पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में 54 वर्षीय बूथ स्तरीय अधिकारी (BLO) की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। बीएलओ के परिवार ने आरोप लगाया कि राज्य में जारी एसआईआर अभियान से संबंधित अत्यधिक कार्यभार के कारण उनकी मौत हुई। पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान उत्पल ठाकुर के रूप में हुई है।
स्कूल में पैरा टीचर भी थे ठाकुर
परिवार के एक सदस्य ने कहा कि उत्पल ठाकुर को शनिवार रात करीब साढ़े 10 बजे दिल का दौरा पड़ा और बाद में उनकी मौत हो गई। निर्वाचन आयोग के सूत्रों के अनुसार, वह चंचल-द्वितीय ब्लॉक के चंद्रपारा ग्राम पंचायत के अंतर्गत नाडापारा में बूथ संख्या 93 पर बूथ स्तरीय अधिकारी के रूप में कार्यरत थे। ठाकुर, एक स्कूल में पैरा-टीचर भी थे।
पीड़ित पत्नी ने परिवार से की मदद की अपील
ठाकुर की पत्नी ने कहा, 'मेरे पति ने एसआईआर प्रक्रिया में बहुत मेहनत की लेकिन काम के तनाव को सहन नहीं कर पाए और उन्हें दिल का दौरा पड़ गया। मुझे नहीं पता कि मैं परिवार कैसे चलाऊंगी। हमें उम्मीद है कि सरकार मेरी बेटियों की और मेरी मदद करेगी।'
बीएलओ पर लगे थे ये आरोप
स्थानीय लोगों ने बताया कि 'विचाराधीन' श्रेणी में शामिल या जिनके नाम हटा दिए गए थे, उनमें से कई लोगों ने आरोप लगाया कि बीएलओ ने उनके दस्तावेज आयोग की वेबसाइट पर ठीक से अपलोड नहीं किए थे।
पड़ोसी बीएलओ से पूछते थे कारण
ठाकुर के परिवार के एक पड़ोसी ने कहा, 'लोगों को आयोग की प्रक्रियाओं की समझ नहीं है। वे सीधे बीएलओ के पास गए और पूछा कि उनके दस्तावेज ठीक से अपलोड हुए हैं या नहीं। हटाए गए मतदाता अक्सर नाम न होने का कारण पूछते हैं।'