Parliament LIVE: लोकसभा में 'वन नेशन वन इलेक्शन' विधेयक को पेश कर दिया गया है। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने ये बिल पेश किया है। विपक्षी सांसदों ने इस बिल को लेकर विरोध जताया है।
लोकसभा में मंगलवार को 'वन नेशन वन इलेक्शन' से संबंधित विधेयक को पेश किया जाएगा। इस विधेयक को कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल पेश करेंगे।
वन नेशन-वन इलेक्शन को लेकर बसपा ने केंद्र सरकार पर अपनी नीति स्पष्ट कर दी है। मायावती ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए इस विधेयक का स्वागत किया है। साथ ही उन्होंने अन्य दलों से भी इसका समर्थन करने की अपील की है।
केंद्र सरकार के फैसले का समर्थन करते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि 'एक देश, एक चुनाव' का निर्णय देश के हित में लिया है।
मोदी सरकार वन नेशन वन इलेक्शन बिल को सोमवार को लोकसभा में पेश नहीं करेगी। लोकसभा की कार्यवाही की लिस्ट में अब इस बिल का जिक्र नहीं है।
एक देश एक चुनाव की मांग लंबे समय से चली आ रही और इस बिल को संसद में पेश किया गया है। इसका उद्देश्य देशभर में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराना है। इससे किसे फायदा होगा, कितना वक्त लगेगा, कैसे लागू होगा? जानें सबकुछ...
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल सोमवार को लोकसभा में 'वन नेशन वन इलेक्शन' बिल पेश करेंगे। इस बिल को अभी हाल में केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिली थी।
वन नेशन-वन इलेक्शन के मुद्दे पर झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उनके (एनडीए) पास बहुमत है। वे कोई भी फैसला ले सकते हैं। वे अपने और हम अपने एजेंडा पर काम कर रहे हैं।
One Nation One Election: 'एक देश एक चुनाव' प्रस्ताव को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। इसी सत्र में इस बिल को संसद में रखा जा सकता है।
'वन नेशन, वन इलेक्शन' को लागू करने के लिए मोदी सरकार द्वारा तीन विधेयक लाए जाने की संभावना है, जिनमें दो संविधान संशोधन से संबंधित होंगे।
रेवंत रेड्डी ने कहा कि देश राज्यों का संघ है। भाजपा राज्यों के संघ की भावना को ठेस पहुंचाकर ‘एक राष्ट्र एक चुनाव’ की आड़ में अपना प्रभुत्व स्थापित करने की कोशिश कर रही है जिसका प्रतिकार किया जाना चाहिए।
शिवसेना (UBT) के नेता आदित्य ठाकरे ने केंद्र सरकार पर हमलावर होते हुए कहा कि वन नेशन, वन इलेक्शन की बात कर रहे हैं। कश्मीर में एक चरण में चुनाव भी नहीं करा पा रहे हैं।
कोई कह रहा है कि मोदी राज्य सरकारों को कमज़ोर करना चाहते हैं, कोई कह रहा है कि ये RSS का एजेंडा है, कोई कह रहा है कि मोदी देश में राष्ट्रपति शासन प्रणाली लागू कर देंगे। लेकिन ये सब बेकार की बातें हैं।
भारतीय जनता पार्टी ने 1984 में पहली बार अखिल भारतीय स्तर पर लोकसभा चुनाव लड़ा था और उसी साल मांग की थी पूरे देश में एक साथ चुनाव कराने की व्यवस्था होनी चाहिए।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने एक देश एक चुनाव को लेकर केंद्र सरकार से कड़े सवाल किए हैं। बता दें कि बुधवार को मोदी कैबिनेट ने एक देश एक चुनाव को लेकर प्रस्ताव पास कर दिया है।
एक देश, एक चुनाव की सिफारिश को मोदी सरकार की कैबिनेट ने स्वीकार कर लिया है। बता दें कि इसे लेकर विपक्षी दलों का कहना है कि एक साथ चुनाव कराना व्यावहारिक नहीं है। सरकार का कहना है कि कई राजनीतिक दल पहले से ही इस मुद्दे पर सहमत हैं।
चुनाव खर्च पर नजर रखने वाले एक विशेषज्ञ के अनुसार, 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' लागू होने पर चुनाव खर्च में कम से कम 30 प्रतिशत की कमी आ सकती है।
आज वन नेशनल वन इलैक्शन की दिशा में नरेन्द्र मोदी की सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया.....कैबिनेट ने वन नेशन वन इलैक्शन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी....सरकार इसको लेकर पार्लियामेंट के विंटर सेशन में बिल लेकर आएगी....उससे पहले सभी पार्टियों के साथ बात करके इस मुद्दे पर आम राय बनाने की कोशिश होगी....
आदित्य ठाकरे ने वन नेशन-वन इलेक्शन को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोल दिया है। साथ ही चुनाव आयोग को भी आदित्य ने मजाक बता दिया है।
आज नरेंद्र मोदी की कैबिनेट ने वो फैसला लिया जो आज़ाद हिंदुस्तान में दूसरा कोई नहीं ले सका. आज मोदी ने इलेक्शन का स्केल इतना बड़ा कर दिया, जहां तक कोई पहुंच नहीं सकता. मोदी ने इतनी दूर तक की सोची है, जहां तक राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल या अखिलेश यादव जैसे नेता सोच नहीं सकते
संपादक की पसंद