे फ्लोर पर गूंजीं। पहले तो पड़ोसी डरे हुए थे, लेकिन जब चीखें तेज हुईं, तो सातवें फ्लोर के निवासी विक्टर पेत्रोव और उनकी पत्नी नादिया ने दरवाजा तोड़ दिया। वे अंदर घुसे और खान को पीछे धकेल दिया। ओल्गा को बचाते हुए विक्टर ने कहा, 'हमने उसे पकड़ लिया, लेकिन वह पागल की तरह जूझ रहा था।' खान ने भागने की कोशिश की और बालकनी की ओर दौड़ा। वह रेलिंग पर चढ़ गया और किनारे पर लटक गया।
खिड़की से अंदर खींचने की कोशिश के दौरान नीचे गिरा आरोपी
बताया जा रहा है कि ओल्गा के पड़ोसियों ने आरोपी को खिड़की से अंदर खींचने की कोशिश की, लेकिन बारिश से भीगी बालकनी पर उसका हाथ फिसल गया। 7वें मंजिल से नीचे गिरकर खान की मौके पर ही मौत हो गई। नीचे सड़क पर खड़ी एक कार पर उसका शव गिरा, जो क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस और एम्बुलेंस की टीम तुरंत पहुंची। ओल्गा को मामूली चोटें आईं, लेकिन सदमे से वह सदमे में है। डॉक्टरों ने उसे साइकोलॉजिकल काउंसलिंग की सलाह दी। स्थानीय पुलिस प्रमुख इवान कोवालेव ने बताया, 'हमलावर के पास कोई हथियार नहीं था, लेकिन उसकी मानसिक स्थिति गड़बड़ लग रही थी। हम 'मरीना' की तलाश कर रहे हैं।'
इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा
घटना के बाद भवन में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पड़ोसियों ने एकजुट होकर ओल्गा की मदद की, जो इलाके की बहादुरी का प्रतीक बनी। यह घटना मॉस्को के उपनगरों में बढ़ते अपराध और प्रवासियों से जुड़े विवादों को उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसिक स्वास्थ्य और आवास सुरक्षा पर ध्यान देने की जरूरत है। ओल्गा ने कहा, 'पड़ोसियों ने मेरी जान बचाई। अब मैं सुरक्षित महसूस कर रही हूं।' पुलिस जांच जारी है।