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शास्त्रीय संगीत के दिग्गज छन्नूलाल मिश्र का निधन, बनारस में होगा अंतिम संस्कार; रह चुके हैं PM मोदी के प्रस्तावक

 Published : Oct 02, 2025 06:36 am IST,  Updated : Oct 02, 2025 06:41 am IST

तीन सप्ताह पहले शनिवार के दिन पंडित छन्नूलाल मिश्र को माइनर कार्डियक अटैक आया था। इसके बाद उनको BHU के इमरजेंसी डिपार्टमेंट में भर्ती किया गया था।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करते हुए पंडित छन्नूलाल मिश्र (फाइल फोटो) Image Source : FACEBOOK- PT. CHHANNULAL MISHRA

2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रस्तावक रहे सुप्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पंडित छन्नूलाल मिश्रा का 91 वर्ष की उम्र में गुरुवार सुबह 4.15 बजे निधन हो गया। बेटी नम्रता मिश्र ने जानकारी देते हुए बताया कि पिता मीर्जापुर घर पर ही थे। उनका अंतिम संस्कार बनारस में किया जाएगा।

बता दें कि तीन सप्ताह पहले शनिवार के दिन पंडित छन्नूलाल मिश्र को माइनर कार्डियक अटैक आया था। इसके बाद उनको BHU के इमरजेंसी  डिपार्टमेंट में भर्ती किया गया था। इस दौरान डॉक्टरों ने जांच कर बताया कि उनके चेस्ट में इंफेक्शन और खून की कमी भी है। तीन सप्ताह तक चले इलाज के बाद शुक्रवार को उनको बीएचयू के अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इसके बाद उनकी बेटी ने उनको मीर्जापुर लाया और रामकृष्ण सेवा मिशन चिकित्सालय में ले जाकर भर्ती कराया था। 

कौन हैं छन्नूलाल मिश्र?

आजमगढ़ में जन्मे पंडित छन्नूलाल मिश्र ने बनारस को अपनी कर्मभूमि बनाया। वह बनारस घराने के कला-संगीत क्षेत्र के अहम प्रतिनिधि थे। 2010 में यूपीए सरकार के दौरान छन्नूलाल मिश्र को पद्मभूषण और यूपी की अखिलेश सरकार में यश भारती सम्मान के नवाजा गया है। 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान पीएम मोदी ने वाराणसी सीट से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया तो छन्नूलाल मिश्र उनके प्रस्तावक बने थे।

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Image Source : PTI (FILE PHOTO)पंडित छन्नूलाल मिश्र को पद्म विभूषण पुरस्कार प्रदान करते हुए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद।

संगीत जगत में गहरा शोक

पद्म विभूषण से सम्मानित बनारस घराने के इस दिग्गज कलाकार ने ठुमरी, दादरा, चैती और भजन गायन से भारतीय संगीत जगत को समृद्ध किया। उन्होंने अपनी सुरीली आवाज और अद्वितीय शैली से शास्त्रीय संगीत को आम लोगों तक पहुंचाया। उनके निधन से संगीत जगत में गहरा शोक है। संगीत प्रेमियों और उनके शिष्यों के लिए यह अपूरणीय क्षति है।

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