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ताइवान को लेकर जापान ने दिया ऐसा बयान कि भड़क गया चीन, कहा- 'लांघी है सीमा'

 Edited By: Amit Mishra
 Published : Nov 24, 2025 12:06 pm IST,  Updated : Nov 24, 2025 12:06 pm IST

चीन और ताइवान के बीच तनातनी जगजाहिर है। चीन हमेशा से ताइवान को लेकर आक्रामक रहा है। चीन ने बार-बार कहा है कि वह सैन्य कार्रवाई से भी पीछे नहीं हटेगा। चलिए इस बीच जानते हैं कि चीन जापान पर क्यों भड़क गया है।

Chinese Foreign Minister Wang Yi- India TV Hindi
Chinese Foreign Minister Wang Yi Image Source : AP

ताइपे: चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा है कि जापान की नई नेता ने ताइवान पर सैन्य हस्तक्षेप संबंधी टिप्पणी करके सीमा लांघ दी है। चीन के विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर एक पोस्ट में कहा गया कि इस माह की शुरुआत में जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची की टिप्पणी ‘स्तब्ध’ करने वाली है कि ताइवान पर चीन की नौसेना की नाकेबंदी या कोई और कार्रवाई जापान की जवाबी सैन्य कार्रवाई का आधार बन सकती है। 

'जापान ने लांघी है सीमा'

चीन के विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘यह स्तब्ध करने वाली बात है कि जापान के मौजूदा नेताओं ने ताइवान मामले में सैन्य हस्तक्षेप की बात करके सार्वजनिक तौर पर गलत संकेत दिया है और ऐसी बातें कही हैं जो उन्हें नहीं कहनी चाहिए थीं और इन सबसे उन्होंने ऐसी सीमा लांघी है जहां तक उन्हें जाना ही नहीं चाहिए था।’’ 

चीन को देना चाहिए जवाब

वांग यी ने कहा कि चीन को जापान की हरकतों का ‘दृढ़ता से जवाब’ देना चाहिए। ताकाइची के बयान के बाद से पिछले कुछ हफ्तों से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। बीजिंग ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को एक पत्र भी भेजा है जिसमें अंतरराष्ट्रीय कानूनों और राजनयिक नियमों के उल्लंघन के लिए ताकाइची की आलोचना की गई है। 

चीन के राष्ट्रपति ने कही थी बड़ी बात

इस बीच यहां यह भी बता दें कि, हाल ही में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ताइवान को लेकर बड़ा बयान दिया था। जिनपिंग ने कहा था कि चीन ताइवान की स्वतंत्रता को लेकर अलगाववादी गतिविधियों और बाहरी हस्तक्षेप का कड़ा विरोध करेगा और राष्ट्रीय संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता की दृढ़ता से रक्षा करेगा। शी ने पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की स्थापना की 76वीं वर्षगांठ मनाने के लिए बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में आयोजित एक समारोह में यह बात कही थी। 

चीन से विभाजित हुआ था ताइवान

चीन और ताइवान का 1949 में गृहयुद्ध के दौरान विभाजन हो गया था जिसके बाद चीन में कम्युनिस्ट पार्टी सत्ता में आई थी। पराजित ‘नेशनलिस्ट पार्टी’ की सेनाएं ताइवान चली गईं, जहां उन्होंने अपनी सरकार स्थापित की। चीनी सेना ताइवान के हवाई और जलक्षेत्र में नियमित रूप से लड़ाकू विमान एवं युद्धपोत भेजती है और हाल के वर्षों में उसने इस क्षेत्र में बड़े सैन्य अभ्यास भी किए हैं। (एपी)

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