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G-20 में अफ्रीकी संघ के शामिल होने से चीन को लगा झटका, पीएम मोदी ने की थी पैरवी; यूरोपीय यूनियन ने कही ये बात

 Edited By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : Sep 08, 2023 01:12 pm IST,  Updated : Sep 08, 2023 03:57 pm IST

जी-20 में अफ्रीकी संघ को स्थाई सदस्य बनवाने के लिए अधिकांश सदस्यों की सहमति प्राप्त करके भारत ने चीन को बड़ा झटका दिया है। चीन नहीं चाहता था कि भारत की पैरवी पर अफ्रीकी संघ को जी-20 का स्थाई सदस्य बनाया जाए। मगर पीएम मोदी ने ये कर दिखाया है। इससे अफ्रीकी देशों में भारत और मजबूत होगा।

नई दिल्ली में जी-20 की तैयारी का एक दृश्य।- India TV Hindi
नई दिल्ली में जी-20 की तैयारी का एक दृश्य। Image Source : PTI

G-20 की बैठक शुरू होने से पहले भारत एक बार फिर अपना दबदबा दिखाने में कामयाब रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सिफारिश पर अफ्रीकी संघ को जी-20 का स्थाई सदस्य बनाने की सहमति बन गई है। अब जल्द ही औपचारिकताएं पूरी करके अफ्रीकी संघ को भी जी-20 का हिस्सा बना लिया जाएगा। अफ्रीकी संघ के जी-20 में शामिल होने से चीन को बड़ा झटका लगा है। चीन नहीं चाहता था कि अफ्रीकी संघ को भारत की सिफारिश पर जी-20 का स्थाई सदस्य बनाया जाए। क्योंकि इससे भारत की साख अफ्रीकी देशों में और बढ़ जाएगी। वहीं यूरोपीय संघ पीएम मोदी की इस पैरवी के पक्ष में है।

यूरोपीय संघ ने शुक्रवार को कहा कि वह नई दिल्ली में होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन में समूह के स्थायी सदस्य के रूप में अफ्रीकी संघ का स्वागत करने को लेकर उत्साहित है। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल ने भारत की अध्यक्षता में आयोजित हो रहे जी20 शिखर सम्मेलन से एक दिन पहले यह बात कही। मिशेल ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘यूरोपीय संघ जी20 के स्थायी सदस्य के रूप में अफ्रीकी संघ का स्वागत करने को लेकर उत्साहित है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यूरोपीय संघ जी20 में अफ्रीकी संघ को शामिल किए जाने का समर्थन करता है।

पीएम मोदी ने जून में जी-20 नेताओं को अफ्रीकी संघ के लिए लिखी थी चिट्ठी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जून में जी20 नेताओं को पत्र लिखकर नई दिल्ली में होने वाले शिखर सम्मेलन में अफ्रीकी संघ को इस समूह की पूर्ण सदस्यता दिए जाने की पैरवी की थी। इसके कई सप्ताह बाद जुलाई में कर्नाटक के हम्पी में हुई जी20 शेरपा की तीसरी बैठक में इस प्रस्ताव को शिखर सम्मेलन के लिए घोषणापत्र के मसौदे में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। प्रस्ताव पर अंतिम फैसला जी20 शिखर सम्मेलन में लिया जाएगा। अफ्रीकी संघ 55 सदस्य देशों का प्रभावशाली संगठन है, जिसमें अफ्रीकी महाद्वीप के देश शामिल हैं।

यूक्रेन संघर्ष पर यूरोपी संघ ने कही ये बात

यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल ने कहा कि यूक्रेन में निर्दोष नागरिकों पर रूस के हमले जारी हैं। यूरोपीय संघ इस हमले के खिलाफ यूक्रेन का समर्थन करता रहेगा। उन्होंने कहा, ‘‘यूक्रेन संकट पर यूरोपीय संघ की स्थिति बिल्कुल साफ है। हम यूक्रेन के खिलाफ रूस के आक्रमण की निंदा करते हैं। हम यूक्रेन संकट को हल करने के लिए यूक्रेन के राष्ट्रपति के शांति फॉर्मूले का समर्थन करते हैं।’’ यह पूछने पर कि क्या जी20 के नेता यूक्रेन संघर्ष पर मतभेदों के बावजूद घोषणापत्र जारी करेंगे, इस पर यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष ने कहा कि अभी बातचीत चल रही है। (भाषा)

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