एलन मस्क की कंपनी SpaceX ने बड़ी घोषणा की है। मस्क की एयरोस्पेस कंपनी NASA के साथ मिलकर धरती से बाहर इंसानों के लिए स्थाई बेस बनाएगी। इसके लिए स्पेसएक्स ने स्टारशिप को विशेष तौर पर डिजाइन किया है।
ISRO अध्यक्ष वी. नारायणन ने घोषणा की कि भारत 2040 तक चांद पर मानव भेजने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। ISRO चीफ के मुताबिक, 2027 में 'गगनयान' मिशन की शुरुआत होगी, और 2035 तक भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन तैयार हो जाएगा।
टेक्सास के स्टारबेस सेंटर से लॉन्च हुए इस मिशन के दौरान सुपर हैवी बूस्टर ने उड़ान के 10 मिनट बाद ही मेक्सिको की खाड़ी में सुरक्षित लैंडिंग की। इसने पिछली बार की तरह ही दुनिया के आधे हिस्से का सफलतापूर्वक चक्कर लगाया। स्टारशिप अब तक का सबसे बड़ा और सबसे शक्तिशाली रॉकेट है।
एलन मस्क ने ऐसा इतिहास रचा है जिसे जानकर आप भी हैरान हो जाएंगे। वो दुनिया के पहले ऐसे व्यक्ति बन गए हैं जिनके पास करीब 500 अरब डॉलर की संपत्ति है।
वैज्ञानिकों को मंगल ग्रह पर सूखी नदी के बारे में पता चला है। नासा के रोवर पर्सिवरेंस कमाल का काम किया है। रोवर पर्सिवरेंस लाल ग्रह पर एक सूखी नदी की धारा में चट्टानें खोज निकाली हैं।
चंद्रयान-5 मिशन में एक अधिक परिष्कृत लैंडर और रोवर भेजा जा सकता है, जो पहले से ज्यादा उन्नत उपकरणों से लैस होंगे और चंद्रमा पर अधिक समय तक कार्य करने में सक्षम होंगे। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, चंद्रयान-5 को एक सैंपल रिटर्न मिशन के रूप में भी विकसित किया जा सकता है।
भारत और रूस के बीच अंतरिक्ष क्षेत्र में चल रहा सहयोग न केवल दोनों देशों की तकनीकी क्षमताओं को बढ़ा रहा है, बल्कि भविष्य में मानवता के लिए नए आयाम खोलने की दिशा में भी एक मजबूत कदम है। अब दोनों देश मिलकर अंतरिक्ष के क्षेत्र में नई सफलताओं और उपलब्धियों की ओर बढ़ रहे हैं।
राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर छात्रों को संबोधित करते हुए अनुराग ठाकुर ने उन्हें भारत की परंपराओं से जुड़ने के लिए पाठ्यपुस्तकों से परे देखने के लिए कहा।
PM नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत जल्द ही अंतरिक्ष में अपना स्पेस स्टेशन बनाएगा। उन्होंने आर्थिक मजबूती, रोजगार, जीएसटी सुधारों और तकनीकी प्रगति पर बात करते हुए 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में निरंतर सुधारों की प्रतिबद्धता दोहराई।
देश में आज राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मनाया जा रहा है। इस बार दूसरा राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मनाया जा रहा है। आइये जानते हैं कि राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस क्यों मनाते हैं और इसे मनाने का उद्देश्य क्या है?
भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन को लेकर ISRO की टीम दिन रात लगी हुई है। हाल ही में भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS) मॉड्यूल के एक मॉडल का अनावरण किया गया है। इससे इस प्रोजेक्ट में और तेजी आएगी।
अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला से पीएम मोदी की बातचीत का वीडियो सामने आया है। पीएम मोदी ने शुभांशु शुक्ला से इंटरनेशनल स्पेस स्पेशन स्टेशन में बिताए गए समय को लेकर कई दिलचस्प सवाल किए हैं।
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की अंतर्राष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) यात्रा और उसके बाद की वापसी पर विशेष चर्चा के दौरान लोकसभा में विपक्ष के सांसदों ने हंगामा किया। अब इस मामले में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर के विपक्ष की जमकर क्लास लगाई है।
चीन और पाकिस्तान के बीच स्पेस के क्षेत्र में सहयोग निरंतर बढ़ता जा रहा है। चीन अब पाकिस्तान के पहले अंतरिक्ष यात्री को स्पेस में भेजने की तैयारी कर रहा है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मस्क को लेकर यू-टर्न ले लिया है। उन्होंने मस्क के साथ चल रहे विवादों की अटकलों पर विराम लगाया है। उन्होंने एक पोस्ट में कहा कि मैं चाहता हूं एलन और अन्य व्यवसाय तरक्की करें, इससे अमेरिका बेहतर करेगा। यह हम सबके लिए अच्छा होगा।
भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला तीन अन्य साथियों के साथ पृथ्वी पर लौट आए है। ड्रैगन ‘ग्रेस’ अंतरिक्ष यान दक्षिणी कैलिफोर्निया में सैन डिएगो के नजदीक समुद्र में उतरा। चलिए आपको बताते हैं कि अंतरिक्ष यान पानी में ही क्यों उतरा।
भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष से वापस पृथ्वी पर आ गए हैं। हालांकि, अंतरिक्ष से वापसी के बाद भी शुभांशु शुक्ला की राह आसान नहीं होगी। उन्हें कई प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ेगा।
Shubhanshu Shukla Return: अंतरिक्ष में 18 दिन बिताने के बाद भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला धरती पर लौट आए हैं। शुक्ला ड्रैगन 'ग्रेस' अंतरिक्ष यान से लौटे हैं, जो सोमवार को शाम 4:45 बजे अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से अलग हुआ था।
अंतरिक्ष में 18 दिन रहने के बाद शुभांशू शुक्ला की धरती पर वापसी हो रही है। स्पेसक्राफ्ट को अंतरिक्ष से धरती पर लौटने में लगभग 22.5 घंटे का समय लगेगा। ड्रैगन अंतरिक्ष यान कैलिफोर्निया तट पर लैंड होगा।
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन जाने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला स्पेस में लगभग 100 लाख किलोमीटर की यात्रा कर ली है। शुभांशु शुक्ला ने अंतराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में कई प्रयोग भी किए हैं।
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