इस्लामाबाद: ईरान और अमेरिका के बीच जंग खत्म करने को लेकर चल रही तनातनी में आजकल पाकिस्तान 'अड्डा' बना हुआ है। मामला कुछ हद तक फिल्मी भी हो गया। दरअसल, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची शनिवार को पाकिस्तान से ओमान गए, लेकिन 24 घंटे भी नहीं बीते कि रविवार को फिर से इस्लामाबाद वापस लौट आए। रविवार को ओमान में सुल्तान से मिलने के बाद वो वापस पाकिस्तान आए। कार्यक्रम के अनुसार, अब्बास अराघची इस्लामाबाद में अधिकारियों के साथ बैठक के बाद रूस के लिए रवाना होंगे।
अराघची की टीम का एक हिस्सा ईरान लौटा
दरअसल, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची सबसे पहले पाकिस्तान गए। वहां प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ असीम मुनीर से लंबी बातचीत की। फिर वहां से वो ओमान की राजधानी मस्कट के लिए रवाना हुए। ओमान हमेशा से ईरान और पश्चिमी देशों के बीच एक बिचौलिए का काम करता आया है। अराघची ने वहां ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक से मुलाकात की। इस दौरान, अराघची की टीम का एक हिस्सा उनके साथ आगे जाने के बजाय वापस ईरान लौट गया, ताकि वो ईरान की टॉप लीडरशिप को अब तक की बातचीत का अपडेट दे सकें और आगे के लिए नए निर्देश लेकर आ सकें। अब अराघची मस्कट से वापस इस्लामाबाद आ गए हैं। वहां पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर के साथ डिटेल डिस्कशन कर रहे हैं। प्लान यह है कि फिर वहां से रूस के लिए उड़ान भरेंगे।
ईरान के प्रस्ताव पर ट्रंप का दावा
वहीं, पहले तय था कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के शांति दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जेरेड कुशनर पाकिस्तान जाकर ईरान के नुमाइंदों से नेगोशिएट करेंगे। लेकिन ऐन मौके पर ट्रंप ने यह दौरा रद्द कर दिया। फॉक्स न्यूज से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि बिना किसी नतीजे के वहां बैठकर गप्पे लड़ाने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने साफ कर दिया कि ईरान ने जो प्रस्ताव दिया था, वो अमेरिका को मंजूर नहीं है। ट्रंप ने दावा किया कि उनके दौरा रद्द करने के महज 10 मिनट के अंदर ही ईरान की तरफ से एक नया और बहुत बेहतर प्रस्ताव आ गया।
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