1. Hindi News
  2. पश्चिम बंगाल
  3. शुभेंदु अधिकारी: ममता के पूर्व राइट हैंड, अविवाहित ‘हिंदू हृदय सम्राट’ जो संभालने जा रहे बंगाल की सत्ता

शुभेंदु अधिकारी: ममता के पूर्व राइट हैंड, अविवाहित ‘हिंदू हृदय सम्राट’ जो संभालने जा रहे बंगाल की सत्ता

 Published : May 08, 2026 03:58 pm IST,  Updated : May 08, 2026 03:58 pm IST

बंगाल में इतिहास बनाते हुए पहली बार बीजेपी सत्ता में आई तो इस जीत में अगर कोई एक नाम सबसे ज्यादा चमका तो वह है- शुभेंदु अधिकारी। शुभेंदु अधिकारी बीजेपी की जीत के आर्किटेक्ट माने जाते हैं, जिन्होंने बीजेपी का आंकड़ा 207 तक पहुंचा दिया।

suvendu adhikari- India TV Hindi
शुभेंदु अधिकारी Image Source : PTI

थोड़ी देर में बंगाल में बीजेपी विधायक दल की बैठक शुरू होने जा रही है, जहां शुभेंदु अधिकारी के नाम पर औपचारिक तौर पर मुहर लगेगी। बीजेपी के चाणक्य अमित शाह खुद शुभेंदु के नाम का ऐलान करेंगे। दरअसल, साल 2020 में अमित शाह ने जब बंगाल विजय की रणनीति तैयार की थी तब उन्होंने 19 दिसंबर 2020 को कभी ममता बनर्जी के राइट हैंड रहे शुभेंदु अधिकारी को बीजेपी में शामिल कराया था। इस दौरान भरे मंच पर शुभेंदु अधिकारी ने पैर छूकर अमित शाह का आशीर्वाद लिया था। इसके बाद अमित शाह लगातार शुभेंदु के पीछे मजबूत दीवार बनकर खड़े रहे और आज जब बंगाल विजय के बाद अमित शाह कोलकाता पहुंचे तो एयरपोर्ट पर शुभेंदु अधिकारी को पीठ ठोंककर आशीर्वाद दिया।

ममता के गढ़ में जाकर दी मात

पिछली बार जब बीजेपी जब 77 सीटों पर सिमट गई थी तब अमित शाह ने शुभेंदु अधिकारी को विधानसभा का नेता प्रतिपक्ष बनाया और इस बार अमित शाह ने शुभेंदु अधिकारी को ममता के खिलाफ भवानीपुर से चुनावी मैदान में उतारा। शुभेंदु ने भी ये साबित कर दिया कि ममता को उनके गढ़ में जाकर मात देने की क्षमता अगर किसी में है तो वो सिर्फ शुभेंदु अधिकारी में हैं।

शुभेंदु ही क्यों बनेंगे बंगाल के मुख्यमंत्री?

  1. बंगाल में शुभेंदु अधिकारी एकमात्र ऐसे नेता हैं जिन्होंने एक बार नहीं 2-2 बार TMC सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराया।
  2. 2021 में नंदीग्राम में हराया और इस बार ममता के गढ़ भवानीपुर में जाकर दीदी को मात दी। इसके बाद शुभेंदु की दावेदारी और मजबूत हो गई।
  3. शुभेंदु अधिकारी बीजेपी की जीत के आर्किटेक्ट भी माने जाते हैं, जिन्होंने बीजेपी का आंकड़ा 207 तक पहुंचा दिया।
  4. नेता प्रतिपक्ष रहे हैं इसलिए प्रशासनिक अनुभव भी है।
  5. पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के भरोसेमंद भी हैं और बीजेपी नेता भी कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री वही बनेगा जो हिंदू हृदय सम्राट होगा

amit shah suvendu adhikari
Image Source : PTIअमित शाह और शुभेंदु अधिकारी

अविवाहित हैं शुभेंदु अधिकारी

शुभेंदु अधिकारी अविवाहित हैं। उनका जन्म 15 दिसंबर 1970 को पूर्वी मेदिनीपुर के कांथी में हुआ था। उनका परिवार भी राजनीति से जुड़ा था। उनके पिता शिशिर अधिकारी पश्चिम बंगाल की राजनीति में जाने-माने नाम थे। शुभेंदु अधिकारी पर भी अपने पिता का प्रभाव पड़ा।

उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1989 में कांग्रेस की छात्र परिषद से की। साल 1995 में वह उस वक्त चर्चा में आए, जब कांथी नगर पालिका में उन्हें पार्षद चुना गया। साल 1998 में जब टीएमसी की शुरुआत हुई तो सुवेंदु तृणमूल कांग्रेस से जुड़ गए। धीरे-धीरे उन्होंने राजनीति पर पकड़ बना ली और वह इतने मजबूत हो गए कि साल 2014 में मोदी लहर के बावजूद अपनी लोकसभा सीट जीते। ममता बनर्जी ने भी उनका लोहा माना और परिवहन और सिंचाई जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय दिए।

2020 में TMC छोड़कर बीजेपी में हुए शामिल  

2020 में शुभेंदु अधिकारी का टीएमसी से मोह भंग हो गया और उन्होंने दिसंबर 2020 में तृणमूल कांग्रेस और विधायक पद से इस्तीफा दे दिया और मेदिनीपुर में अमित शाह की रैली में बीजेपी ज्वाइन कर ली। इसके बाद साल 2021 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को नंदीग्राम से चुनाव हरा दिया। इस जीत के बाद वह पश्चिम बंगाल में बीजेपी के बड़े नेताओं में शुमार होने लगे। बाद में बीजेपी ने उन्हें लीडर ऑफ अपोजिशन भी बनाया।

अब 2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने 2 सीटों (नंदीग्राम और भवानीपुर) से चुनाव लड़ा और दोनों ही सीटों पर जीत हासिल की। उन्होंने भवानीपुर सीट से राज्य की सीएम ममता बनर्जी को चुनाव हराया। ममता ने भवानीपुर से ही विधानसभा का चुनाव लड़ा था।

शुभेंदु अधिकारी की सबसे बड़ी ताकत क्या है?

शुभेंदु अधिकारी की सादगी (कुर्ता-पायजामा, चप्पल) जो बंगाल के लोगों को पसंद है। ग्रामीण वोटर से अच्छा कनेक्शन, संगठन पर मजबूत पकड़ है, यही उन्हें मास लीडर बनाता है।

यह भी पढ़ें-

बंगाल में भाजपा ने TMC को कहां-कहां पछाड़ा? 2024 लोकसभा चुनाव के बाद कितनी बढ़त मिली, यहां समझें आंकड़ा

हाथ में शॉल लिए ममता के दरवाजे पर पहुंचे अखिलेश, दीदी ने किया स्वागत तो बोले-आप हारी नहीं हैं

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। पश्चिम बंगाल से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।