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'मेरा तोहफा मेरी मर्ज़ी'... Imran Khan ने यूं लगाई सरकारी खजाने में सेंध, तोहफे में मिली महंगी घड़ियों को बेच कमाए करोड़ों; खुलासा

 Edited By: Malaika Imam
 Published : Jun 29, 2022 08:51 pm IST,  Updated : Jun 29, 2022 08:51 pm IST

Pakistan News: मीडिया में आई एक खबर से ये खुलासा हुआ है कि इमरान खान ने दूसरे देश के नेताओं से तोहफे में मिली तीन महंगी घड़ियों को अवैध तरीके से बेचकर 3.6 करोड़ रुपये कमाए।

Imran Khan- India TV Hindi
Imran Khan Image Source : FILE PHOTO

Highlights

  • तीन घड़ियों को बेचकर 3.6 करोड़ कमाए
  • रत्न जड़ित इन घड़ियों की कीमत 15.4 करोड़
  • सबसे महंगी घड़ी की कीमत 10.1 करोड़ थी

Pakistan News: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान एक के बाद एक आरोपों में घिरते जा रहे हैं। अब उन पर विदेशी नेताओं मिले तोहफे बेचने का आरोप लगा है। दरअसल, पाकिस्तान में बुधवार को मीडिया में आई एक खबर से ये खुलासा हुआ है कि इमरान खान ने दूसरे देश के नेताओं से तोहफे में मिली तीन महंगी घड़ियों को अवैध तरीके से बेचकर 3.6 करोड़ रुपये कमाए।

जियो न्यूज़ के साथ शेयर किए गए आधिकारिक जांच विवरण के मुताबिक, इमरान खान ने प्रधानमंत्री रहने के दौरान इन रत्न जड़ित कीमती घड़ियों से करोड़ों रुपये कमाए हैं, जिनकी कुल कीमत 15.4 करोड़ रुपये है। खबर में कहा गया है कि सबसे महंगी घड़ी की कीमत 10.1 करोड़ रुपये थी, जिसे पूर्व प्रधानमंत्री ने उसकी कीमत का 20 फीसदी देकर अपने पास रखा है। 

उपहार को सरकारी खजाने में जमा कराना होता है

इससे पहले इमरान खान की सरकार ने 'तोशाखाना' नियमों में बदलाव किया था और तय किया था कि तोहफे की मूल कीमत का 50 फीसदी का भुगतान करके उसे अपने पास रखा जा सकता है। पाकिस्तान के कानून के मुताबिक, विदेशी नेताओं से मिलने वाले किसी भी उपहार को सरकारी खजाने में जमा कराना होता है।

20 फीसदी सरकारी खजाने में जमा करा दिया

खबर में दस्तावेजों और बिक्री की रसीदों के हवाले से कहा गया है कि तोशाखाने से अपने पैसे से इन कीमती घड़ियों को खरीदने के बजाय पूर्व क्रिकेटर ने पहले घड़ियों को बेचा और हर घड़ी के मूल्य का 20 फीसदी सरकारी खजाने में जमा करा दिया। जाहिर तौर पर तोहफों को कभी भी तोशाखाने में जमा नहीं कराया गया। किसी भी सरकारी अधिकारी के लिए जरूरी है कि वह उसे मिले तोहफे के बारे में फौरन सूचना दे, ताकि उसकी कीमत का आकलन किया जा सके। अगर कोई अधिकारी उपहार को अपने पास रखना चाहता है, तो वह पहले उसे जमा कराए और फिर उसकी निश्चित कीमत अदा कर उसे ले सकता है। 

एक घड़ी को 22 जनवरी 2019 को बेचा गया

तोशाखाना के दस्तावेजों से पता चलता है कि खान ने इन महंगी घड़ियों को बेचकर 3.6 करोड़ रुपये कमाए हैं, जो खाड़ी के मित्र राष्ट्रों ने उन्हें दी थीं। एक घड़ी को 22 जनवरी 2019 को बेचा गया। इससे पहले तब की पीटीआई सरकार ने नियमों में संशोधन किया था और किसी भी उपहार को अपने पास रखने की कीमत उसके निर्धारित मूल्य के 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत तय की थी। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी (पीटीआई) के प्रमुख 69 वर्षीय खान ने पहले पत्रकारों से साथ अनौपचारिक बातचीत के दौरान इस बाबत कहा था, "मेरा तोहफा मेरी मर्ज़ी।"

'तोशाखाने के तोहफे दुबई में 14 करोड़ में बेचे'

यह मामला तब सामने आया था, जब प्रधानंमत्री शहबाज शरीफ ने कहा था कि खान ने अपने कार्यकाल के दौरान तोशाखाने के तोहफे दुबई में 14 करोड़ रुपये में बेच दिए। इस बीच, मौजूदा गठबंधन सरकार पर भ्रष्टाचार का इल्जाम लगाते हुए खान ने मंगलवार को कहा कि मुल्क की अर्थव्यवस्था तभी ठीक हो सकती है, जब जरदारी और शरीफ परिवारों के विदेश में जमा अरबों डॉलर को वापस लाया जाए। पूर्व प्रधानमंत्री ने निष्पक्ष और पारदर्शी आम चुनाव कराने की मांग को दोहराते हुए कहा कि देश को राजनीतिक उथल-पुथल से बाहर निकालने का सिर्फ यही तरीका है। 

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