Shiv Ji Ki Aarti In Hindi Lyrics: आज महाशिवरात्रि का त्यौहार मनाया जा रहा है। हर साल फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के दिन महाशिवरात्रि का व्रत रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन माता पार्वती के साथ महादेव का विवाह हुआ था। ऐसे में इस दिन विधि-विधान के साथ पूजा करने और व्रत रखने से भोलेनाथ के साथ ही मां गौरी का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है। महाशिवरात्रि के दिन व्रत करने से दांपत्य जीवन सदैव खुशहाल और मधुर रहता है। इसके अलावा जो कुंवारी कन्याएं इस दिन व्रत रखती हैं उन्हें मनचाहा वर की प्राप्ति होती है साथ विवाह में आ रही सभी बाधाएं भी दूर हो जाती हैं। आज के दिन भगवान शिव की पूजा से व्यक्ति को विशेष फलों की प्राप्ति होती है ।
महाशिवरात्रि व्रत के दिन भारत देश में अलग-अलग जगहों पर स्थित बारह ज्योतिर्लिंगों की पूजा का भी विशेष विधान है। कहते हैं आज के दिन जो व्यक्ति बिल्व पत्तियों यानि बेल के पत्तों से शिव जी की पूजा करता है उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती है। महाशिवरात्रि के दिन पूजा-पाठ और उपवास के अलावा भगवान शिव की आरती भी जरूर करें। आरती के बिना भोलेनाथ की पूजा पूर्ण नहीं मानी जाती हैं। तो आइए यहां पढ़ते भगवान शिव की आरती।
जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा॥ ॐ जय शिव॥
एकानन चतुरानन पंचानन राजे।
हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे॥ ॐ जय शिव॥
दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे।
त्रिगुण रूपनिरखता त्रिभुवन जन मोहे॥ ॐ जय शिव॥
अक्षमाला बनमाला रुण्डमाला धारी।
चंदन मृगमद सोहै भाले शशिधारी॥ ॐ जय शिव॥
श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे।
सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे॥ ॐ जय शिव॥
कर के मध्य कमंडलु चक्र त्रिशूल धर्ता।
जगकर्ता जगभर्ता जगसंहारकर्ता॥ ॐ जय शिव॥
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका।
प्रणवाक्षर मध्ये ये तीनों एका॥ ॐ जय शिव॥
काशी में विश्वनाथ विराजत नन्दी ब्रह्मचारी।
नित उठि भोग लगावत महिमा अति भारी॥ ॐ जय शिव॥
त्रिगुण शिवजी की आरती जो कोई नर गावे।
कहत शिवानन्द स्वामी मनवांछित फल पावे॥ ॐ जय शिव॥
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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